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स्क्रीनिंग कमेटी करेगी सोशल मीडिया की पोस्ट की समीक्षा
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स्क्रीनिंग कमेटी करेगी सोशल मीडिया की पोस्ट की समीक्षा
सिद्धार्थनगर। विधानसभा चुनाव को निर्विवाद और भयमुक्त संपन्न करने के लिए प्रशासन और पुलिस सक्रिय हो गई है। चुनाव में सोशल मीडिया से लेकर जनसंपर्क तक पर निगरानी रहेगी। इसके लिए तहसील स्तर पर टीम का गठन किया गया है। साथ ही मुख्यालय पर एडीएम और एएसपी इस स्क्रीनिंग कमेटी के जिम्मेदार होंगे। स्क्रीनिंग में अचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े साक्ष्य पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
कोरोना के बढ़ते हुए संक्रमण को देखते हुए आयोग ने चुनावी रैली पर रोक लगा दी है। प्रचार का माध्यम सोशल मीडिया और जनसंपर्क रहेगा। इसमें भी कोरोना गाइडलाइन का ध्यान देना अनिवार्य है। वहीं प्रचार में कोई किसी धर्म, जाति, संप्रदाय या वर्ग के व्यक्तियों को ठेस पहुंचाने वाले वक्तव्य न दें। इस पर विशेष निगरानी की जाएगी। सोशल मीडिया से लेकर जनसंपर्क और नेताओं की हर बात पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए प्रशासन और पुलिस विभाग की संयुक्त स्क्रीनिंग कमेटी बनाई गई। इसके लिए नोडल एडीएम उमाशंकर सिंह और एएसपी सुरेश चंद रावत हैं।
इसके अलावा तहसील स्तर पर पांच अलग-अलग टीम तैयार की गई है। इन लोगों के पास जो भी आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ी शिकायतें या सोशल मीडिया पर पोस्ट मिलेगाी, उसकी छानबीन होगी। जांच में तथ्य सही पाए जाने पर संबंधित पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इस संबंध में एएसपी सुरेशचंद रावत ने बताया कि स्क्रीनिंग कमेटी बनाई गई है, जो चुनाव प्रचार से जुड़ी सभी बिंदुओं की जांच करेगी।
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सिद्धार्थनगर। विधानसभा चुनाव को निर्विवाद और भयमुक्त संपन्न करने के लिए प्रशासन और पुलिस सक्रिय हो गई है। चुनाव में सोशल मीडिया से लेकर जनसंपर्क तक पर निगरानी रहेगी। इसके लिए तहसील स्तर पर टीम का गठन किया गया है। साथ ही मुख्यालय पर एडीएम और एएसपी इस स्क्रीनिंग कमेटी के जिम्मेदार होंगे। स्क्रीनिंग में अचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े साक्ष्य पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
कोरोना के बढ़ते हुए संक्रमण को देखते हुए आयोग ने चुनावी रैली पर रोक लगा दी है। प्रचार का माध्यम सोशल मीडिया और जनसंपर्क रहेगा। इसमें भी कोरोना गाइडलाइन का ध्यान देना अनिवार्य है। वहीं प्रचार में कोई किसी धर्म, जाति, संप्रदाय या वर्ग के व्यक्तियों को ठेस पहुंचाने वाले वक्तव्य न दें। इस पर विशेष निगरानी की जाएगी। सोशल मीडिया से लेकर जनसंपर्क और नेताओं की हर बात पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए प्रशासन और पुलिस विभाग की संयुक्त स्क्रीनिंग कमेटी बनाई गई। इसके लिए नोडल एडीएम उमाशंकर सिंह और एएसपी सुरेश चंद रावत हैं।
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इसके अलावा तहसील स्तर पर पांच अलग-अलग टीम तैयार की गई है। इन लोगों के पास जो भी आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ी शिकायतें या सोशल मीडिया पर पोस्ट मिलेगाी, उसकी छानबीन होगी। जांच में तथ्य सही पाए जाने पर संबंधित पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इस संबंध में एएसपी सुरेशचंद रावत ने बताया कि स्क्रीनिंग कमेटी बनाई गई है, जो चुनाव प्रचार से जुड़ी सभी बिंदुओं की जांच करेगी।
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