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ट्रेन और बस से उतरकर सीधे पहुंचे घर, नहीं हुई कोरोना जांच
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ट्रेन और बस से उतरकर सीधे पहुंचे घर, नहीं हुई कोरोना जांच
सिद्धार्थनगर/शोहरतगढ़। मुंबई से आए खुनुवां निवासी रामरतन ट्रेन से जिला मुख्यालय के स्टेशन पर उतरे और सीधे घर चले आए। उन्होंने बताया कि स्टेशन पर कोरोना की जांच के लिए नमूना नहीं लिया गया। दिल्ली से आए नगर के निवासी हमीदुल्ला का तो जांच के सवाल पर जवाब था, ‘रेलवे स्टेशन पर तो ऐसी कोई जांच नहीं हुई’। कानपुर से लौटे नगर के ही हरिश्चंद्र का कहना है कि वे बस से उतरे, लेकिन वहां किसी तरह की कोई जांच नहीं हुई। भोपाल से आए दिवाकर प्रसाद का कहना है कि उन्होंने बस से यात्रा की। रास्ते और स्टेशन पर उतरने के दौरान कहीं जांच नहीं हुई।
सोमवार को दूसरे शहरों से लौटे इन यात्रियों ने ही कोरोना जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए गए इंतजाम और दावों की कलई खोल दी। ऐसी लापरवाही सिर्फ जिला मुख्यालय के स्टेशनों पर ही नहीं है, बल्कि जिले के अन्य कस्बों में भी यही हाल है। कागजों में टीम बना दी गई है, लेकिन हकीकत में कहीं जांच दिख नहीं रही। कोरोना वायरस का नया स्वरूप देश के कई हिस्सों में बढ़ रहा है। संक्रमण को रोकने के लिए शासन अलर्ट है और महानगरों से लौटने वालों की रेलवे और बस स्टेशन पर जांच के निर्देश दिए गए हैं। मगर जमीनी स्तर पर अभी तक कुछ नहीं हुआ है। जिले के शोहरतगढ़ रेलवे स्टेशन पर भी जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। ट्रेन से उतरने के बाद यात्री बेधड़क घरों को जा रहे हैं, मगर उन्हें कोई पूछने वाला नहीं है। ऐसे में संक्रमण बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ओमिक्रॉन पिछले वैरिएंट से काफी तीव्र है। इसके मद्देनजर महानगरों से लौटने के लिए रेलवे और बस स्टेशन पर जांच करने के निर्देश दिए गए है। मगर अभी तक यह सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। कोई टीम रेलवे अथवा बस स्टेशन पर यात्रियों की कोविड जांच करती नहीं दिख रही है। सिद्धार्थनगर, शोहरतगढ़, बढ़नी, परसा रेलवे स्टेशन पर प्रति दिन हजारों की संख्या में दिल्ली, मुंबई, गुजरात, पंजाब आदि महानगरों से लोग आते हैं। इन राज्यों में कोरोना का संक्रमण बढ़ा भी है। ऐसे में यह इनकार नहीं किया जा सकता है कि वहां से आने वाला कोई संक्रमित न हो। बावजूद इसके, जांच के प्रति लापरवाही बरती जा रही है।
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शोहरतगढ़ रेलवे स्टेशन पर पड़ताल में कुछ ऐसा सामने भी आया है। स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही देखी जा रही है। इस संबंध शोहरतगढ़ स्टेशन अधीक्षक भावेश ने बताया कि नये वैरिएंट ओमिक्रॉन को ध्यान में रखते हुए महानगरों से आ रहे लोगों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम नहंीं लगाई गई है। वहीं शोहरतगढ़ सीएचसी अधीक्षक पंजक वर्मा ने बताया कि ओमिक्रॉन वायरस के खतरे को देखते हुए जांच करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम गठित कर दी गई है। स्टेशन और तहसील परिसर में शिविर लगाया गया है। दूसरी ओर डिप्टी सीएमओ डॉ. सौरभ चतुर्वेदी ने दावा किया कि मुंबई और दिल्ली से आने वाली ट्रेनों से लौटने वाले यात्रियों की जांच के लिए टीम को अलर्ट किया गया है। बढ़नी, शोहरतगढ़ और नौगढ़ में ट्रेन से आने पर टीम जांच करेगी।
