सावधान: जामताड़ा ही नहीं, अब राजस्थान का मेवात भी बना साइबर ठगों का केंद्र
पुलिस अधीक्षक अभिषेक कुमार अग्रवाल ने कहा कि साइबर ठगी से लोग बच सकें, इसके लिए पुलिस टीम लोगों को जागरूक कर रही है। विद्यालय में जाकर और अन्य माध्यम से साइबर अपराध के बारे में जागरूक किया जा रहा है। साइबर अपराध के मामले में साइबर सेल की टीम ठगी के रुपये वापस भी करवा रही है।
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अगर आप साइबर ठगी के शिकार हो गए हैं तो कॉल करने वाले की आवाज को अनसुना न करें। उसकी आवाज को दिमाग में बैठा लें। क्योंकि बात करने के उसके तौर-तरीकों से साइबर सेल की टीम यह तत्काल जान जाएगी कि किस गैंग ने आपसे ठगी की है।
कारण झारखंड राज्य का जामताड़ा भले ही साइबर ठगी के लिए कुख्यात है और इस वेब सीरीज और बन चुकी है। लेकिन, इससे आगे राजस्थान का मेवात निकल रहा है। राजस्थान और हरियाणा के बार्डर पर स्थित इस जनपद की पहचान साइबर ठगी की दुनिया में तेजी से बढ़ रही है।
साइबर सेल ने ठगी के मामलों की जांच शुरू की तो कड़ी मेवात के ठगों से जुड़ गई। इनसे ठगी के रुपये भी वापस कराए जा चुके हैं। यह गिरोह यूपी के लोगों को अधिक शिकार बना रहा है। बात करने का इनका तौर-तरीका भी अलग है। ऐसा साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आप साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं तो ठगों की आवाज का न भूलें। इससे आपका धन वापस मिल सकता है।
कैसे पहचाने आवाज, किस गैंग ने बनाया शिकार
साइबर के जानकारों के मुताबिक, झारखंड का गिरोह एटीएम कार्ड, डेविट कार्ड एक्सपायर होने, नया कार्ड बनाने, बैंक अधिकारी बनकर कॉल करने, लाॅटरी लगने, कारोबार दिलाने के नाम पर ठगी करता है। इनकी बोली बिहार से मिली-जुली हिंदी और मीठी होती है। इससे सामने वाले को लगता है कि कोई अपने बीच का है और अधिकारी है। इसके बाद वह आसानी से आपको को अपने जाल में फंसा लेगा।
खड़ी बोली और आवाज में भारीपन तो मेवात का गैंग
मेवात वाला गैंग ओएलएक्स, फेसबुक आईडी को हैक कर लेना, वीडियो कॉलिंग करना। रोजगार का लालच देना, ई-केवाईसी, बैंक लोन, नई तकनीक से होने वाली ठगी करता है। यह गैंग दिल्ली, मुरादाबाद, बरेली जैसी बोली बोलता है। ये लोग संयमित भाषा में बोलेंगे तब भी लगेगा कि आपसे नाराज होकर बोल रहे हैं। अगर कॉल करने वाला तेज आवाज में बात कर रहा है। उसके मुंह से अक्सर ''तुम'' निकल रहा है तो समझ लीजिए कि यह राजस्थान के मेवात का गिरोह है।
इस गिरोह से की रिकवरी
बांसी कस्बे के एक युवक को फेसबुक पर गेम के जरिए इस गैंग ने फंसा लिया। गेम जीतने पर रुपये का लालच दिया। एक बार इसके पास रुपये भेजा भी। जब फंसा लिया तो पांच-पांच हजार रुपये करके कई बार में डेढ़ लाख रुपये की ठगी कर ली। जानकारी हुई तो तत्काल साइबर सेल में शिकायत की। युवक के बताने के हिसाब से टीम ने काम शुरू किया और एक माह के भीतर पूरी रकम खाते में वापस कराने में कामयाब रही।
रोजगार के नाम पर बनाया शिकार
तीन दिन इंतजार के बाद जब कुछ नहीं हुआ तो उसे लगा कि ठगी का शिकार हो गया। इसके बाद उसने साइबर सेल के नंबर पर शिकायत की। जांच शुरू हुई तो पता चला कि मेवात का गैंग है। इसके बाद टीम ने छानबीन करके पूरे 27 हजार रुपये उसके बैंक खाते में वापस करा दिए।
बोले एक्सपर्ट
सिद्धार्थनगर साइबर एक्सपर्ट अतुल कुमार चौबे ने कहा कि अभी तक जामताड़ा का गिरोह साइबर ठगी करता था। लेकिन, अब मेवात राजस्थान का गैंग लोगों को शिकार बना रहा है। ठगी के मामले की जांच शुरू हुई तो इस गिरोह के बारे में जानकारी हुई। लेकिन, दोनों राज्यों के गैंग की भाषा में अंतर है। अगर कोई ठगी का शिकार हो रहा है तो तत्काल सूचना दें। इसके साथ ही यह ध्यान दें कि कॉल करने वाला किस प्रकार से बात कर रहा था और उसकी आवाज कैसी थी। यह जानकारी मिलने से जांच में आसानी होती है। साइबर ठगी से बचने के लिए जागरुकता जरूरी है।
बोले अधिकारी
पुलिस अधीक्षक अभिषेक कुमार अग्रवाल ने कहा कि साइबर ठगी से लोग बच सकें, इसके लिए पुलिस टीम लोगों को जागरूक कर रही है। विद्यालय में जाकर और अन्य माध्यम से साइबर अपराध के बारे में जागरूक किया जा रहा है। साइबर अपराध के मामले में साइबर सेल की टीम ठगी के रुपये वापस भी करवा रही है।