शंकराचार्य की अपील: गौ रक्षा के लिए आगे आएं, मौन व्रत पर शंकराचार्य- ऑडियो से सुनाया गौ रक्षा का संदेश
मौन व्रत पर होने के कारण जगद्गुरु शंकराचार्य का संदेश ऑडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से सुनाया गया। संदेश में कहा गया कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गौ सेवा को सर्वोच्च पुण्य माना गया है। गौ माता की रक्षा प्रत्येक सनातनी का दायित्व है। उन्होंने मांग की कि गौ माता को पशु सूची से अलग कर उन्हें विशेष दर्जा देने के लिए कानून बनाया जाए। इस दौरान उपस्थित लोगों को गौ रक्षा का संकल्प भी दिलाया गया।
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डॉ. राम मनोहर लोहिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में रविवार देर शाम 81 दिवसीय गविष्ठि गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर गौ संरक्षण और सनातन धर्म के संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से गौ रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया गया।
मौन व्रत पर होने के कारण जगद्गुरु शंकराचार्य का संदेश ऑडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से सुनाया गया। संदेश में कहा गया कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गौ सेवा को सर्वोच्च पुण्य माना गया है। गौ माता की रक्षा प्रत्येक सनातनी का दायित्व है। उन्होंने मांग की कि गौ माता को पशु सूची से अलग कर उन्हें विशेष दर्जा देने के लिए कानून बनाया जाए।
इस दौरान उपस्थित लोगों को गौ रक्षा का संकल्प भी दिलाया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि इटवा की धरती पर शंकराचार्य का आगमन क्षेत्र के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने भी गौ माता को विशेष दर्जा देने संबंधी कानून बनाए जाने की मांग का समर्थन करते हुए लोगों से गौ संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में महामंडलेश्वर अमरेश्वरानंद, सचिव देवेंद्र पांडेय, पंकज पांडेय, सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव, विधायक सैय्यद खातून, अजय चौधरी, बब्लू खान, अभिषेक सिंह, पल्लव पांडेय, ओम छापड़िया, जेपी अग्रहरी, सुरेश पांडेय, उदयभान तिवारी, अजय कुमार, शिवशंकर जायसवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।