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अतिक्रमण हटवाने में संकोच कर रही पुलिस
ब्यूरो अमर उजाला/ सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 13 Jun 2016 11:04 PM IST
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अतिक्रमण
- फोटो : अतिक्रमण
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सिद्धार्थनगर। पूरे जिले में पुलिस अतिक्रमण हटाने का अभियान संचालित कर रही है, लेकिन कपिलवस्तु कोतवाली को छोड़ कर। ऐसा नहीं कि क्षेत्र के कस्बों में पटरियों पर अतिक्रमण नहीं है। कोतवाली से चंद मीटर अलीगढ़वा कस्बा बुरी तरह अतिक्रमण से जूझ रहा है।
बावजूद इसके कोतवाली पुलिस की चुप्पी राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है। शासन के निर्देश के बावजूद अतिक्रमण न हटने से लोग परेशान हैं।
करीब पांच हजार की आबादी वाले अलीगढ़वा कस्बे में अतिक्रमणकारियों की पौ बारह है।
पुलिस को कस्बे में अतिक्रमण को लेकर कोई चिंता नहीं है। जिले के प्रमुख पर्यटकीय व शैक्षिक स्थान कल्स्बे के इर्द-गिर्द हैं। एसएसबी की गाड़ियां जैसे ही कस्बे में पहुंचती हैं, जाम लग जाता है। घंटों की मशक्कत के बाद जैसे-तैसे गाड़ियां रेंगते हुए कस्बे से बाहर निकलती हैं।
रोजाना करीब सैकड़ों की संख्या में पर्यटक व अधिकारी आते है। सीमा पर स्थित कस्बे में नेपाली नागरिक खरीदारी करने के लिए आते रहते हैं। राहगीर कस्बे से गुजरने के दौरान प्रशासन को कोसने को मजबूर हो रहे हैं। हालात यह है कि कस्बे से पांच सौ मीटर पहले ही प्रमुख बौद्ध तीर्थ स्थल कपिलवस्तु स्तूप है। गनवरिया का राजप्रासाद भी यहीं पर है।
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करीब डेढ़ किमी की दूरी पर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय है। एसएसबी की गाड़ियां बीओपी जाने के लिए कस्बे के बीच से गुजरती है। लेकिन पुलिस को अतिक्रमण हटाने की कोई जल्दी नहीं है। इस संबंध में प्रभारी कोतवाल एसके सरोज ने बताया कि कोतवाली पुलिस अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चला रही है।
बजहा बाजार में अभि3यान चला कर अतिक्रमण हटाया गया था। अलीगढ़वा कस्बा में भी एक दिन अभियान चला था। पुलिस अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान आगे भी चलाती रहेगी।
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बावजूद इसके कोतवाली पुलिस की चुप्पी राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है। शासन के निर्देश के बावजूद अतिक्रमण न हटने से लोग परेशान हैं।
करीब पांच हजार की आबादी वाले अलीगढ़वा कस्बे में अतिक्रमणकारियों की पौ बारह है।
पुलिस को कस्बे में अतिक्रमण को लेकर कोई चिंता नहीं है। जिले के प्रमुख पर्यटकीय व शैक्षिक स्थान कल्स्बे के इर्द-गिर्द हैं। एसएसबी की गाड़ियां जैसे ही कस्बे में पहुंचती हैं, जाम लग जाता है। घंटों की मशक्कत के बाद जैसे-तैसे गाड़ियां रेंगते हुए कस्बे से बाहर निकलती हैं।
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रोजाना करीब सैकड़ों की संख्या में पर्यटक व अधिकारी आते है। सीमा पर स्थित कस्बे में नेपाली नागरिक खरीदारी करने के लिए आते रहते हैं। राहगीर कस्बे से गुजरने के दौरान प्रशासन को कोसने को मजबूर हो रहे हैं। हालात यह है कि कस्बे से पांच सौ मीटर पहले ही प्रमुख बौद्ध तीर्थ स्थल कपिलवस्तु स्तूप है। गनवरिया का राजप्रासाद भी यहीं पर है।
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करीब डेढ़ किमी की दूरी पर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय है। एसएसबी की गाड़ियां बीओपी जाने के लिए कस्बे के बीच से गुजरती है। लेकिन पुलिस को अतिक्रमण हटाने की कोई जल्दी नहीं है। इस संबंध में प्रभारी कोतवाल एसके सरोज ने बताया कि कोतवाली पुलिस अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चला रही है।
बजहा बाजार में अभि3यान चला कर अतिक्रमण हटाया गया था। अलीगढ़वा कस्बा में भी एक दिन अभियान चला था। पुलिस अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान आगे भी चलाती रहेगी।