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Siddharthnagar News: पहाड़ों पर बारिश से नदियों में उफान...बर्डपुर चिल्हिया मार्ग बंद
Tue, 20 Aug 2024 05:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 20 Aug 2024 05:25 AM IST
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बूढ़ी राप्ती, राप्ती और घोघी सहित अन्य नदियों ने 24 घंटे में दिखाए तेवर
नेपाल से आए पानी के कारण बाणगंगा बैराज के सातों गेट खुले, बाढ़ की आहट पर प्रशासन अलर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। नेपाल की पहाड़ियों में मूसलाधार बारिश होने के कारण जिले की सभी नदियां 24 घंटे में ही तेवर दिखाने लगी हैं। जिले से होकर बहने वाली नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। शोहरतगढ़ के तराई क्षेत्र के घरों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है, जबकि बर्डपुर चिल्हिया मार्ग पर पानी चढ़ने से 10 से अधिक गांवों के लोगों का आवागमन बंद कर दिया गया है। नेपाल से आए पानी के कारण बाणगंगा बैराज के सातों गेट खोल दिए गए हैं। बाढ़ की आहट पर प्रशासन भी अलर्ट हो गया है।
शहरी सीमा के पास जमुआर नाले के उफान से बर्डपुर-चिल्हिया मार्ग पर डेढ़ फिट पानी बह रहा है। खतरे को देखते हुए 10 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इस मार्ग पर पानी का चढ़ना स्थानीय लोग नेपाल बारिश से स्थिति बिगड़ने की बात कह रहे हैं। उनका मानना है कि इसका असर अगले दो से तीन दिन में यहां दिखने को मिलेगा। बूढ़ी राप्ती नदी खतरे के निशान से ऊपर है, जबकि घोघी खतरे के निशान तक पहुंच गई है। राप्ती नदी भी तेवर दिखा रही है।
बानगंगा, कूड़ा, घोराही, चरंगहवा, जमुआर, बूढ़ी राप्ती नदी जिले की सीमा में नेपाल से होकर आई है। जबकि, राप्ती नदी बलरामपुर के कुसुम बैराज से होकर डुमरियागंज होते हुए जिले में आई है। ऐसे में नेपाल से आने वाले सैलाब से हर साल तबाही मचती है। जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में नेपाल में भारी बारिश के बाद बाढ़ के हालात उत्तपन्न हो गए थे। डुमरियागंज और शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित रहा। आठ तक दिन बाढ़ का असर रहा। 300 गांव बाढ़ से प्रभावित थे। जबकि, 143 गांव मैरुंड हो गए थे। यह प्रशासन के आंकड़े बता रहे थे।
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लोग अभी एक माह पहले के वाले दर्द से उबरे नहीं थे कि एक बार फिर जिले में बाढ़ का खतरा मड़राने लगा है। वह इसलिए पिछले तीन दिनों से नेपाल में भारी बारिश हो रहा है, जिससे वहां से पानी छोड़ा जा रहा जा रहा है। पानी का असर रविवार को शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के बर्डपुर-चिल्हिया मार्ग पर जमुआर के उफान से पानी चढ़ गया। लगातार जलस्तर बढ़ रहा है, जिसकी वजह से इस 10 किलोमीटर मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक लगभग डेढ़ फिट पानी सड़क पर बह रहा है। राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, जमुआर सहित सात नदियों को जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसमें बूढ़ी राप्ती और जमुआर जिस प्रकार से बढ़ रही है, वह रात तक खतरे को स्तर को पार कर सकती है। नदियों के जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्र के लोग दहशत में है। ढेबरुआ क्षेत्र के मोहनकोला निवासी रमेश, सुनील, भुतहवा निवासी रामप्रकाश ने कहा कि अभी बाढ़ से उबरे नहीं थे कि नदियों के उफान ने फिर दर्द देना शुरू कर दिया है।
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लौसा गांव में घरों में घुसने लगा पानी
शोहरतगढ़। शनिवार रात्रि में हुई तेज बारिश से जमुआर नदी उफान पर है, जिससे लौसा गांव में पानी घुस गया है। कई घरों में पानी घुस गया। और पूरा सिवान की फसल डूब गया है। वहीं चिल्हिया से बर्डपुर जाने मार्ग पर परैया पुल के पास सड़क पर की धारा तेज हो गई। पुलिस प्रशासन ने मार्ग को बंद कर दिया है। लौसा गांव व 132 केबी पवार हाउस में पानी घुस गया है। गांव उमाशंकर, रामलखन, नीबर, नान्हू, हेमराज, राजू आदि के घरों में पानी घुस गया। चिल्हिया से बर्डपुर जाने का मार्ग बंद हो गया। बर्डपुर व गौरा बाजार आने जाने वाले राहगीर व बड़े वाहन मार्ग बदल कर आवाजाही कर रहे। क्षेत्र के गौरा, खम्हारिया, ऊंचडीहवा, फैजपुर, खम्हारिया, बनकटवा नेतपुर, परैया, परसा, मंझरिया, सिसहानिया, महजिदिया, लेदवा शिवपुर, कपिया, गुजरौलिया टेलडीहवा कपियाग्रांट, बढ़गो आदि गांवों के लोगो को आने जाने में समस्या हो रही है। चिल्हिया एसओ दुर्गा प्रसाद ने बताया कि सड़क से पानी हटने के बाद मार्ग चालू कर दिया जाएगा।
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नदियों का जलस्तर मीटर में
