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Siddharthnagar News: डाकघर के खाते भी सुरक्षित नहीं, तीन माह में 100 संदिग्ध म्यूल खाते चिह्नित
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जनपद में चार लाख से अधिक हैं इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के खाते
साइबर सेल से पड़ताल के बाद दो को आईपीपीबी ने दी नोटिस
जांच में म्यूल खाते के रूप में इस्तेमाल करने के सबूत मिले, गिरोह के सक्रिय होने की आशंका
नीलोत्पल दुबे
महराजगंज। साइबर अपराधियों ने इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के खातों में भी सेंधमारी कर ली है। बैंक द्वारा विकसित मनी म्यूल तंत्र के जरिए तीन माह में जनपद में 100 से अधिक म्यूल खाते पकड़े जा चुके हैं। आईपीपीबी ने इन खातों की जानकारी साइबर सेल को देकर इन्हें ट्रेस करने की मांग की है। साइबर टीम की जांच में एक गिरोह के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। आईपीपीबी ने एक अप्रैल से मनी म्यूल निगरानी तंत्र को लागू किया है।
सरकारी योजनाओं के तहत आर्थिक लाभ दिलाने का झांसा देकर ग्रामीणों और कम पढ़े-लिखे लोगों का बैंक खाता किराये पर लेने वालों का नेटवर्क सक्रिय है। इस नेटवर्क से जुड़े ठग लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर विभिन्न बैंकों में खाता भी खोल रहे हैं और उन खातों में साइबर ठगी की रकम मंगाकर दूसरे खातों में स्थानांतरित किया जा रहा है।
इस तरह के मामले लगातार सामने आने के बाद आईपीपीबी ने एक म्यूल मनी नाम से निगरानी तंत्र विकसित किया और महज एक अप्रैल से 30 जून तक 100 संदिग्ध खाते चिह्नित कर लिए गए। बैंक ने इन खातों की जानकारी साइबर सेल को देकर जांच का अनुरोध किया था। साइबर सेल ने जांच के आधार पर इनमें से दो खाताधारकों को नोटिस जारी किया है।
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हालांकि सिर्फ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में ही एम पास के जरिये ऐसे खातों की निगरानी की जाती है और आईपीपीबी ने इसकी शुरुआत कर दी है। अन्य बैंकों में ऐसे खातों पर नजर रखने के कोई इंतजाम नहीं है, जबकि आरबीआई ने सभी बैंक सेक्टर को प्रबंध के निर्देश दिए हैं।
जनपद में चार लाख से अधिक आईपीपीबी खाते
जनपद में प्रधान डाकघर के मुताबिक चार लाख से अधिक आईपीपीबी खाते संचालित हैं। आईपीपीबी के वरिष्ठ प्रबंधक गुंजन तिवारी ने बताया कि अप्रैल 2026 से म्यूल अकाउंट पर नजर रखने के लिए केंद्रीय स्तर से मनी म्यूल निगरानी इंतजाम सक्रिय किया गया है। इसकी मदद से 100 से अधिक खातों में संदिग्ध लेनदेन की पुष्टि हुई है। इन खातों को सूचीबद्ध कर ट्रेस करने के लिए साइबर सेल को भेजा गया है। महराजगंज नगरपालिका के दो खाताधारकों को बीते सप्ताह ही ट्रेस करने के बाद नोटिस दी गई है।
पांच से 25 प्रतिशत तक लेते हैं कमीशन
जिले के साइबर थाने से जुड़े साइबर क्राइम एक्सपर्ट प्रफुल्ल यादव ने बताया कि अब तक की पड़ताल में एक ऐसे नेटवर्क की जानकारी मिल रही है जो पैसों के लालच में ग्रामीणों व कम पढ़े लिखे लोगों का खाता खोलकर साइबर ठगों को उपलब्ध कराने का कार्य कर रहे हैं। इसके एवज में ठगी की रकम का पांच से 25 प्रतिशत कमीशन लिया जा रहा है। इन खातों में रकम आने के बाद उक्त रकम को आठ से 10 खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता है। इसके बाद मुख्य खाते की तलाश करना साइबर टीम के लिए मुश्किल हो जाता है। जांच में म्यूल खाताधारक ही पकड़े जाते हैं। अब एसबीआई के अलावा आईपीपीबी संदिग्ध ट्रांजेक्शन वाले खातों की जानकारी साझा कर रही है। आपसी समन्वय बनाकर ऐसे खातों को चिह्नित कर कार्रवाई की जा रही है।
केस एक
