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Siddharthnagar News: काला नामक चावल ने इटली को भी महकाया, बढ़ी मांग
Fri, 16 Feb 2024 12:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 16 Feb 2024 12:49 AM IST
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नौ दिवसीय इटली मेले में कालानमक चावल की खूब हुई सराहना, बढ़ी डिमांड
प्रतिबंध हटे तो सिद्धार्थनगर के किसानों को कालानमक चावल का मिलेगा उचित दाम
राहुल त्रिपाठी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। इटली में संपन्न हुई आर्टजन मेला में बुद्ध भूमि के कालानमक चावल को भी प्रदर्शनी में शामिल होने का मौका मिला। वहां के लोगों ने काला नमक चावल की विशेषता को जानकर उसे खूब पसंद किया और सराहा। प्रतिबंध लगने से लोगों ने चावल मिलने में असमर्थता जताई गई।
इटली के मिलान शहर में आयोजित मेले में भाग लेने वाले सिद्धार्थनगर के विजय कुमार मिश्रा ने बताया कि भारत सरकार के पास इटली ने अपने उत्पाद को प्रदर्शनी में लगाने के लिए निमंत्रण भेजा था। भारत से प्रदर्शनी लगाने के लिए तीन अलग अलग बंगाल, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश से लोगों का चयन हुआ था। इसमें उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर से काला नमक चावल को विजय कुमार मिश्रा लेकर शामिल थे। विजय के अनुसार इटली के मिलाने में आए लोगों ने कालानमक चावल को बहुत पसंद किया। सबसे ज्यादा उसकी महक ने लोगों को आकर्षित किया। पूरे मेले में कालानमक चावल की तारीफ हो रही थी।
विजय कुमार मिश्रा ने बताया कि मेले में भारत का प्रतिनिधित्व करना गर्व का विषय रहा। इस दौरान भारतीय उच्चायुक्त का भी भरपूर सहयोग एवं समर्थन मिला। उन्होंने विदेशी और भारतीय मेहमानों से परिचय करवाया। चावल की खूबियों की जानकारी ली और लोगों को भी बताया। भारतीय उच्चायुक्त नीना मल्होत्रा को चावल उपहार स्वरूप भेंट किया गया। इससे लोगों में काला नमक चावल को लेकर विशेष उत्सुकता व मांग रही। चावल की गुणवत्ता विदेशी मेहमानों को इतना पसंद आया कि उन्होंने वहीं पर आर्डर देना शुरु कर दिया। लेकिन लोगों को बताना पड़ा कि भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित होने के कारण इस चावल का निर्यात नहीं किया जा सकता है। लेकिन वहां मौजूद लोग चावल लेने के लिए लालायित थे। काला नमक का सभी सेंपल विदेश के लोगों ने ले लिया। उन्होंने कहा कि विदेश प्रतिबंध हटने या कोई वैकल्पिक व्यवस्था हो जाए तो कालानमक चावल को विदेश में भी भेजा जा सकता है। इससे जिले में कालानमक चावल का उत्पाद करने वाले किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा।
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चावलों पर प्रतिबंध हटे तो किसानों को मिले लाभ
सिद्धार्थनगर। भारत से बासमती के अलावा अन्य चावलों पर विदेश भेजने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। लेकिन इटली के मिलान में आयोजित मेले में कालानमक चावल की खूब डिमांड रही। लेकिन प्रतिबंध होने से विदेशियों को चावल देने में असमर्थता जताई गई। हालांकि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से कालानमक चावल पर विदेश भेजने वाले प्रतिबंध को हटाने के लिए मांग की है। ऐसे में यदि काला नमक चावल पर से प्रतिबंध हटा तो किसानों को चावल बेचने में सुगमता होगी। चावल की डिमांड भी बढ़ेगा। किसान और जिले को एक नई पहचान मिलेगी। संवाद
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प्रतिबंध हटे तो सिद्धार्थनगर के किसानों को कालानमक चावल का मिलेगा उचित दाम
राहुल त्रिपाठी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। इटली में संपन्न हुई आर्टजन मेला में बुद्ध भूमि के कालानमक चावल को भी प्रदर्शनी में शामिल होने का मौका मिला। वहां के लोगों ने काला नमक चावल की विशेषता को जानकर उसे खूब पसंद किया और सराहा। प्रतिबंध लगने से लोगों ने चावल मिलने में असमर्थता जताई गई।
इटली के मिलान शहर में आयोजित मेले में भाग लेने वाले सिद्धार्थनगर के विजय कुमार मिश्रा ने बताया कि भारत सरकार के पास इटली ने अपने उत्पाद को प्रदर्शनी में लगाने के लिए निमंत्रण भेजा था। भारत से प्रदर्शनी लगाने के लिए तीन अलग अलग बंगाल, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश से लोगों का चयन हुआ था। इसमें उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर से काला नमक चावल को विजय कुमार मिश्रा लेकर शामिल थे। विजय के अनुसार इटली के मिलाने में आए लोगों ने कालानमक चावल को बहुत पसंद किया। सबसे ज्यादा उसकी महक ने लोगों को आकर्षित किया। पूरे मेले में कालानमक चावल की तारीफ हो रही थी।
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विजय कुमार मिश्रा ने बताया कि मेले में भारत का प्रतिनिधित्व करना गर्व का विषय रहा। इस दौरान भारतीय उच्चायुक्त का भी भरपूर सहयोग एवं समर्थन मिला। उन्होंने विदेशी और भारतीय मेहमानों से परिचय करवाया। चावल की खूबियों की जानकारी ली और लोगों को भी बताया। भारतीय उच्चायुक्त नीना मल्होत्रा को चावल उपहार स्वरूप भेंट किया गया। इससे लोगों में काला नमक चावल को लेकर विशेष उत्सुकता व मांग रही। चावल की गुणवत्ता विदेशी मेहमानों को इतना पसंद आया कि उन्होंने वहीं पर आर्डर देना शुरु कर दिया। लेकिन लोगों को बताना पड़ा कि भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित होने के कारण इस चावल का निर्यात नहीं किया जा सकता है। लेकिन वहां मौजूद लोग चावल लेने के लिए लालायित थे। काला नमक का सभी सेंपल विदेश के लोगों ने ले लिया। उन्होंने कहा कि विदेश प्रतिबंध हटने या कोई वैकल्पिक व्यवस्था हो जाए तो कालानमक चावल को विदेश में भी भेजा जा सकता है। इससे जिले में कालानमक चावल का उत्पाद करने वाले किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा।
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चावलों पर प्रतिबंध हटे तो किसानों को मिले लाभ
सिद्धार्थनगर। भारत से बासमती के अलावा अन्य चावलों पर विदेश भेजने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। लेकिन इटली के मिलान में आयोजित मेले में कालानमक चावल की खूब डिमांड रही। लेकिन प्रतिबंध होने से विदेशियों को चावल देने में असमर्थता जताई गई। हालांकि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से कालानमक चावल पर विदेश भेजने वाले प्रतिबंध को हटाने के लिए मांग की है। ऐसे में यदि काला नमक चावल पर से प्रतिबंध हटा तो किसानों को चावल बेचने में सुगमता होगी। चावल की डिमांड भी बढ़ेगा। किसान और जिले को एक नई पहचान मिलेगी। संवाद