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आरईडी की कार्यप्रणाली पर जिलाधिकारी खफा
Siddharth Nagar
Updated Fri, 17 Jun 2016 11:58 PM IST
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जिला परियोजना प्रबंध इकाई की बैठक विकास भवन सभागार में हुई।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला परियोजना प्रबंध इकाई की बैठक शुक्रवार को विकास भवन सभागार में हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय ने अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को कार्ययोजना के अनुसार कार्यदायी संस्था को दी गई धनराशि के संबंध में संस्थावार रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया।
वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त परियोजनाओं के प्रगति की समीक्षा, उपभोग प्रमाण पत्र, आडिट रिपोर्ट, बीआरजीएफ योजना के तहत नोडल खाते व कार्यदाई संस्थाओं के स्तर पर अवशेष ब्याज व बचत की धनराशि आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बीआरजीएफ योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 में 218 लंबित कार्यों में से 106 कार्य पूर्ण बताए गए। 112 कार्यो में 43 कार्य चालू ही नहीं हो पाए।
इसमें 42 कार्य आरईडी के हैं। इस संबंध में डीएम ने सीडीओ से संबंधित अफसरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा। डीएम ने 25 कार्यों को जनपद स्तर पर नामित समितियों से जांच न कराए जाने के कारण संबंधित परियोजनाओं पर किए गए व्यय को अपव्यय मानते हुए एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया।
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सीडीओ अखिलेश तिवारी ने सभी बीडीओ, नगर पंचायत व समाज कल्याण निगम को बीआरजीएफ योजना के तहत अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा कराकर जिला पंचायत को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। बैठक में अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत रमेश कुमार, वित्तीय परामर्शदाता जिला पंचायत श्रवण कुमार सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय, सीपी गुप्ता, पवन कुमार यादव आदि मौजूद रहे।
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वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त परियोजनाओं के प्रगति की समीक्षा, उपभोग प्रमाण पत्र, आडिट रिपोर्ट, बीआरजीएफ योजना के तहत नोडल खाते व कार्यदाई संस्थाओं के स्तर पर अवशेष ब्याज व बचत की धनराशि आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बीआरजीएफ योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 में 218 लंबित कार्यों में से 106 कार्य पूर्ण बताए गए। 112 कार्यो में 43 कार्य चालू ही नहीं हो पाए।
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इसमें 42 कार्य आरईडी के हैं। इस संबंध में डीएम ने सीडीओ से संबंधित अफसरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा। डीएम ने 25 कार्यों को जनपद स्तर पर नामित समितियों से जांच न कराए जाने के कारण संबंधित परियोजनाओं पर किए गए व्यय को अपव्यय मानते हुए एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया।
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सीडीओ अखिलेश तिवारी ने सभी बीडीओ, नगर पंचायत व समाज कल्याण निगम को बीआरजीएफ योजना के तहत अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा कराकर जिला पंचायत को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। बैठक में अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत रमेश कुमार, वित्तीय परामर्शदाता जिला पंचायत श्रवण कुमार सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय, सीपी गुप्ता, पवन कुमार यादव आदि मौजूद रहे।