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Siddharthnagar News: बांस-बल्ली के सहारे लटके बिजली के तार, हादसे का खतरा
Sun, 05 Jul 2026 11:00 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 05 Jul 2026 11:00 PM IST
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खुनियांव ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत लक्ष्मण पुर उर्फ बल्लीजोत गांव में निर्माणधीन पानी की टं
खुनुवां। शोहरतगढ़ ब्लॉक क्षेत्र के बगहवा गांव में करीब एक वर्ष पहले आई आंधी में टूटे बिजली के खंभों को अब तक नहीं बदला जा सका है। इसके चलते गांव में एलटी लाइन के बिजली के केबिल आज भी बांस-बल्ली और पेड़ों के सहारे टंगे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अस्थायी व्यवस्था से हादसे का खतरा बना हुआ है। बारिश में यह और खतरनाक साबित हो सकते हैं लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक स्थाई समाधान नहीं किया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार लगभग एक वर्ष पूर्व आई तेज आंधी में गांव के पांच से छह बिजली के पोल टूट गए थे, जिससे पूरे गांव की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। उस समय बिजली निगम के कर्मचारियों ने बांस-बल्ली और पेड़ों का सहारा लेकर किसी तरह बिजली आपूर्ति बहाल कर दी थी। तब से लेकर आज तक यही अस्थायी व्यवस्था बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से नए बिजली पोल लगाने और लाइन को सुरक्षित ढंग से व्यवस्थित करने की मांग की गई लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्थिति यह है कि आंधी या तेज हवा चलने पर बिजली के तार में फाॅल्ट हो जाता है या टूट जाते हैं, जिससे बार-बार आपूर्ति बाधित होती है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पूर्व प्रधान मधुर श्याम गिरी, पूर्व प्रधान प्रतिनिधि गंगाधर मिश्र, राम प्रसाद, दिवाकर गिरी, प्रदीप चौरसिया, संतराम विश्वकर्मा और राम बचन सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बांस-बल्ली और पेड़ों के सहारे लटके बिजली के तार हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है। ऐसे में ग्रामीणों में डर का माहौल बना रहता है। ग्रामीणों ने शासन और बिजली निगम के अधिकारियों से शीघ्र नए बिजली पोल लगवाकर जर्जर और अस्थायी व्यवस्था को हटाने की मांग की है ताकि गांव में सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
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ग्रामीणों के अनुसार लगभग एक वर्ष पूर्व आई तेज आंधी में गांव के पांच से छह बिजली के पोल टूट गए थे, जिससे पूरे गांव की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। उस समय बिजली निगम के कर्मचारियों ने बांस-बल्ली और पेड़ों का सहारा लेकर किसी तरह बिजली आपूर्ति बहाल कर दी थी। तब से लेकर आज तक यही अस्थायी व्यवस्था बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से नए बिजली पोल लगाने और लाइन को सुरक्षित ढंग से व्यवस्थित करने की मांग की गई लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्थिति यह है कि आंधी या तेज हवा चलने पर बिजली के तार में फाॅल्ट हो जाता है या टूट जाते हैं, जिससे बार-बार आपूर्ति बाधित होती है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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पूर्व प्रधान मधुर श्याम गिरी, पूर्व प्रधान प्रतिनिधि गंगाधर मिश्र, राम प्रसाद, दिवाकर गिरी, प्रदीप चौरसिया, संतराम विश्वकर्मा और राम बचन सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बांस-बल्ली और पेड़ों के सहारे लटके बिजली के तार हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है। ऐसे में ग्रामीणों में डर का माहौल बना रहता है। ग्रामीणों ने शासन और बिजली निगम के अधिकारियों से शीघ्र नए बिजली पोल लगवाकर जर्जर और अस्थायी व्यवस्था को हटाने की मांग की है ताकि गांव में सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
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