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कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, बांधों से रिसाव से सहमे लोग
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कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, बांधों से रिसाव से सहमे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बूढ़ी राप्ती सात दिन से खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इस कारण कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुुंच चुका है या फिर वे पानी से घिरे हुए हैं। राप्ती नदी भी खतरे के निशान को पार कर गई है। दोनों नदियों के लाल निशान पार करने से नदियों के किनारे बने बांधों पर खतरा मंडराने लगा है। कई स्थानों पर रिसाव भी हो रहा है। इससे लोग सहमे हुए हैं।
राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से डुमरियागंज, बांसी में बांधों पर खतरा मंडराने लगा है। महदेवा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, कूड़ा नदी का जलस्तर घटने के साथ ही सेमरा के पास कटान तेज हो गया है। कूड़ा-घोघी बांध के इस कटान स्थल पर बीते वर्ष में कोई भी बचाव एवं मरम्मत कार्य नहीं कराए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है। गदहमरवा के पूर्व प्रधान लड्डन का कहना है कि जब नदी में पानी बढ़ता तब ग्रामीण भयभीत होकर रात में जागने को मजबूर रहते हैं। ग्रामीण धर्मेंद्र, विरेंद्र, अहमद हुसैन, बंशीलाल, राममिलन, दिलिप शर्मा, पप्पू ने बचाव कार्य कराने की मांग की है।
टड़िया बाजार प्रतिनिधि के अनुुसार, विधायक श्यामधनी राही ने जोगिया के कछार क्षेत्र के बाढ़ग्रस्त इलाके का निरीक्षण कर तहसीलदार नौगढ़ को ग्रामीणों की समस्याओं के निदान करने को कहा। बांसी प्रतिनिधि के अनुसार, राप्ती नदी किनारे बने जमींदारी बांध में हो रहा रिसाव अब तक बंद नहीं हुआ है। काफी मशक्कत के बाद एक स्थान पर रिसाव बंद हो रहा है तो दूसरे जगह पर शुरू हो जा रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही की देन है यह बांध पूरी तरह जर्जर है। बरसात शुरू होने से पहले विभागीय अभियंताओं से बांध के मरम्मत की मांग की गई, परंतु जिम्मेदारों ने कोई ध्यान नहीं दिया। अब नदी का जलस्तर बढ़ते ही बांध में कई स्थान पर रिसाव हो रहा है। इंद्रा नगर के सभासद प्रतिनिधि, नीलेश निषाद का कहना है कि बांध में रिसाव की सूचना एसडीएम जग प्रवेश को सूचना देने के बाद बृहस्पतिवार से बचाव कार्य शुरू हुआ है। पहले दो स्थान पर रिसाव हो रहा था अब छह से अधिक स्थानों पर रिसाव हो रहा है। जमींदारी बांध की जर्जर स्थित देख गरगजवा,पिपरहिया, कटहा, व नगर क्षेत्र के इन्द्रा नगर, पटेलनगर व प्रतापनगर वार्ड के लोग सहमे हुए हैं।
राप्ती नदी के उत्तरी छोर बांसी डुमरियागंज बांध में नगर क्षेत्र के पशुपति नगर के पास रिसाव की सूचना पर पहुंचे नगर पालिका अध्यक्ष मो. इदरीश पटवारी ने सिंचाई निर्माण खंड के अवर अभियंता राम दुलारे राव को सूचना देते हुए रिसाव को रोकने का इंतजाम करने को कहा।
डुमरियागंज प्रतिनिधि के अनुसार, तहसील क्षेत्र में राप्ती के बढ़ते जलस्तर से नदी से सटे गांव के मार्ग जलमग्न होने के साथ ही खेत में खड़ी फसल भी पानी में डूब गई है। बगाहवा, मुआकिलपुर उर्फ गुलहरिया के सिवान में चार दिन से पानी भरने और गुलहरिया गांव के सिवान में शाहपुर-भोजपुर बांध में रिसाव होने से दोनों गांव के किसान सहमे हुए हैं। किसान पप्पू यादव, रियाज मलिक, अबू तलहा, फूलचंद यादव, मोटे बाबा, जग नारायण, रमजान अली, गोली आदि ने बताया कि उनकी धान की फसल पानी में डूबकर नष्ट हो गयी। विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बाढ़ग्रस्त गांव पेड़रियाजीत, भरवाठिया मुस्तहकम, वीरपुर एहतमाली, पिकौरा आदि गांव में जाकर बाढ़ प्रभावित लोगों से मिलकर हालात जाने और उनकी समस्याएं सुनी। डुमरियागंज एसडीएम त्रिभुवन ने बताया कि तहसील स्तर पर राजस्व, पुलिस, विकास, स्वास्थ विभाग एवं पूर्ति विभाग का एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। तहसील के 50 से अधिक गांव बाढ़ ग्रस्त हैं। जिसके लिए चार मोटरबोट, 10 तहसील स्तरीय और गांव स्तर पर 209 नाव लगी हुई है।
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नदियों का जलस्तर (मीटर में)
नदी- लाल निशान- बृहस्पतिवार -शुक्रवार
बानगंगा 93.420 - 91.40- 91.20
जमुआर 84.89 - 84.10 84.00
राप्ती 84.900 - 85.060 85.170
