{"_id":"65f35896ec5ae08b5c0480a4","slug":"railway-station-tap-is-bad-will-have-to-shell-out-money-for-drinking-water-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1004-114355-2024-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे स्टेशन : टोटी खराब, पेयजल के लिए करनी होगी जेब ढीली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे स्टेशन : टोटी खराब, पेयजल के लिए करनी होगी जेब ढीली
Fri, 15 Mar 2024 01:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 15 Mar 2024 01:35 AM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। गर्मी ने दस्तक दे दी है। लोगों को अब पानी की ज्यादा जरूरत होगी। लेकिन शहर के रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के पानी पीने के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था नहीं है। जिला मुख्यालय के रेलवे स्टेशन से एक्सप्रेस और डेमो ट्रेनें रोजाना सैकड़ों यात्री लखनऊ गोरखपुर और दूरदराज के शहरों तक जाते हैं।
एक तरफ रेलवे स्टेशन काे अमृत भारत योजना के तहत आधुनिक बनाने का कार्य चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ जिले के बाकी जगहों से आकर ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था नहीं है। शहर के रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन करीब 3500 यात्री ट्रेनों से अपने आते और जाते हैं। यहां पर एक्सप्रेस और डेमो ट्रेनाें से यात्री आते जाते हैं। लेकिन स्थानीय रेल प्रशासन को यात्रियों की कोई चिंता नहीं है। पहले वाटर कूलर लगा था, लेकिन निर्माण कार्य के चलते उसे हटा दिया गया है।
यात्रियों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। प्लेटफाॅर्म एक पर पानी पीने के लिए वाटर सप्लाई की टोटियां लगी हुईं हैं, लेकिन वहां गंदगी और गंदा पानी जमा है। वहीं प्लेटफाॅर्म दो सीढि़यां उतरते ही एक वाटर सप्लाई की पानी टोटियां लगीं हुई है। दूसरी सीढ़ी से 50 मीटर दूर बना है। यहां भी गंदगी और गंदा पानी जमा है।
विज्ञापन
रोजाना गोरखपुर जाते हैं। प्लेटफाॅर्म एक पर पानी की व्यवस्था नहीं होने से प्लेटफार्म दो पर जाना पड़ता है। वहां इतनी गंदगी के बीच मजबूरन पानी पीना पड़ता है।
-मोहन शर्मा, यात्री
पानी की उचित व्यवस्था नहीं होने से दिक्कत होती है। निर्माण कार्य होने से वाटर सप्लाई की टोटियां हटा दी गईं हैं। प्यास लगने पर बोतल का पानी खरीद कर पीना पड़ता है।
धर्मेंद्र, यात्री
निर्माण कार्य के चलते वॉटर कूलर हटा दिया गया है। उसे फिर से जल्द लगा दिया जाएगा। गंदगी को भी साफ करवा दिया जाएगा।
-डीके उपाध्याय, स्टेशन मास्टर
विज्ञापन
एक तरफ रेलवे स्टेशन काे अमृत भारत योजना के तहत आधुनिक बनाने का कार्य चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ जिले के बाकी जगहों से आकर ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था नहीं है। शहर के रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन करीब 3500 यात्री ट्रेनों से अपने आते और जाते हैं। यहां पर एक्सप्रेस और डेमो ट्रेनाें से यात्री आते जाते हैं। लेकिन स्थानीय रेल प्रशासन को यात्रियों की कोई चिंता नहीं है। पहले वाटर कूलर लगा था, लेकिन निर्माण कार्य के चलते उसे हटा दिया गया है।
विज्ञापन
यात्रियों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। प्लेटफाॅर्म एक पर पानी पीने के लिए वाटर सप्लाई की टोटियां लगी हुईं हैं, लेकिन वहां गंदगी और गंदा पानी जमा है। वहीं प्लेटफाॅर्म दो सीढि़यां उतरते ही एक वाटर सप्लाई की पानी टोटियां लगीं हुई है। दूसरी सीढ़ी से 50 मीटर दूर बना है। यहां भी गंदगी और गंदा पानी जमा है।
विज्ञापन
रोजाना गोरखपुर जाते हैं। प्लेटफाॅर्म एक पर पानी की व्यवस्था नहीं होने से प्लेटफार्म दो पर जाना पड़ता है। वहां इतनी गंदगी के बीच मजबूरन पानी पीना पड़ता है।
-मोहन शर्मा, यात्री
पानी की उचित व्यवस्था नहीं होने से दिक्कत होती है। निर्माण कार्य होने से वाटर सप्लाई की टोटियां हटा दी गईं हैं। प्यास लगने पर बोतल का पानी खरीद कर पीना पड़ता है।
धर्मेंद्र, यात्री
निर्माण कार्य के चलते वॉटर कूलर हटा दिया गया है। उसे फिर से जल्द लगा दिया जाएगा। गंदगी को भी साफ करवा दिया जाएगा।
-डीके उपाध्याय, स्टेशन मास्टर