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एक बार पंजीयन से श्रमिक पा सकेंगे सरकार की 13 योजनाओं का लाभ
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एक बार पंजीकरण कराएं, 13 योजनाओं का लाभ पाएं
एक बार पंजीकरण से श्रमिकों को मिलेगा 13 योजनाओं का लाभ
श्रम विभाग में पंजीकरण कराकर श्रमिक उठा सकते हैं लाभ
नजदीक के जन सुविधा केंद्र पर जाकर कर सकते हैं आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मजदूरी करके गुजर-बसर करने वाले श्रमिकों के लिए अच्छी खबर है। सरकार श्रमिकों के लिए कार्यक्षेत्र से लेकर परिवार के पालन पोषण तक ही नहीं अंतिम संस्कार तक हर कदम पर मदद कर रही है। बेटी की पढ़ाई और शादी के लिए आर्थिक सहायता देगी। यह सुविधाएं पाने के लिए श्रमिकों को श्रम विभाग में पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के साथ ही श्रमिक और उसके परिवार को सरकार की 13 कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। पंजीकरण कराने के लिए भागदौड़ नहीं करनी होगी। श्रमिक अपने नजदीकी जन सुविधा केंद्र पर पंजीकरण करा सकते हैं।
इन योजनाओं का मिलेगा लाभ
श्रम विभाग में पंजीकृत होने के बाद श्रमिक को मातृत्व शिशु एवं बालिका योजना, संत रविदास शिक्षा सहायता योजना, मेधावी छात्र पुरस्कार योजना, कौशल विकास तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना, पुत्री विवाह सहायता योजना, आवास सहायता योजना, शौचालय सहायता योजना (आवास योजना के तहत), चिकित्सा सुविधा योजना, महात्मा गांधी पेंशन योजना, गंभीर बीमारी सहायता योजना, निर्माण कामगार मृत्यु विकलांगता सहायता एवं अक्षमता पेंशन योजना, निर्माण कामगार अंत्येष्टि सहायता योजना और अक्षमता पेंशन योजना का लाभ मिलेगा।
31 मार्च तक कर सकेंगे पंजीकरण और नवीनीकरण
जो श्रमिक विभाग में पहले से पंजीकरण करा चुके हैं और जो लोग अभी तक पंजीकृत नहीं है। वह 31 मार्च 2021 तक श्रम विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण करा सकते हैं। इसके बाद आवेदन नहीं हो सकेगा और योजना के लाभ से वंचित हो जाएंगे।
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पंजीयन के लिए यह दस्तावेज जरूरी
श्रमिकों को पंजीयन के लिए श्रमिक पंजीयन कार्ड, आधार कार्ड की छाया प्रति, बैंक पासबुक की छाया प्रति, एक पासपोर्ट साइज फोटो के साथ कार्य का अनुभाव प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य है। तभी विभागीय पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे। श्रमिक को पंजीयन के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। वह नजदीक के जन सुविधा केंद्र या फिर खुद विभाग के पोर्टल पर अंग्रेजी यूपीवीओसीडब्लू.एन पर जाकर कर आवेदन सकते हैं।
श्रम विभाग में पंजीकृत हैं पांच हजार श्रमिक
आंकड़ों के आधार पर जिले में श्रम विभाग में निर्माण सहित अन्य क्षेत्रों से जुड़े लगभग पांच हजार श्रमिक पंजीकृत हैं। जो पूर्व से चल रही सरकार की योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
जिले में इतनी संख्या में हैं मनरेगा मजदूर
आंकड़ों के अनुसार जिले में 420604 मजदूर हैं। अगर योजना में इन्हें जोड़ा जाए तो लाभ के हकदार यह भी होंगे। इसमें खुनियांव ब्लॉक में 30874, इटवा 32855, भनवापुर 42323, बढ़नी 37754, शोहरतगढ़ 26513, बर्डपुर 24030, नौगढ़ 26801, जोगिया 23068, उसका बाजार 16060, डुमरियागंज 43623, बांसी 30891, मिठवल 34646 खेसरहा 42200, लोटन 17966 जाबकार्ड धारक मजदूर हैं।
18 से 60 वर्ष के लोग कर सकेंगे आवेदन
श्रमिक विभाग में पंजीयन कराने के लिए आयु सीमा निर्धारित की गई है। 18 से 60 वर्ष की आयु सीमा के बीच का श्रमिक योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन कर सकेगा।
90 दिन कार्य करना जरूरी
योजना का लाभ पाने के लिए वर्ष में कम से कम 90 दिन कार्य करना जरूरी है। कार्य को प्रमाणित करने के लिए श्रमिक का विभाग के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा कि उसने इतना दिन कार्य किया है। केवल पंजीयन करा लेने से लाभ नहीं मिलेगा।
कार्य स्थान का प्रमाण-पत्र होगा मान्य
श्रमिक को पंजीयन कराने के लिए कार्य का प्रमाण-पत्र देना होगा। यह प्रमाण-पत्र कार्यस्थल के ठेकेदार से लिखा सकता है, मनरेगा में कार्य कर रहा है तो जाबकार्ड और प्रमाण पत्र के रूप में प्रस्तुत कर सकता है।
अधिक से अधिक श्रमिक विभाग में पंजीकरण कराएं। इसके लिए अभियान चलाकर उन्हें जागरूक किया जा रहा है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मौजूदा समय में यहां लगभग 58 हजार श्रमिक पंजीकृत हैं। लॉकडाउन के बाद 18 हजार से अधिक श्रमिकों ने श्रम विभाग में पंजीकरण कराया है।
