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एसडीएम और अधिवक्ता भिड़े
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 06 Oct 2016 11:01 PM IST
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पुलिस कार्यालय के सामने सड़क पर शरीफ का पुतला फूंकते अधिवक्ता।
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बांसी। एसडीएम कक्ष में हुए विवाद को लेकर गुरुवार को अधिवक्ता और तहसील प्रशासन आमने-सामने हो गए। एक अधिवक्ता ने एसडीएम पर गाली-गलौज और पिटाई का आरोप लगाया है, वहीं एसडीएम ने अधिवक्ता के विरुद्ध कक्ष में घुसकर बदसलूकी की शिकायत की है। दोनों ही पक्षों ने थाने में तहरीर दी है। साथी के समर्थन में लामबंद अधिवक्ताओं ने कोतवाली पहुंचकर विरोध जताया। एसडीएम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर वह देर रात तक थाने में डटे रहे। उन्होंने पुलिस पर प्रशासन के दबाव में हीलाहवाली का भी आरोप लगाया। विवाद को लेकर दोनों पक्षों में तनाव और टकराव की स्थिति बनी हुई है।
घटना अपराह्न करीब सवा तीन बजे की है। एसडीएम एके मिश्र अपने कक्ष में बैठे हुए थे। इस दौरान अधिवक्ता आदित्य प्रकाश त्रिपाठी एक मामले को लेकर वार्ता करने वहां पहुंचे। बताते हैं कि वार्ता के दौरान दोनों के बीच कहा-सुनी होने लगी। अधिवक्ता का आरोप है कि एसडीएम न्यायालय में लंबित पत्रावली किसना बनाम लौटू में पैरवी के लिए गए थे। वह अपना पक्ष रख रहे थे, लेकिन एसडीएम ने राजनीतिक दबाव में उनका पक्ष नहीं सुना और गाली-गलौज देने लगे। होमगार्ड का डंडा छीनकर सिर पर हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई। इस घटना के दौरान कई अधिवक्ता भी मौजूद रहे, जिनकी मदद से उनकी जान बची। उधर, एसडीएम एके मिश्र का कहना है कि 24 सितंबर को पारित एक आदेश में फैसला बदलने के लिए अधिवक्ता उन पर दबाव बना रहे थे। इनकार करने पर गाली-गलौज किया और सामने रखी एक फाइल भी फाड़ दी, जिस पर सुनवाई होनी थी।
इस दौरान पूर्व विधायक लालजी यादव सहित कई अधिकारी भी मौजूद रहे। उधर, विवाद की खबर मिलते ही अधिवक्ता उग्र हो गए। बड़ी तादाद में लामबंद होकर बांसी कोतवाली पहुंचे और एसडीएम के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग करने लगे। उनके साथ विधायक जयप्रताप सिंह भी रहे। अधिवक्ताओं ने पुलिस पर कार्रवाई में हीलाहवाली का आरोप लगाया। देर शाम तक अधिवक्ता कोतवाली परिसर में डटे रहे। तनाव की स्थिति बनी हुई थी। मौके पर सीओ महिपाल पाठक फोर्स समेत डटे रहे। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी बांसी शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि दोनों पक्ष से तहरीर मिली है, विधि संगत कार्रवाई की जाएगी।
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घटना अपराह्न करीब सवा तीन बजे की है। एसडीएम एके मिश्र अपने कक्ष में बैठे हुए थे। इस दौरान अधिवक्ता आदित्य प्रकाश त्रिपाठी एक मामले को लेकर वार्ता करने वहां पहुंचे। बताते हैं कि वार्ता के दौरान दोनों के बीच कहा-सुनी होने लगी। अधिवक्ता का आरोप है कि एसडीएम न्यायालय में लंबित पत्रावली किसना बनाम लौटू में पैरवी के लिए गए थे। वह अपना पक्ष रख रहे थे, लेकिन एसडीएम ने राजनीतिक दबाव में उनका पक्ष नहीं सुना और गाली-गलौज देने लगे। होमगार्ड का डंडा छीनकर सिर पर हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई। इस घटना के दौरान कई अधिवक्ता भी मौजूद रहे, जिनकी मदद से उनकी जान बची। उधर, एसडीएम एके मिश्र का कहना है कि 24 सितंबर को पारित एक आदेश में फैसला बदलने के लिए अधिवक्ता उन पर दबाव बना रहे थे। इनकार करने पर गाली-गलौज किया और सामने रखी एक फाइल भी फाड़ दी, जिस पर सुनवाई होनी थी।
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इस दौरान पूर्व विधायक लालजी यादव सहित कई अधिकारी भी मौजूद रहे। उधर, विवाद की खबर मिलते ही अधिवक्ता उग्र हो गए। बड़ी तादाद में लामबंद होकर बांसी कोतवाली पहुंचे और एसडीएम के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग करने लगे। उनके साथ विधायक जयप्रताप सिंह भी रहे। अधिवक्ताओं ने पुलिस पर कार्रवाई में हीलाहवाली का आरोप लगाया। देर शाम तक अधिवक्ता कोतवाली परिसर में डटे रहे। तनाव की स्थिति बनी हुई थी। मौके पर सीओ महिपाल पाठक फोर्स समेत डटे रहे। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी बांसी शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि दोनों पक्ष से तहरीर मिली है, विधि संगत कार्रवाई की जाएगी।
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