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स्कूलों की चहारदीवारी, फर्श व छत जर्जर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 03 Dec 2017 10:40 PM IST
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school poonchh sector
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बर्डपुर। सरकार की पूरी कोशिश परिषदीय विद्यालयों को सुधारने की है। लेकिन विद्यालयों की हालत में सुधार नहीं आ रहा है। विकास खंड बर्डपुर के विद्यालयों की पहचान चहारदीवारी विहीन व टूटी फर्श से ही की जा सकती है। दर्जनों विद्यालय ऐसे हैं, जहां आज तक चहारदीवारी नहीं बनी और फर्श टूटी हैं। छत से भी पानी टपकता है। नजीर के रूप में क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय मिश्रौलिया है, विद्यालय की चहारदीवारी मई 2016 में ही ढह गई थी और तत्कालीन सीडीओ अखिलेश तिवारी ने डीपीआरओ को पत्र लिखकर ग्राम पंचायत निधि से मरम्मत कराने का आदेश दिया था। मगर आज तक इस विद्यालय की मरम्मत नहीं हो सकी है।
विद्यालय की चहारदीवारी के साथ किचन शेड, फर्श, दीवार की फर्श तक टूट गए हैं। विद्यालय में बच्चों को बैठने में भी दिक्कत होती है। जबकि की विद्यालय में सौ से अधिक बच्चे पढ़ने आते हैं। प्रधानाध्यापक सुषमा जायसवाल ने इसकी कई बार विभाग में शिकायत भी की। लेकिन, जिम्मेदारों की अनदेखी से समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। ऐसे ही विकास खंड क्षेत्र के दर्जनों विद्यालय हैं जहां की फर्श टूटी है। छत भी जर्जर हैं। हल्की सी बारिश में पानी छत टपकती है। विभागीय उदासीनता के कारण समस्या बरकरार है।
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विद्यालय की चहारदीवारी के साथ किचन शेड, फर्श, दीवार की फर्श तक टूट गए हैं। विद्यालय में बच्चों को बैठने में भी दिक्कत होती है। जबकि की विद्यालय में सौ से अधिक बच्चे पढ़ने आते हैं। प्रधानाध्यापक सुषमा जायसवाल ने इसकी कई बार विभाग में शिकायत भी की। लेकिन, जिम्मेदारों की अनदेखी से समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। ऐसे ही विकास खंड क्षेत्र के दर्जनों विद्यालय हैं जहां की फर्श टूटी है। छत भी जर्जर हैं। हल्की सी बारिश में पानी छत टपकती है। विभागीय उदासीनता के कारण समस्या बरकरार है।
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