नदी खतरे का स्तर रविवार सोमवार
राप्ती 84.900 83.34 84.08
बूढ़ी राप्ती 85.650 85.50 86.14
कूड़ा 83.520 81.669 81.99
घोघी 87.00 86.55 87.00
बानगंगा 93.420 91.80 91.00
जमुआर 84.890 81.23 82.10
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नेपाल से आए पानी के कारण बाणगंगा बैराज के सातों गेट खुले, बाढ़ की आहट पर प्रशासन अलर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। नेपाल की पहाड़ियों में मूसलाधार बारिश होने के कारण जिले की सभी नदियां 24 घंटे में ही तेवर दिखाने लगी हैं। जिले से होकर बहने वाली नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। शोहरतगढ़ के तराई क्षेत्र के घरों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है, जबकि बर्डपुर चिल्हिया मार्ग पर पानी चढ़ने से 10 से अधिक गांवों के लोगों का आवागमन बंद कर दिया गया है। नेपाल से आए पानी के कारण बाणगंगा बैराज के सातों गेट खोल दिए गए हैं। बाढ़ की आहट पर प्रशासन भी अलर्ट हो गया है।
शहरी सीमा के पास जमुआर नाले के उफान से बर्डपुर-चिल्हिया मार्ग पर डेढ़ फिट पानी बह रहा है। खतरे को देखते हुए 10 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इस मार्ग पर पानी का चढ़ना स्थानीय लोग नेपाल बारिश से स्थिति बिगड़ने की बात कह रहे हैं। उनका मानना है कि इसका असर अगले दो से तीन दिन में यहां दिखने को मिलेगा। बूढ़ी राप्ती नदी खतरे के निशान से ऊपर है, जबकि घोघी खतरे के निशान तक पहुंच गई है। राप्ती नदी भी तेवर दिखा रही है।
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बानगंगा, कूड़ा, घोराही, चरंगहवा, जमुआर, बूढ़ी राप्ती नदी जिले की सीमा में नेपाल से होकर आई है। जबकि, राप्ती नदी बलरामपुर के कुसुम बैराज से होकर डुमरियागंज होते हुए जिले में आई है। ऐसे में नेपाल से आने वाले सैलाब से हर साल तबाही मचती है। जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में नेपाल में भारी बारिश के बाद बाढ़ के हालात उत्तपन्न हो गए थे। डुमरियागंज और शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित रहा। आठ तक दिन बाढ़ का असर रहा। 300 गांव बाढ़ से प्रभावित थे। जबकि, 143 गांव मैरुंड हो गए थे। यह प्रशासन के आंकड़े बता रहे थे।
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लोग अभी एक माह पहले के वाले दर्द से उबरे नहीं थे कि एक बार फिर जिले में बाढ़ का खतरा मड़राने लगा है। वह इसलिए पिछले तीन दिनों से नेपाल में भारी बारिश हो रहा है, जिससे वहां से पानी छोड़ा जा रहा जा रहा है। पानी का असर रविवार को शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के बर्डपुर-चिल्हिया मार्ग पर जमुआर के उफान से पानी चढ़ गया। लगातार जलस्तर बढ़ रहा है, जिसकी वजह से इस 10 किलोमीटर मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक लगभग डेढ़ फिट पानी सड़क पर बह रहा है। राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, जमुआर सहित सात नदियों को जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसमें बूढ़ी राप्ती और जमुआर जिस प्रकार से बढ़ रही है, वह रात तक खतरे को स्तर को पार कर सकती है। नदियों के जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्र के लोग दहशत में है। ढेबरुआ क्षेत्र के मोहनकोला निवासी रमेश, सुनील, भुतहवा निवासी रामप्रकाश ने कहा कि अभी बाढ़ से उबरे नहीं थे कि नदियों के उफान ने फिर दर्द देना शुरू कर दिया है।
लौसा गांव में घरों में घुसने लगा पानी
शोहरतगढ़। शनिवार रात्रि में हुई तेज बारिश से जमुआर नदी उफान पर है, जिससे लौसा गांव में पानी घुस गया है। कई घरों में पानी घुस गया। और पूरा सिवान की फसल डूब गया है। वहीं चिल्हिया से बर्डपुर जाने मार्ग पर परैया पुल के पास सड़क पर की धारा तेज हो गई। पुलिस प्रशासन ने मार्ग को बंद कर दिया है। लौसा गांव व 132 केबी पवार हाउस में पानी घुस गया है। गांव उमाशंकर, रामलखन, नीबर, नान्हू, हेमराज, राजू आदि के घरों में पानी घुस गया। चिल्हिया से बर्डपुर जाने का मार्ग बंद हो गया। बर्डपुर व गौरा बाजार आने जाने वाले राहगीर व बड़े वाहन मार्ग बदल कर आवाजाही कर रहे। क्षेत्र के गौरा, खम्हारिया, ऊंचडीहवा, फैजपुर, खम्हारिया, बनकटवा नेतपुर, परैया, परसा, मंझरिया, सिसहानिया, महजिदिया, लेदवा शिवपुर, कपिया, गुजरौलिया टेलडीहवा कपियाग्रांट, बढ़गो आदि गांवों के लोगो को आने जाने में समस्या हो रही है। चिल्हिया एसओ दुर्गा प्रसाद ने बताया कि सड़क से पानी हटने के बाद मार्ग चालू कर दिया जाएगा।
नदियों का जलस्तर मीटर में
नदी खतरे का स्तर रविवार सोमवार
राप्ती 84.900 83.34 84.08
बूढ़ी राप्ती 85.650 85.50 86.14
कूड़ा 83.520 81.669 81.99
घोघी 87.00 86.55 87.00
बानगंगा 93.420 91.80 91.00
जमुआर 84.890 81.23 82.10