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पुलिस की नजर में भू- माफियों, करेगी कार्रवाई
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पुलिस तैयार करेगी भू-माफियाओं की सूची
राजस्व विभाग की रिपोर्ट पर पुलिस कराएगी बेदखल और केस दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले पुलिस की नजर में रहेंगे। पुलिस उनकी कुंडली खंगालेगी और राजस्व विभाग की ओर से रिपोर्ट में मिलने के बाद सूची तैयार करेगी। इसके बाद बेदखली की कार्रवाई के साथ ही एंटी भू-माफिया के तहत केस दर्ज होगा। इसके लिए जिले के सभी थानों की पुलिस कार्य करेगी।
सूबे में योगी सरकार बनने के बाद एंटी भू-माफिया अभियान चलाकर सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों पर कार्रवाई शुरू हुई। उसने जमीनें भी खाली कराई गई और भू- माफिया के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं ऐसे लोगों की भी भूमि कब्जा मुक्त कराया गया जो माफिया द्वारा जबरिया कब्जा कर लिया गया था। मगर समय के साथ ही कार्रवाई की रफ्तार सुस्त पड़ गई थी। कार्रवाई का दौर शुरू हुआ तो जिले में भी राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम टॉप 10 भू-माफिया चिह्नित किया था। इसमें जमीनें भी खाली कराई गई। एक बार फिर भू-माफियों के खिलाफ एक्शन लेने की कवायद शुरू हुई। इस बार पुलिस इनकी रिपोर्ट तैयार करेगी। इस संबंध में सभी थानों को निर्देशित किया गया है। माना जा रहा है कि एक बार फिर जमीन कब्जा करने वाले कार्रवाई के जद में आएंगे। इस संबंध में एएसपी सुरेश चंद रावत ने बताया कि सरकारी जमीन को कब्जा करने की जो भी शिकायत मिलेगी, उसकी रिपोर्ट लेखपाल की ओर से ली जाएगी। उनके रिपोर्ट के आधार पर सूची तैयार होगी। इसके बाद कब्जा मुक्त कराने के साथ ही केस दर्ज किया जाएगा। इस संबंध में सभी थानों को निर्देशित किया गया है।
रिपोर्ट के आधार दर्ज होगी कार्रवाई
जिले में गांव और नगरपालिका क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर कब्जा करने की जो भी शिकायतेें होंगी। उसकी हल्का लेखपाल के जरिए जांच के रिपोर्ट ली जाएगी। उसमें कब्जा पाए जाने की पुष्टि के बाद सूचीबद्ध किया जाएगा। इसके बाद प्रशासन के सहयोग से कब्जा मुक्ता कराया जाएगा।
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जमीन कब्जा बनता है विवाद का कारण
जिले में विवाद के अधिकांश मामले जमीन के ही सामने आए रहे हैं। इसके लिए खूनी संघर्ष की नौबत आ जा रही है। जमीन भी अपनी निजी नहीं, कहीं रास्ते पर कब्जा करने के लिए मारपीट तो कहीं गड्ढ़ा और ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा करने के लिए बवाल हो रहा है। अगर जमीन का विवाद खत्म हो जाए तो अपराध के ग्राफ में कमी आएगी।
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राजस्व विभाग की रिपोर्ट पर पुलिस कराएगी बेदखल और केस दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले पुलिस की नजर में रहेंगे। पुलिस उनकी कुंडली खंगालेगी और राजस्व विभाग की ओर से रिपोर्ट में मिलने के बाद सूची तैयार करेगी। इसके बाद बेदखली की कार्रवाई के साथ ही एंटी भू-माफिया के तहत केस दर्ज होगा। इसके लिए जिले के सभी थानों की पुलिस कार्य करेगी।
सूबे में योगी सरकार बनने के बाद एंटी भू-माफिया अभियान चलाकर सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों पर कार्रवाई शुरू हुई। उसने जमीनें भी खाली कराई गई और भू- माफिया के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं ऐसे लोगों की भी भूमि कब्जा मुक्त कराया गया जो माफिया द्वारा जबरिया कब्जा कर लिया गया था। मगर समय के साथ ही कार्रवाई की रफ्तार सुस्त पड़ गई थी। कार्रवाई का दौर शुरू हुआ तो जिले में भी राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम टॉप 10 भू-माफिया चिह्नित किया था। इसमें जमीनें भी खाली कराई गई। एक बार फिर भू-माफियों के खिलाफ एक्शन लेने की कवायद शुरू हुई। इस बार पुलिस इनकी रिपोर्ट तैयार करेगी। इस संबंध में सभी थानों को निर्देशित किया गया है। माना जा रहा है कि एक बार फिर जमीन कब्जा करने वाले कार्रवाई के जद में आएंगे। इस संबंध में एएसपी सुरेश चंद रावत ने बताया कि सरकारी जमीन को कब्जा करने की जो भी शिकायत मिलेगी, उसकी रिपोर्ट लेखपाल की ओर से ली जाएगी। उनके रिपोर्ट के आधार पर सूची तैयार होगी। इसके बाद कब्जा मुक्त कराने के साथ ही केस दर्ज किया जाएगा। इस संबंध में सभी थानों को निर्देशित किया गया है।
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रिपोर्ट के आधार दर्ज होगी कार्रवाई
जिले में गांव और नगरपालिका क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर कब्जा करने की जो भी शिकायतेें होंगी। उसकी हल्का लेखपाल के जरिए जांच के रिपोर्ट ली जाएगी। उसमें कब्जा पाए जाने की पुष्टि के बाद सूचीबद्ध किया जाएगा। इसके बाद प्रशासन के सहयोग से कब्जा मुक्ता कराया जाएगा।
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जमीन कब्जा बनता है विवाद का कारण
जिले में विवाद के अधिकांश मामले जमीन के ही सामने आए रहे हैं। इसके लिए खूनी संघर्ष की नौबत आ जा रही है। जमीन भी अपनी निजी नहीं, कहीं रास्ते पर कब्जा करने के लिए मारपीट तो कहीं गड्ढ़ा और ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा करने के लिए बवाल हो रहा है। अगर जमीन का विवाद खत्म हो जाए तो अपराध के ग्राफ में कमी आएगी।