महराजगंज बिस्मिल नगर वार्ड निवासी एक व्यक्ति का खाता पोस्ट पेमेंट बैंक में इसी वर्ष खुला। इस खाते में अब तक कुल आठ चरण में 60 लाख से अधिक रकम पहुंची। रकम आने के चंद मिनट बाद सारी रकम लगभग 37 बैंक खातों में स्थानांतरित हो गई। साइबर सेल की पड़ताल के आधार पर आईपीपीबी ने खाताधारक के रजिस्टर्ड पते पर नोटिस भेजा है।
केस दो
नगर पालिका के आजाद नगर निवासी एक व्यक्ति का खाता नवंबर 2025 में खोला गया। इसमें जून तक कई बार में 27 लाख से अधिक रुपये आए। इन रुपयों को जिसे आते ही 13 खातों में ट्रांसफर किया गया। आईपीपीबी ने खाताधारक के पते पर नोटिस भेजा। कुछ दिनों बाद वह नोटिस वापस आ गई। पता चला कि उक्त पते पर खाताधारक व्यक्ति रहता ही नहीं।
आईपीपीबी की सलाह
- नकदी-मुक्त अर्थव्यवस्था डिजिटल इंडिया के विजन में सतर्कता के साथ दें योगदान।
- आईपीपीबी खाताधारक अपनी निजी जानकारी किसी से कतई न साझा करें।
- लेन-देन की प्रामाणिकता जाने बिना किसी भी प्रकार का पैसा न तो स्वीकार करें और न ही भेजें।
- ग्राहक पहचान डेटा को समय-समय पर अपडेट कराएं।
- संदिग्ध लेनदेन आईपीपीबी के टोल-फ्री नंबर 1800 8899 860 या 155299 पर कॉल कर जानकारी दें।
वर्जन
मनी म्यूल आईपीपीबी की केंद्रीयकृत निगरानी प्रणाली है। जनपद में इसे एक अप्रैल से लागू किया गया है। अब तक 100 से अधिक संदिग्ध लेनदेन वाले खातों को सूचीबद्ध करने के बाद साइबर सेल को ट्रेस करने के लिए भेजा गया है। पड़ताल के बाद इसमें से दो खाताधारकों को पिछले दिनों नोटिस जारी किया गया है।
-गुंजन तिवारी, वरिष्ठ प्रबंधक, इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक, महराजगंज
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जिला अंतरराष्ट्रीय बाॅर्डर से जुड़े होने के कारण संवेदनशील है। म्यूल अकाउंट के बढ़ते चलन को देखते हुए सिर्फ एसबीआई ने ही निगरानी तंत्र विकसित किया है। अन्य बैंकों को भी निर्देश हैं कि निगरानी तंत्र विकसित करें। ताकि ऐसे खातों को सूचीबद्ध कराकर साइबर सेल से पड़ताल के बाद बंद कराया जा सके।
-भूपेंद्र मिश्रा, प्रबंधक, लीड बैंक, महराजगंज
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साइबर सेल से पड़ताल के बाद दो को आईपीपीबी ने दी नोटिस
जांच में म्यूल खाते के रूप में इस्तेमाल करने के सबूत मिले, गिरोह के सक्रिय होने की आशंका
नीलोत्पल दुबे
महराजगंज। साइबर अपराधियों ने इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के खातों में भी सेंधमारी कर ली है। बैंक द्वारा विकसित मनी म्यूल तंत्र के जरिए तीन माह में जनपद में 100 से अधिक म्यूल खाते पकड़े जा चुके हैं। आईपीपीबी ने इन खातों की जानकारी साइबर सेल को देकर इन्हें ट्रेस करने की मांग की है। साइबर टीम की जांच में एक गिरोह के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। आईपीपीबी ने एक अप्रैल से मनी म्यूल निगरानी तंत्र को लागू किया है।
सरकारी योजनाओं के तहत आर्थिक लाभ दिलाने का झांसा देकर ग्रामीणों और कम पढ़े-लिखे लोगों का बैंक खाता किराये पर लेने वालों का नेटवर्क सक्रिय है। इस नेटवर्क से जुड़े ठग लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर विभिन्न बैंकों में खाता भी खोल रहे हैं और उन खातों में साइबर ठगी की रकम मंगाकर दूसरे खातों में स्थानांतरित किया जा रहा है।
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इस तरह के मामले लगातार सामने आने के बाद आईपीपीबी ने एक म्यूल मनी नाम से निगरानी तंत्र विकसित किया और महज एक अप्रैल से 30 जून तक 100 संदिग्ध खाते चिह्नित कर लिए गए। बैंक ने इन खातों की जानकारी साइबर सेल को देकर जांच का अनुरोध किया था। साइबर सेल ने जांच के आधार पर इनमें से दो खाताधारकों को नोटिस जारी किया है।
