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Siddharthnagar News: प्रेशर हॉर्न का शोर, कान और दिल हो रहा कमजोर

Sun, 30 Jun 2024 02:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sun, 30 Jun 2024 02:05 AM IST
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Pressure horn noise, ears and heart becoming weak
- वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने वालों पर पुलिस और परिवहन विभाग नहीं कस पा रहा शिकंजा
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- बुलेट से लेकर चार पहिया व ट्रक तक में प्रेशर हॉर्न लगाकर चल रहे वाहन चालक

- शासन के फरमान के बाद भी नहीं हुई करवाई

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। वाहनों के प्रेशर हार्न से कान और दिल कमजोर हो रहा है। बाइक से लेकर ट्रक तक में प्रेशर हार्न का प्रयोग राहगीरों के लिए मुसीबत बन चुका है। शासन के सख्त निर्देश के बाद जिस हिसाब से प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए, उसके न होने से आम लोगों की जिदंगी और सेहत दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। चिकित्सक तेज आवाज से बहरा होने और दिल कमजोर होने की बात कर रहे हैं। वे सलाह दे रहे हैं कि जहां तेज आवाज आती हो, प्रयास रहे कि ऐसे स्थानों पर न जाएं, क्योंकि तेजी आवाज दिलो दिमाग पर असर करता है। जिसका प्रभाव लंबे समय तक रहता है।

भागदौड़ी भरी जिंदगी में हर कोई परेशान हैं। काम के बोझ के तले दबकर कई प्रकार की गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहा है। इसमें दिल के रोगी अधिक बढ़ रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए प्रेशर हार्न या तेज आवाज किसी हादसे से कम नहीं है। क्योंकि उनकी सेहत पर इसका सीधे असर पड़ता है। मौजूदा समय में बाइक से लेकर ट्रक तक में तेज आवाज वाले प्रेशर हार्न लगाकर लोग चल रहे हैं। जिसके एक के बाद एक बजने से कान का परदा तो फटेगा ही, साथ ही चौंक कर वह बाइक से गिरकर हादसे का शिकार हो सकता है। शासन की ओर से प्रेशर हार्न हटाए जाने का फरमान है, लेकिन पुलिस और संभागीय परिवहन विभाग की कार्रवाई शिथिल है। जिसका नतीजा है कि आम लोगों की परेशानी बढ़ रही है। ोवे कम सुनाई देने और दिल की धड़कन बैठने जैसी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं।
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सूर्य प्रकाश ने बताया कि वह दिल के रोगी हैं। साइकिल से चलते हैं, लेकिन सड़क पर वाहनों की आवाजाही के साथ ही प्रेशर हार्न की आवाज से धड़कन बढ़ जाती है। इसलिए बहुत कम निकलते हैं। वहीं, नगर के निवासी रमेश ने कहा कि पैदल जा रहे थे, स्कूली बस एकाएक पीछे आई और हार्न बजाया। कुछ देर तक कुछ सुनाई नहीं दे रहा था। बाद में कम सुनाई पड़ने लगा। अब तीन माह से कान का इलाज चल रहा है। ऐसे में न जाने कितने लोग इस समस्या से गुजर रहे हैं।
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युवा बाइक में लगवा रहे प्रेशर हार्न

बाइक में प्रेशर हॉर्न लगवाने का चलन एक बार फिर जोरों पर है। युवाओं की मौज मस्ती और शौक से लोगों को परेशानी हो रही है। नगर के व्यस्त मार्गों पर युवा वर्ग तेज रफ्तार से बाइक दौड़ाते हुए प्रेशर हॉर्न बजाते हैं। अधिकतर नाबालिग जिनके पैर वाहन से जमीन तक भी नहीं पहुंचते हैं, वे भी तेज रफ्तार में बाइक दौड़ाते निकलते हैं। इन हॉर्न से निकलने वाली ध्वनि की तीव्रता शोर की सुरक्षित सीमा से दो गुना तक है। पुलिस द्वारा प्रेशर व फायरिंग हॉर्न वालों वाहन चालकों पर कार्रवाई नहीं करने से चालकों के हौसले बुलंद हैं।



प्रेशर हॉर्न से कान के पर्दे को नुकसान

तेज ध्वनि की वजह से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। लगातार ब्लड प्रेशर बढ़ने की वजह से हार्ट अटैक आने की संभावना रहती है। 80 डेसिबल से ऊपर की ध्वनि हृदय संबंधी रोग का कारण बनती है। प्रेशर हॉर्न से व्यक्ति में बहरापन, चिड़चिड़ाहट के साथ मानसिक असंतुलन भी होने की संभावना रहती है।


- डॉ. संजय कुमार शर्मा, नाक, कान गला रोग विशेषज्ञ



बोले जिम्मेदार

प्रेशर हार्न पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। चालान काटा जा रहा है और वाहनों से हार्न को उतरवा दिया जा रहा है। अभियान चल रहा है, जांच करके कार्रवाई की जा रही है।

अमरेश कुमार यादव, यातायात प्रभारी
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