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पर्यावरण की सुरक्षा से ही बेहतर जीवन
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 05 Jun 2016 11:31 PM IST
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पर्यावरण गोष्ठी में मौजूद लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थनगर। सामाजिक वानिकी वन प्रभाग द्वारा पर्यावरण दिवस के मौके पर रविवार को विकास भवन सभागार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। डीएम नरेंद्र शंकर पांडेय ने उपस्थित लोगों को पर्यावरण सुरक्षा की शपथ दिलाते हुए कहा कि जीवन की सुरक्षा के लिए पर्यावरण की सुरक्षा बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि खुले में शौच न करें और अनावश्यक रूप से पानी को बर्बाद होने से रोकें। पर्यावरण संतुलन के लिए हर व्याक्ति कम से कम दस वृक्ष लगाए और पुराने पेड़ों की देखभाल करें। पॉलीथिन का प्रयोग न करें।
सीडीओ अखिलेश तिवारी ने कहा कि प्रकृति में असंतुलन होने पर मानव जीवन खतरे में पड़ जाएगा। इससे बचने के लिए पर्यावरण की सुरक्षा करना सबका दायित्व बनता है। राज्य महिला आयोग की सदस्य जुबैदा चौधरी ने कहा कि बेहतर जीवन के लिए पर्यावरण की सुरक्षा और साफ-सफाई बेहद जरूरी है।
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प्रभारी डीएफओ वेद प्रकाश जायसवाल पर्यावरण की सुरक्षा के लिए वन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों को विस्तार से बताया। संगोष्ठी को पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. केपी त्रिपाठी व दिनेश चंद्र पांडेय ने भी संबोधित किया। इस दौरान समाजसेवी डॉ. एएस सिद्दीकी, डॉ. जावेद आलम, जयशंकर प्रसाद मिश्र, आलोक सक्सेना, हरिशंकर शुक्ला, फतेह बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे।
ग्राम स्वराज मंच व एकल अभियान के तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर रविवार को जिला मुख्यालय पर पर्यावरण जागरूकता रैली निकाली गई।
इस दौरान भारी संख्या में पर्यावरण व प्रकृति प्रेमियों ने बैनर, पोस्टर पर स्लोगन लिख कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक किया। शहर के विभिन्न क्षेत्रों होते हुए रैली सिंहेश्वरी मंदिर पर समाप्त हुई और वहां पर्यावरण गोष्ठी का आयोजन हुआ।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए एकल अभियान के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव ने पर्यावरण की सुरक्षा के लिए ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन पर लोगों को बधाई दी। कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा हर मानव का कर्तव्य है। मानव जीवन को सुरक्षित रखने के लिए पर्यावरण को समृद्धि रखना बेहत जरूरी है। इस दौरान ग्राम स्वराज मंच के जिला संयोजक शंभूनाथ गुप्ता, वन दरोगा सुभाष त्रिपाठी, चैतूराम मौर्य, ओमप्रकाश, संजय विश्वकर्मा, सुनीता सिंह, सरिता सिंह, हरिशंकर, घनश्याम, शेषराम गौड़, तेजू प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि खुले में शौच न करें और अनावश्यक रूप से पानी को बर्बाद होने से रोकें। पर्यावरण संतुलन के लिए हर व्याक्ति कम से कम दस वृक्ष लगाए और पुराने पेड़ों की देखभाल करें। पॉलीथिन का प्रयोग न करें।
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सीडीओ अखिलेश तिवारी ने कहा कि प्रकृति में असंतुलन होने पर मानव जीवन खतरे में पड़ जाएगा। इससे बचने के लिए पर्यावरण की सुरक्षा करना सबका दायित्व बनता है। राज्य महिला आयोग की सदस्य जुबैदा चौधरी ने कहा कि बेहतर जीवन के लिए पर्यावरण की सुरक्षा और साफ-सफाई बेहद जरूरी है।
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प्रभारी डीएफओ वेद प्रकाश जायसवाल पर्यावरण की सुरक्षा के लिए वन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों को विस्तार से बताया। संगोष्ठी को पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. केपी त्रिपाठी व दिनेश चंद्र पांडेय ने भी संबोधित किया। इस दौरान समाजसेवी डॉ. एएस सिद्दीकी, डॉ. जावेद आलम, जयशंकर प्रसाद मिश्र, आलोक सक्सेना, हरिशंकर शुक्ला, फतेह बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे।
ग्राम स्वराज मंच व एकल अभियान के तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर रविवार को जिला मुख्यालय पर पर्यावरण जागरूकता रैली निकाली गई।
इस दौरान भारी संख्या में पर्यावरण व प्रकृति प्रेमियों ने बैनर, पोस्टर पर स्लोगन लिख कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक किया। शहर के विभिन्न क्षेत्रों होते हुए रैली सिंहेश्वरी मंदिर पर समाप्त हुई और वहां पर्यावरण गोष्ठी का आयोजन हुआ।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए एकल अभियान के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव ने पर्यावरण की सुरक्षा के लिए ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन पर लोगों को बधाई दी। कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा हर मानव का कर्तव्य है। मानव जीवन को सुरक्षित रखने के लिए पर्यावरण को समृद्धि रखना बेहत जरूरी है। इस दौरान ग्राम स्वराज मंच के जिला संयोजक शंभूनाथ गुप्ता, वन दरोगा सुभाष त्रिपाठी, चैतूराम मौर्य, ओमप्रकाश, संजय विश्वकर्मा, सुनीता सिंह, सरिता सिंह, हरिशंकर, घनश्याम, शेषराम गौड़, तेजू प्रसाद आदि मौजूद रहे।