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हालांकि सिर्फ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में ही एम पास के जरिये ऐसे खातों की निगरानी की जाती है और आईपीपीबी ने इसकी शुरुआत कर दी है। अन्य बैंकों में ऐसे खातों पर नजर रखने के कोई इंतजाम नहीं है, जबकि आरबीआई ने सभी बैंक सेक्टर को प्रबंध के निर्देश दिए हैं।
जनपद में चार लाख से अधिक आईपीपीबी खाते
जनपद में प्रधान डाकघर के मुताबिक चार लाख से अधिक आईपीपीबी खाते संचालित हैं। आईपीपीबी के वरिष्ठ प्रबंधक गुंजन तिवारी ने बताया कि अप्रैल 2026 से म्यूल अकाउंट पर नजर रखने के लिए केंद्रीय स्तर से मनी म्यूल निगरानी इंतजाम सक्रिय किया गया है। इसकी मदद से 100 से अधिक खातों में संदिग्ध लेनदेन की पुष्टि हुई है। इन खातों को सूचीबद्ध कर ट्रेस करने के लिए साइबर सेल को भेजा गया है। महराजगंज नगरपालिका के दो खाताधारकों को बीते सप्ताह ही ट्रेस करने के बाद नोटिस दी गई है।
पांच से 25 प्रतिशत तक लेते हैं कमीशन
जिले के साइबर थाने से जुड़े साइबर क्राइम एक्सपर्ट प्रफुल्ल यादव ने बताया कि अब तक की पड़ताल में एक ऐसे नेटवर्क की जानकारी मिल रही है जो पैसों के लालच में ग्रामीणों व कम पढ़े लिखे लोगों का खाता खोलकर साइबर ठगों को उपलब्ध कराने का कार्य कर रहे हैं। इसके एवज में ठगी की रकम का पांच से 25 प्रतिशत कमीशन लिया जा रहा है। इन खातों में रकम आने के बाद उक्त रकम को आठ से 10 खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता है। इसके बाद मुख्य खाते की तलाश करना साइबर टीम के लिए मुश्किल हो जाता है। जांच में म्यूल खाताधारक ही पकड़े जाते हैं। अब एसबीआई के अलावा आईपीपीबी संदिग्ध ट्रांजेक्शन वाले खातों की जानकारी साझा कर रही है। आपसी समन्वय बनाकर ऐसे खातों को चिह्नित कर कार्रवाई की जा रही है।
केस एक
महराजगंज बिस्मिल नगर वार्ड निवासी एक व्यक्ति का खाता पोस्ट पेमेंट बैंक में इसी वर्ष खुला। इस खाते में अब तक कुल आठ चरण में 60 लाख से अधिक रकम पहुंची। रकम आने के चंद मिनट बाद सारी रकम लगभग 37 बैंक खातों में स्थानांतरित हो गई। साइबर सेल की पड़ताल के आधार पर आईपीपीबी ने खाताधारक के रजिस्टर्ड पते पर नोटिस भेजा है।
केस दो
नगर पालिका के आजाद नगर निवासी एक व्यक्ति का खाता नवंबर 2025 में खोला गया। इसमें जून तक कई बार में 27 लाख से अधिक रुपये आए। इन रुपयों को जिसे आते ही 13 खातों में ट्रांसफर किया गया। आईपीपीबी ने खाताधारक के पते पर नोटिस भेजा। कुछ दिनों बाद वह नोटिस वापस आ गई। पता चला कि उक्त पते पर खाताधारक व्यक्ति रहता ही नहीं।
आईपीपीबी की सलाह
- नकदी-मुक्त अर्थव्यवस्था डिजिटल इंडिया के विजन में सतर्कता के साथ दें योगदान।
- आईपीपीबी खाताधारक अपनी निजी जानकारी किसी से कतई न साझा करें।
- लेन-देन की प्रामाणिकता जाने बिना किसी भी प्रकार का पैसा न तो स्वीकार करें और न ही भेजें।
- ग्राहक पहचान डेटा को समय-समय पर अपडेट कराएं।
- संदिग्ध लेनदेन आईपीपीबी के टोल-फ्री नंबर 1800 8899 860 या 155299 पर कॉल कर जानकारी दें।
वर्जन
मनी म्यूल आईपीपीबी की केंद्रीयकृत निगरानी प्रणाली है। जनपद में इसे एक अप्रैल से लागू किया गया है। अब तक 100 से अधिक संदिग्ध लेनदेन वाले खातों को सूचीबद्ध करने के बाद साइबर सेल को ट्रेस करने के लिए भेजा गया है। पड़ताल के बाद इसमें से दो खाताधारकों को पिछले दिनों नोटिस जारी किया गया है।
-गुंजन तिवारी, वरिष्ठ प्रबंधक, इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक, महराजगंज
जिला अंतरराष्ट्रीय बाॅर्डर से जुड़े होने के कारण संवेदनशील है। म्यूल अकाउंट के बढ़ते चलन को देखते हुए सिर्फ एसबीआई ने ही निगरानी तंत्र विकसित किया है। अन्य बैंकों को भी निर्देश हैं कि निगरानी तंत्र विकसित करें। ताकि ऐसे खातों को सूचीबद्ध कराकर साइबर सेल से पड़ताल के बाद बंद कराया जा सके।
-भूपेंद्र मिश्रा, प्रबंधक, लीड बैंक, महराजगंज