{"_id":"60c8e1208ebc3e58a326f254","slug":"sentinel-app-will-help-in-police-investigation-siddharthnagar-news-gkp398228627","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रहरी एप से पुलिस जांच में मिलेगी सहूलियत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रहरी एप से पुलिस जांच में मिलेगी सहूलियत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रहरी एप से पुलिस जांच में मिलेगी सहूलियत
एएसपी ने थानों में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर के साथ की संगोष्ठी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पुलिस लाइंस सभागार में मंगलवार को जिले के सभी थानों पर नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटर की गोष्ठी हुई। इसमें उत्तर प्रदेश पुलिस तकनीकी सेवाएं द्वारा विकसित प्रहरी एप शुरू कर दिया। साथ ही उसकी विशेषता को बताया गया।
एएसपी सुरेशचंद रावत ने कहा कि प्रहरी एप में उपनिरीक्षक व बीट पुलिस कांस्टेबल को उनके मोबाइल फोन में ही एप पर समस्त सूचनाएं मिलेंगी। जैसे चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट, वेरीफिकेशन घरेलू नौकर सत्यापन, शस्त्र प्रार्थना पत्र सत्यापन, एप पर जनता द्वारा अपलोड शिकायती प्रार्थना पत्र इत्यादि ऑनलाइन प्राप्त होंगे। जिन पर ऑनलाइन मौके से ही रिपोर्ट लगाई जा सकेगी। इससे जांच में सहूलियत मिलेगी। साथ ही शस्त्रों की सूची बीटवार उनके फोन में प्रदर्शित होगी। बीटवार अपराधियों की सूची भी फोन में ही प्रदर्शित होगी। जिसमें उनके द्वारा मौके से ही उनकी वर्तमान स्थिति एप में ही अंकित की जा सकेगी। इसके अलावा अन्य कार्य उसी एप के जरिए होगा। उन्होंने कहा कि सभी लोग अपनी जिम्मेदारियों का सही से निर्वहन करें। इस क्रम में आपरेटरों ने बताया कि प्लान एप की फीडिंग पूर्ण हो गई है। जनपद के कुल 2603 गांव से प्रत्येक गांव से लगभग 11 व्यक्ति को शामिल गया है। कुल लगभग 28000 व्यक्तियों के सक्रिय मोबाइल नंबर ऐप पर फीड किए जा चुके हैं। जनपद में कहीं से भी कोई भी अधिकारी किसी भी गांव के टीम 11 के व्यक्तियों से कभी भी वार्ता कर सकता है।
विज्ञापन
एएसपी ने थानों में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर के साथ की संगोष्ठी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पुलिस लाइंस सभागार में मंगलवार को जिले के सभी थानों पर नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटर की गोष्ठी हुई। इसमें उत्तर प्रदेश पुलिस तकनीकी सेवाएं द्वारा विकसित प्रहरी एप शुरू कर दिया। साथ ही उसकी विशेषता को बताया गया।
एएसपी सुरेशचंद रावत ने कहा कि प्रहरी एप में उपनिरीक्षक व बीट पुलिस कांस्टेबल को उनके मोबाइल फोन में ही एप पर समस्त सूचनाएं मिलेंगी। जैसे चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट, वेरीफिकेशन घरेलू नौकर सत्यापन, शस्त्र प्रार्थना पत्र सत्यापन, एप पर जनता द्वारा अपलोड शिकायती प्रार्थना पत्र इत्यादि ऑनलाइन प्राप्त होंगे। जिन पर ऑनलाइन मौके से ही रिपोर्ट लगाई जा सकेगी। इससे जांच में सहूलियत मिलेगी। साथ ही शस्त्रों की सूची बीटवार उनके फोन में प्रदर्शित होगी। बीटवार अपराधियों की सूची भी फोन में ही प्रदर्शित होगी। जिसमें उनके द्वारा मौके से ही उनकी वर्तमान स्थिति एप में ही अंकित की जा सकेगी। इसके अलावा अन्य कार्य उसी एप के जरिए होगा। उन्होंने कहा कि सभी लोग अपनी जिम्मेदारियों का सही से निर्वहन करें। इस क्रम में आपरेटरों ने बताया कि प्लान एप की फीडिंग पूर्ण हो गई है। जनपद के कुल 2603 गांव से प्रत्येक गांव से लगभग 11 व्यक्ति को शामिल गया है। कुल लगभग 28000 व्यक्तियों के सक्रिय मोबाइल नंबर ऐप पर फीड किए जा चुके हैं। जनपद में कहीं से भी कोई भी अधिकारी किसी भी गांव के टीम 11 के व्यक्तियों से कभी भी वार्ता कर सकता है।
विज्ञापन