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बाढ़ व बारिश ने बढ़ाई समस्या, राहत की दरकार
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इटवा क्षेत्र के गागापुर स्थित दुकानों में भरा बाढ़ का पानी। संवाद
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
बाढ़ व बारिश ने बढ़ाई समस्या, राहत की दरकार
भनवापुर। बारिश के बीच बाढ़ लोगों के लिए बड़ी मुसीबत है। लोग बांध और अन्य गांवों में शरण ले रहे हैं। बाढ़ की तबाही ऐसी है कि जहां एक घंटे पहले सब कुछ सामान्य, देखते ही देखते सैलाब आ रहा है। गांव के गांव डूब रहे हैं, बाढ़ प्रभावित लोग परेशान हैं। मोटर बोट या नाव नहीं होने से लोगों को रोजमर्रा के सामान के लिए कमर तक पानी में घुस कर जाना पड़ रहा है। राहत सामग्री भी नहीं वितरित की जा रही है।
क्षेत्र के पेंड़ारी मुस्तहकम, धनोहरा, मछिया, सोनखर, खुरपहवा, फत्तेपुर, भरवठिया, पिकौरा, वीरपुर चंदनजोत, जुड़वनियां, अंदुआ शनिवार, सेमरा बनकसिया, बुढियाटायर, डिवलीडीहा मिश्र, डिवलीडीहा चौबे, धनोहरी, रमवापुर उर्फ नेबुआ, सिरसिया, देवरिया चमन आदि गांवों के घरों में पानी भर गया है। धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। खाने के लाले पड़ गए। कारण जो अनाज था, वह पानी में डूब चुका है किसी तरह से लोग जान बचाकर निकल रहे हैं। रिश्तेदार या फिर बांध पर शरण लेकर बसर करने को विवश हैं।
क्षेत्र के पेंड़ारी गांव निवासी झकुरी, सलमान मलिक, धनोहरा गांव निवासी राजू, झिनकू चौधरी, भोला चौधरी आदि ने बताया कि पिछले साल आई बाढ़ के दौरान प्रशासन ने मोटर बोट तथा नाव उपलब्ध कराई थी, मगर इस साल डेढ़ गुना पानी बढ़ने के बाद भी मोटर बोट या नाव उपलब्ध नहीं कराई गई है। हम लोगों को रोजमर्रा का सामान लाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अगर किसी की तबीयत खराब हो गई तो इलाज मुश्किल हो जाएगा।
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भनवापुर। बारिश के बीच बाढ़ लोगों के लिए बड़ी मुसीबत है। लोग बांध और अन्य गांवों में शरण ले रहे हैं। बाढ़ की तबाही ऐसी है कि जहां एक घंटे पहले सब कुछ सामान्य, देखते ही देखते सैलाब आ रहा है। गांव के गांव डूब रहे हैं, बाढ़ प्रभावित लोग परेशान हैं। मोटर बोट या नाव नहीं होने से लोगों को रोजमर्रा के सामान के लिए कमर तक पानी में घुस कर जाना पड़ रहा है। राहत सामग्री भी नहीं वितरित की जा रही है।
क्षेत्र के पेंड़ारी मुस्तहकम, धनोहरा, मछिया, सोनखर, खुरपहवा, फत्तेपुर, भरवठिया, पिकौरा, वीरपुर चंदनजोत, जुड़वनियां, अंदुआ शनिवार, सेमरा बनकसिया, बुढियाटायर, डिवलीडीहा मिश्र, डिवलीडीहा चौबे, धनोहरी, रमवापुर उर्फ नेबुआ, सिरसिया, देवरिया चमन आदि गांवों के घरों में पानी भर गया है। धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। खाने के लाले पड़ गए। कारण जो अनाज था, वह पानी में डूब चुका है किसी तरह से लोग जान बचाकर निकल रहे हैं। रिश्तेदार या फिर बांध पर शरण लेकर बसर करने को विवश हैं।
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क्षेत्र के पेंड़ारी गांव निवासी झकुरी, सलमान मलिक, धनोहरा गांव निवासी राजू, झिनकू चौधरी, भोला चौधरी आदि ने बताया कि पिछले साल आई बाढ़ के दौरान प्रशासन ने मोटर बोट तथा नाव उपलब्ध कराई थी, मगर इस साल डेढ़ गुना पानी बढ़ने के बाद भी मोटर बोट या नाव उपलब्ध नहीं कराई गई है। हम लोगों को रोजमर्रा का सामान लाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अगर किसी की तबीयत खराब हो गई तो इलाज मुश्किल हो जाएगा।
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