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मामूली बारिश में विद्यालय बन जाता है टापू
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मामूली बारिश में विद्यालय बन जाता है टापू
फोटो-
खुनियांव ब्लॉक कनिकपुर प्राथमिक विद्यालय में भरा है पानी
अमर उजाला ब्यूरो
इटवा। खुनियांव ब्लॉक प्राथमिक विद्यालय कनिकपुर निर्माण के बाद से ही मामूली बारिश में टापू बन जा रहा है। इसकी वजह से बच्चे विद्यालय नहीं पहुंच पाते हैं। बावजूद इसके जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। ऐसा तब है, जब सरकार प्राथमिक विद्यालयों को कान्वेंट की तरह बनाने पर जोर दे रही है।
क्षेत्र के ग्राम पंचायत इटवा बन का टोला कनिकपुर है। यहां के बच्चों के शिक्षा के लिए प्राथमिक विद्यालय का निर्माण हुआ तो गांव के अभिभावकों का खुशी का ठिकाना नहीं था। मगर अभिभावकों की यह खुशी स्थायित्व नहीं ले सकी। कारण निर्माण के समय विद्यालय परिसर को नीचा रहने दिया गया, जिससे मामूली बारिश होने पर पूरे विद्यालय परिसर में जलभराव हो जाता है। यही नहीं इस विद्यालय के निर्माण के समय से अब तक गेट नहीं बन सका है। जिससे परिसर के सूखा रहने पर विद्यालय लावारिस पशुओं का बसेरा बन जाता है। यही नहीं विद्यालय पर आने-जाने का कोई रास्ता नहीं है। ऐसे में परिसर के सूखने पर बच्चे बाउंड्री लांघकर विद्यालय में प्रवेश करते हैं। एबीएसए खुनियांव शिव कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी है। विभाग को पत्राचार किया गया है। जल्द ही व्यवस्था सुधार जाएगी।
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खुनियांव ब्लॉक कनिकपुर प्राथमिक विद्यालय में भरा है पानी
अमर उजाला ब्यूरो
इटवा। खुनियांव ब्लॉक प्राथमिक विद्यालय कनिकपुर निर्माण के बाद से ही मामूली बारिश में टापू बन जा रहा है। इसकी वजह से बच्चे विद्यालय नहीं पहुंच पाते हैं। बावजूद इसके जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। ऐसा तब है, जब सरकार प्राथमिक विद्यालयों को कान्वेंट की तरह बनाने पर जोर दे रही है।
क्षेत्र के ग्राम पंचायत इटवा बन का टोला कनिकपुर है। यहां के बच्चों के शिक्षा के लिए प्राथमिक विद्यालय का निर्माण हुआ तो गांव के अभिभावकों का खुशी का ठिकाना नहीं था। मगर अभिभावकों की यह खुशी स्थायित्व नहीं ले सकी। कारण निर्माण के समय विद्यालय परिसर को नीचा रहने दिया गया, जिससे मामूली बारिश होने पर पूरे विद्यालय परिसर में जलभराव हो जाता है। यही नहीं इस विद्यालय के निर्माण के समय से अब तक गेट नहीं बन सका है। जिससे परिसर के सूखा रहने पर विद्यालय लावारिस पशुओं का बसेरा बन जाता है। यही नहीं विद्यालय पर आने-जाने का कोई रास्ता नहीं है। ऐसे में परिसर के सूखने पर बच्चे बाउंड्री लांघकर विद्यालय में प्रवेश करते हैं। एबीएसए खुनियांव शिव कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी है। विभाग को पत्राचार किया गया है। जल्द ही व्यवस्था सुधार जाएगी।
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