बूढ़ी राप्ती 85.650 - 86.690 86.610
कूड़ा 83.520 - 83.570 83.510
तेलार 87.20 86.40 85.90
घोघी 87.000- 86.55 85.90
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बूढ़ी राप्ती सात दिन से खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इस कारण कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुुंच चुका है या फिर वे पानी से घिरे हुए हैं। राप्ती नदी भी खतरे के निशान को पार कर गई है। दोनों नदियों के लाल निशान पार करने से नदियों के किनारे बने बांधों पर खतरा मंडराने लगा है। कई स्थानों पर रिसाव भी हो रहा है। इससे लोग सहमे हुए हैं।
राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से डुमरियागंज, बांसी में बांधों पर खतरा मंडराने लगा है। महदेवा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, कूड़ा नदी का जलस्तर घटने के साथ ही सेमरा के पास कटान तेज हो गया है। कूड़ा-घोघी बांध के इस कटान स्थल पर बीते वर्ष में कोई भी बचाव एवं मरम्मत कार्य नहीं कराए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है। गदहमरवा के पूर्व प्रधान लड्डन का कहना है कि जब नदी में पानी बढ़ता तब ग्रामीण भयभीत होकर रात में जागने को मजबूर रहते हैं। ग्रामीण धर्मेंद्र, विरेंद्र, अहमद हुसैन, बंशीलाल, राममिलन, दिलिप शर्मा, पप्पू ने बचाव कार्य कराने की मांग की है।
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टड़िया बाजार प्रतिनिधि के अनुुसार, विधायक श्यामधनी राही ने जोगिया के कछार क्षेत्र के बाढ़ग्रस्त इलाके का निरीक्षण कर तहसीलदार नौगढ़ को ग्रामीणों की समस्याओं के निदान करने को कहा। बांसी प्रतिनिधि के अनुसार, राप्ती नदी किनारे बने जमींदारी बांध में हो रहा रिसाव अब तक बंद नहीं हुआ है। काफी मशक्कत के बाद एक स्थान पर रिसाव बंद हो रहा है तो दूसरे जगह पर शुरू हो जा रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही की देन है यह बांध पूरी तरह जर्जर है। बरसात शुरू होने से पहले विभागीय अभियंताओं से बांध के मरम्मत की मांग की गई, परंतु जिम्मेदारों ने कोई ध्यान नहीं दिया। अब नदी का जलस्तर बढ़ते ही बांध में कई स्थान पर रिसाव हो रहा है। इंद्रा नगर के सभासद प्रतिनिधि, नीलेश निषाद का कहना है कि बांध में रिसाव की सूचना एसडीएम जग प्रवेश को सूचना देने के बाद बृहस्पतिवार से बचाव कार्य शुरू हुआ है। पहले दो स्थान पर रिसाव हो रहा था अब छह से अधिक स्थानों पर रिसाव हो रहा है। जमींदारी बांध की जर्जर स्थित देख गरगजवा,पिपरहिया, कटहा, व नगर क्षेत्र के इन्द्रा नगर, पटेलनगर व प्रतापनगर वार्ड के लोग सहमे हुए हैं।
राप्ती नदी के उत्तरी छोर बांसी डुमरियागंज बांध में नगर क्षेत्र के पशुपति नगर के पास रिसाव की सूचना पर पहुंचे नगर पालिका अध्यक्ष मो. इदरीश पटवारी ने सिंचाई निर्माण खंड के अवर अभियंता राम दुलारे राव को सूचना देते हुए रिसाव को रोकने का इंतजाम करने को कहा।
डुमरियागंज प्रतिनिधि के अनुसार, तहसील क्षेत्र में राप्ती के बढ़ते जलस्तर से नदी से सटे गांव के मार्ग जलमग्न होने के साथ ही खेत में खड़ी फसल भी पानी में डूब गई है। बगाहवा, मुआकिलपुर उर्फ गुलहरिया के सिवान में चार दिन से पानी भरने और गुलहरिया गांव के सिवान में शाहपुर-भोजपुर बांध में रिसाव होने से दोनों गांव के किसान सहमे हुए हैं। किसान पप्पू यादव, रियाज मलिक, अबू तलहा, फूलचंद यादव, मोटे बाबा, जग नारायण, रमजान अली, गोली आदि ने बताया कि उनकी धान की फसल पानी में डूबकर नष्ट हो गयी। विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बाढ़ग्रस्त गांव पेड़रियाजीत, भरवाठिया मुस्तहकम, वीरपुर एहतमाली, पिकौरा आदि गांव में जाकर बाढ़ प्रभावित लोगों से मिलकर हालात जाने और उनकी समस्याएं सुनी। डुमरियागंज एसडीएम त्रिभुवन ने बताया कि तहसील स्तर पर राजस्व, पुलिस, विकास, स्वास्थ विभाग एवं पूर्ति विभाग का एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। तहसील के 50 से अधिक गांव बाढ़ ग्रस्त हैं। जिसके लिए चार मोटरबोट, 10 तहसील स्तरीय और गांव स्तर पर 209 नाव लगी हुई है।
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नदियों का जलस्तर (मीटर में)
नदी- लाल निशान- बृहस्पतिवार -शुक्रवार
बानगंगा 93.420 - 91.40- 91.20
जमुआर 84.89 - 84.10 84.00
राप्ती 84.900 - 85.060 85.170
बूढ़ी राप्ती 85.650 - 86.690 86.610
कूड़ा 83.520 - 83.570 83.510
तेलार 87.20 86.40 85.90
घोघी 87.000- 86.55 85.90