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Siddharthnagar News: घर-घर जाकर होगी संभावित मरीजों की पहचान, जांच पर जोर
Sat, 16 May 2026 02:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 16 May 2026 02:48 AM IST
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सीएचसी इटवा में सौ दिवसीय टीबी अभियान को लेकर हुई बैठक
इटवा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटवा में शुक्रवार को टीबी उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे सौ दिवसीय टीबी अभियान के तहत आशा और संगिनी की बैठक आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक सुरेश मिश्रा ने कहा कि टीबी उन्मूलन अभियान में आशा और संगिनी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सौ दिवसीय कार्ययोजना की सफलता से टीबी रोग के उन्मूलन का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत टीबी मरीजों की पहचान, संक्रमण की रोकथाम और उच्च जोखिम वाले समूहों की त्वरित जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर संभावित टीबी मरीजों की पहचान कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरेश मिश्रा ने कहा कि 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, मधुमेह मरीजों और सक्रिय टीबी मरीजों के निकट संपर्क में रहने वाले लोगों की एक्सरे और बलगम जांच कराई जाएगी। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से भी लोगों को जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
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उन्होंने निक्षय पोषण योजना की जानकारी देते हुए बताया कि टीबी मरीजों को पौष्टिक भोजन के लिए प्रतिमाह 500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके साथ ही जागरूकता अभियान और टीबी निवारक उपचार को भी अभियान का हिस्सा बनाया गया है। बैठक में वीपीसीएम शिव शंकर वरुण सहित आशा और संगिनी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
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इटवा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटवा में शुक्रवार को टीबी उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे सौ दिवसीय टीबी अभियान के तहत आशा और संगिनी की बैठक आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक सुरेश मिश्रा ने कहा कि टीबी उन्मूलन अभियान में आशा और संगिनी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सौ दिवसीय कार्ययोजना की सफलता से टीबी रोग के उन्मूलन का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत टीबी मरीजों की पहचान, संक्रमण की रोकथाम और उच्च जोखिम वाले समूहों की त्वरित जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर संभावित टीबी मरीजों की पहचान कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सुरेश मिश्रा ने कहा कि 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, मधुमेह मरीजों और सक्रिय टीबी मरीजों के निकट संपर्क में रहने वाले लोगों की एक्सरे और बलगम जांच कराई जाएगी। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से भी लोगों को जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
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उन्होंने निक्षय पोषण योजना की जानकारी देते हुए बताया कि टीबी मरीजों को पौष्टिक भोजन के लिए प्रतिमाह 500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके साथ ही जागरूकता अभियान और टीबी निवारक उपचार को भी अभियान का हिस्सा बनाया गया है। बैठक में वीपीसीएम शिव शंकर वरुण सहित आशा और संगिनी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।