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पांच दिन तक नहीं होगी बारिश
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11 से 15 जनवरी के बीच आसमान में छाए रहेंगे हल्के बादल
अमर उजाला ब्यूरो
मन्नीजोत। मौसम विभाग ने पांच दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। इसके अनुसार, आगामी पांच दिनों तक बारिश नहीं होगी और धूप-छांव की स्थिति बनी रहेगी।
कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के मौसम वैज्ञानिक सूर्य प्रकाश सिंह ने बताया कि 11 से 15 जनवरी के बीच आसमान में हल्के बादल छाए रहेंगे। कभी धूप निकलेगी तो कभी बदली रहेगी। बारिश की संभावना नहीं है। इस बीच अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस रहेगा। आने वाले दिनों में कोहरा पड़ने की संभावना है।
कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. एलसी वर्मा ने बताया कि फूल गोभी पत्तागोभी, ब्रोकली, टमाटर, मिर्च और बैगन जैसी देर से फसल की रोपाई के लिए उपयुक्त समय है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि सरसों में माहो के प्रकोप से बचाव के लिए किसानों को 30 प्रतिशत डाईमेथोएट दवा की एक लीटर दवा 600 से 700 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। संक्रमित पौधे को काटकर फेंक दें। अधिक पानी और अधिक उर्वरक का प्रयोग न करें। पशुपालन विभाग के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ डीपी सिंह ने बताया कि किसान भाई जानवरों को ठंड से बचाएं और जानवरों को जूट के बोरे से ढककर रखें।
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अमर उजाला ब्यूरो
मन्नीजोत। मौसम विभाग ने पांच दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। इसके अनुसार, आगामी पांच दिनों तक बारिश नहीं होगी और धूप-छांव की स्थिति बनी रहेगी।
कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के मौसम वैज्ञानिक सूर्य प्रकाश सिंह ने बताया कि 11 से 15 जनवरी के बीच आसमान में हल्के बादल छाए रहेंगे। कभी धूप निकलेगी तो कभी बदली रहेगी। बारिश की संभावना नहीं है। इस बीच अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस रहेगा। आने वाले दिनों में कोहरा पड़ने की संभावना है।
कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. एलसी वर्मा ने बताया कि फूल गोभी पत्तागोभी, ब्रोकली, टमाटर, मिर्च और बैगन जैसी देर से फसल की रोपाई के लिए उपयुक्त समय है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि सरसों में माहो के प्रकोप से बचाव के लिए किसानों को 30 प्रतिशत डाईमेथोएट दवा की एक लीटर दवा 600 से 700 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। संक्रमित पौधे को काटकर फेंक दें। अधिक पानी और अधिक उर्वरक का प्रयोग न करें। पशुपालन विभाग के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ डीपी सिंह ने बताया कि किसान भाई जानवरों को ठंड से बचाएं और जानवरों को जूट के बोरे से ढककर रखें।
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