- लीलाधर, श्रम प्रवर्तन अधिकारी
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एक बार पंजीकरण से श्रमिकों को मिलेगा 13 योजनाओं का लाभ
श्रम विभाग में पंजीकरण कराकर श्रमिक उठा सकते हैं लाभ
नजदीक के जन सुविधा केंद्र पर जाकर कर सकते हैं आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मजदूरी करके गुजर-बसर करने वाले श्रमिकों के लिए अच्छी खबर है। सरकार श्रमिकों के लिए कार्यक्षेत्र से लेकर परिवार के पालन पोषण तक ही नहीं अंतिम संस्कार तक हर कदम पर मदद कर रही है। बेटी की पढ़ाई और शादी के लिए आर्थिक सहायता देगी। यह सुविधाएं पाने के लिए श्रमिकों को श्रम विभाग में पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के साथ ही श्रमिक और उसके परिवार को सरकार की 13 कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। पंजीकरण कराने के लिए भागदौड़ नहीं करनी होगी। श्रमिक अपने नजदीकी जन सुविधा केंद्र पर पंजीकरण करा सकते हैं।
इन योजनाओं का मिलेगा लाभ
श्रम विभाग में पंजीकृत होने के बाद श्रमिक को मातृत्व शिशु एवं बालिका योजना, संत रविदास शिक्षा सहायता योजना, मेधावी छात्र पुरस्कार योजना, कौशल विकास तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना, पुत्री विवाह सहायता योजना, आवास सहायता योजना, शौचालय सहायता योजना (आवास योजना के तहत), चिकित्सा सुविधा योजना, महात्मा गांधी पेंशन योजना, गंभीर बीमारी सहायता योजना, निर्माण कामगार मृत्यु विकलांगता सहायता एवं अक्षमता पेंशन योजना, निर्माण कामगार अंत्येष्टि सहायता योजना और अक्षमता पेंशन योजना का लाभ मिलेगा।
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31 मार्च तक कर सकेंगे पंजीकरण और नवीनीकरण
जो श्रमिक विभाग में पहले से पंजीकरण करा चुके हैं और जो लोग अभी तक पंजीकृत नहीं है। वह 31 मार्च 2021 तक श्रम विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण करा सकते हैं। इसके बाद आवेदन नहीं हो सकेगा और योजना के लाभ से वंचित हो जाएंगे।
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पंजीयन के लिए यह दस्तावेज जरूरी
श्रमिकों को पंजीयन के लिए श्रमिक पंजीयन कार्ड, आधार कार्ड की छाया प्रति, बैंक पासबुक की छाया प्रति, एक पासपोर्ट साइज फोटो के साथ कार्य का अनुभाव प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य है। तभी विभागीय पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे। श्रमिक को पंजीयन के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। वह नजदीक के जन सुविधा केंद्र या फिर खुद विभाग के पोर्टल पर अंग्रेजी यूपीवीओसीडब्लू.एन पर जाकर कर आवेदन सकते हैं।
श्रम विभाग में पंजीकृत हैं पांच हजार श्रमिक
आंकड़ों के आधार पर जिले में श्रम विभाग में निर्माण सहित अन्य क्षेत्रों से जुड़े लगभग पांच हजार श्रमिक पंजीकृत हैं। जो पूर्व से चल रही सरकार की योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
जिले में इतनी संख्या में हैं मनरेगा मजदूर
आंकड़ों के अनुसार जिले में 420604 मजदूर हैं। अगर योजना में इन्हें जोड़ा जाए तो लाभ के हकदार यह भी होंगे। इसमें खुनियांव ब्लॉक में 30874, इटवा 32855, भनवापुर 42323, बढ़नी 37754, शोहरतगढ़ 26513, बर्डपुर 24030, नौगढ़ 26801, जोगिया 23068, उसका बाजार 16060, डुमरियागंज 43623, बांसी 30891, मिठवल 34646 खेसरहा 42200, लोटन 17966 जाबकार्ड धारक मजदूर हैं।
18 से 60 वर्ष के लोग कर सकेंगे आवेदन
श्रमिक विभाग में पंजीयन कराने के लिए आयु सीमा निर्धारित की गई है। 18 से 60 वर्ष की आयु सीमा के बीच का श्रमिक योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन कर सकेगा।
90 दिन कार्य करना जरूरी
योजना का लाभ पाने के लिए वर्ष में कम से कम 90 दिन कार्य करना जरूरी है। कार्य को प्रमाणित करने के लिए श्रमिक का विभाग के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा कि उसने इतना दिन कार्य किया है। केवल पंजीयन करा लेने से लाभ नहीं मिलेगा।
कार्य स्थान का प्रमाण-पत्र होगा मान्य
श्रमिक को पंजीयन कराने के लिए कार्य का प्रमाण-पत्र देना होगा। यह प्रमाण-पत्र कार्यस्थल के ठेकेदार से लिखा सकता है, मनरेगा में कार्य कर रहा है तो जाबकार्ड और प्रमाण पत्र के रूप में प्रस्तुत कर सकता है।
अधिक से अधिक श्रमिक विभाग में पंजीकरण कराएं। इसके लिए अभियान चलाकर उन्हें जागरूक किया जा रहा है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मौजूदा समय में यहां लगभग 58 हजार श्रमिक पंजीकृत हैं। लॉकडाउन के बाद 18 हजार से अधिक श्रमिकों ने श्रम विभाग में पंजीकरण कराया है।
- लीलाधर, श्रम प्रवर्तन अधिकारी