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Siddharthnagar News: शुरू हुई कांशीराम आवास की जांच, टीम ने परखी भवन की मजबूती

Thu, 23 Jul 2026 02:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Thu, 23 Jul 2026 02:38 AM IST
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Probe into Kanshiram Housing begins; team assesses the building's structural integrity.
जिलाधिकारी ने चार सदस्यीय जांच टीम गठित की, एक सप्ताह में मांगी है रिपोर्ट
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दो फ्लैटों की छत ढहने के बाद कांशीराम आवास की गुणवत्ता और रहने योग्य होने की जांच शुरू
सिद्धार्थनगर। शहर स्थित कांशीराम आवास के दो फ्लैटों की छत ढहने की घटना के बाद गठित चार सदस्यीय जांच टीम ने बुधवार से जांच शुरू कर दी। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन के निर्देश पर गठित टीम भवन की गुणवत्ता और उसके रहने योग्य होने की स्थिति का परीक्षण कर रही है। टीम ने ग्राउंड फ्लोर से लेकर छत और छज्जों तक का निरीक्षण किया। कई फ्लैटों की छत, दीवारों से उखड़े प्लास्टर और भवन की मजबूती की भी जांच की गई। जांच टीम को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपनी है।
बारिश के दौरान 18 जुलाई को कांशीराम आवास के ब्लॉक संख्या 40 और 41 के दो फ्लैटों की छत ढह गई थी। हालांकि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन आवास में रहने वाले लोग किसी बड़े हादसे की आशंका से चिंतित हैं। घटना के बाद जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है।
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जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने आवास में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को देखते हुए भवन की गुणवत्ता और उसकी संरचनात्मक स्थिति की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। समिति की अध्यक्षता लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) के अधिशासी अभियंता कमल किशोर कर रहे हैं। समिति में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अजय कुमार सिंह, परियोजना निदेशक डूडा नीरज अग्रवाल और उत्तर प्रदेश आवास व विकास परिषद के सहायक अभियंता सतीश कुमार शामिल हैं। टीम ने निरीक्षण के दौरान आवास में रहने वाले लोगों से भी जानकारी ली। हालांकि जांच शुरू होने के बावजूद टीम के सदस्य भवन की गुणवत्ता को लेकर फिलहाल कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं।
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15 वर्ष में ही जर्जर होने लगा कांशीराम आवास
उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने वर्ष 2011 में शहरी गरीब आवास योजना के तहत करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से नगर पालिका क्षेत्र में एक हजार आवासों का निर्माण कराया था। निर्माण के लगभग 15 वर्ष बाद ही भवनों की स्थिति जर्जर होने लगी है। कई स्थानों पर छतों का प्लास्टर गिर रहा है और दीवारों में दरारें और प्लास्टर उखड़ने की शिकायतें सामने आई हैं। ऑफिसर्स कॉलोनी स्थित कांशीराम आवास परिसर में तीन मंजिला 84 ब्लॉक हैं। प्रत्येक ब्लॉक में 12 फ्लैट बनाए गए हैं। हर फ्लैट में दो कमरे, रसोई और शौचालय की सुविधा है। तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने नौ अक्टूबर 2008 को इस परियोजना का शिलान्यास किया था। वर्ष 2011 में निर्माण पूरा होने के बाद आवासों का आवंटन किया गया।

छतों की मजबूती और उखड़े प्लास्टर की हुई जांच
जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच टीम ने कई फ्लैटों की छत और दीवारों का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने उन स्थानों का भी परीक्षण किया, जहां प्लास्टर गिरने के बाद सरिया दिखाई देने लगा है। तीसरी मंजिल की छतों का भी निरीक्षण किया गया। कई आवासों में छत से प्लास्टर गिरने के कारण सरिया खुलकर दिखाई दे रहा है। वहीं कई फ्लैटों में प्लास्टर उखड़ने के साथ खिड़कियां और दरवाजे भी क्षतिग्रस्त या गायब पाए गए।


कोट
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जांच शुरू कर दी गई है। अब तक तीन ब्लॉकों का निरीक्षण किया गया है। टीम के अन्य सदस्य भी अलग-अलग ब्लॉकों की जांच कर रहे हैं। भवन की गुणवत्ता और संरचनात्मक मजबूती संबंधी विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी।
- कमल किशोर, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी (प्रांतीय खंड) एवं जांच टीम के अध्यक्ष
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