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राप्ती की लहर निगल जा रही झाड़, ईंट की बोरियां
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गिंरजोत पुल के एप्रोच की कटान को रोकने के लिए रखी गई ईटें।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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राप्ती की लहर निगल जा रही झाड़, ईंट की बोरियां
बिजौरा। शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग में राप्ती पुल के पास हो रही कटान के कारण एक सप्ताह से चार पहिया वाहनों का आवागमन बाधित है। इस कारण सिद्धार्थनगर-बलरामपुर जिले के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ का पानी कम होने के साथ राप्ती की लहरें तेज हो गई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कटान स्थल पर डाली जा रही ईंट और गिट्टियों की बोरियां लहरों के आगोश में समाती जा रही हैं।
क्षेत्र के लोगों को तसल्ली है कि बाढ़ का पानी कम हो रहा है। इस दौरान नदी का जलस्तर बढ़ता तो पुल और सड़क को अलग होना तय था। पीडब्ल्यूडी बलरामपुर के अधिकारियों का दावा है कि कटान स्थल पर 18 हजार बोरिया डाली जा चुकी हैं, लेकिन कटान थमने का नहीं ले रही है। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने सोमवार को नदी की गहराई नापकर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को जानकारी दी।
इस संबंध में सहायक अभियंता पीडब्लूडी बलरामपुर सुशील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कटान रोकने के लिए लगातार कार्य हो रहा है। पानी भी कम हो रहा है। जल्द ही आवागमन बहाल होने की संभावना है।
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बिजौरा। शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग में राप्ती पुल के पास हो रही कटान के कारण एक सप्ताह से चार पहिया वाहनों का आवागमन बाधित है। इस कारण सिद्धार्थनगर-बलरामपुर जिले के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ का पानी कम होने के साथ राप्ती की लहरें तेज हो गई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कटान स्थल पर डाली जा रही ईंट और गिट्टियों की बोरियां लहरों के आगोश में समाती जा रही हैं।
क्षेत्र के लोगों को तसल्ली है कि बाढ़ का पानी कम हो रहा है। इस दौरान नदी का जलस्तर बढ़ता तो पुल और सड़क को अलग होना तय था। पीडब्ल्यूडी बलरामपुर के अधिकारियों का दावा है कि कटान स्थल पर 18 हजार बोरिया डाली जा चुकी हैं, लेकिन कटान थमने का नहीं ले रही है। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने सोमवार को नदी की गहराई नापकर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को जानकारी दी।
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इस संबंध में सहायक अभियंता पीडब्लूडी बलरामपुर सुशील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कटान रोकने के लिए लगातार कार्य हो रहा है। पानी भी कम हो रहा है। जल्द ही आवागमन बहाल होने की संभावना है।
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