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सिद्धार्थनगर/शोहरतगढ़। मुंबई से आए खुनुवां निवासी रामरतन ट्रेन से जिला मुख्यालय के स्टेशन पर उतरे और सीधे घर चले आए। उन्होंने बताया कि स्टेशन पर कोरोना की जांच के लिए नमूना नहीं लिया गया। दिल्ली से आए नगर के निवासी हमीदुल्ला का तो जांच के सवाल पर जवाब था, ‘रेलवे स्टेशन पर तो ऐसी कोई जांच नहीं हुई’। कानपुर से लौटे नगर के ही हरिश्चंद्र का कहना है कि वे बस से उतरे, लेकिन वहां किसी तरह की कोई जांच नहीं हुई। भोपाल से आए दिवाकर प्रसाद का कहना है कि उन्होंने बस से यात्रा की। रास्ते और स्टेशन पर उतरने के दौरान कहीं जांच नहीं हुई।
सोमवार को दूसरे शहरों से लौटे इन यात्रियों ने ही कोरोना जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए गए इंतजाम और दावों की कलई खोल दी। ऐसी लापरवाही सिर्फ जिला मुख्यालय के स्टेशनों पर ही नहीं है, बल्कि जिले के अन्य कस्बों में भी यही हाल है। कागजों में टीम बना दी गई है, लेकिन हकीकत में कहीं जांच दिख नहीं रही। कोरोना वायरस का नया स्वरूप देश के कई हिस्सों में बढ़ रहा है। संक्रमण को रोकने के लिए शासन अलर्ट है और महानगरों से लौटने वालों की रेलवे और बस स्टेशन पर जांच के निर्देश दिए गए हैं। मगर जमीनी स्तर पर अभी तक कुछ नहीं हुआ है। जिले के शोहरतगढ़ रेलवे स्टेशन पर भी जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। ट्रेन से उतरने के बाद यात्री बेधड़क घरों को जा रहे हैं, मगर उन्हें कोई पूछने वाला नहीं है। ऐसे में संक्रमण बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि ओमिक्रॉन पिछले वैरिएंट से काफी तीव्र है। इसके मद्देनजर महानगरों से लौटने के लिए रेलवे और बस स्टेशन पर जांच करने के निर्देश दिए गए है। मगर अभी तक यह सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। कोई टीम रेलवे अथवा बस स्टेशन पर यात्रियों की कोविड जांच करती नहीं दिख रही है। सिद्धार्थनगर, शोहरतगढ़, बढ़नी, परसा रेलवे स्टेशन पर प्रति दिन हजारों की संख्या में दिल्ली, मुंबई, गुजरात, पंजाब आदि महानगरों से लोग आते हैं। इन राज्यों में कोरोना का संक्रमण बढ़ा भी है। ऐसे में यह इनकार नहीं किया जा सकता है कि वहां से आने वाला कोई संक्रमित न हो। बावजूद इसके, जांच के प्रति लापरवाही बरती जा रही है।
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शोहरतगढ़ रेलवे स्टेशन पर पड़ताल में कुछ ऐसा सामने भी आया है। स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही देखी जा रही है। इस संबंध शोहरतगढ़ स्टेशन अधीक्षक भावेश ने बताया कि नये वैरिएंट ओमिक्रॉन को ध्यान में रखते हुए महानगरों से आ रहे लोगों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम नहंीं लगाई गई है। वहीं शोहरतगढ़ सीएचसी अधीक्षक पंजक वर्मा ने बताया कि ओमिक्रॉन वायरस के खतरे को देखते हुए जांच करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम गठित कर दी गई है। स्टेशन और तहसील परिसर में शिविर लगाया गया है। दूसरी ओर डिप्टी सीएमओ डॉ. सौरभ चतुर्वेदी ने दावा किया कि मुंबई और दिल्ली से आने वाली ट्रेनों से लौटने वाले यात्रियों की जांच के लिए टीम को अलर्ट किया गया है। बढ़नी, शोहरतगढ़ और नौगढ़ में ट्रेन से आने पर टीम जांच करेगी।