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Siddharthnagar News: कंपाउंडर हत्याकांड में पुलिस के हाथ खाली

Mon, 24 Jul 2023 11:08 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jul 2023 11:08 PM IST
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Police hands empty in compounder murder case
आठ जुलाई के रात क्लिनिक में हुई थी हत्या, हत्या को प्रेम प्रसंग से जोड़ रहे लोग, पुलिस को अभी तक नहीं मिले सुराग
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- इटवा थाना क्षेत्र के स्थानीय कस्बे में स्थित बुशरा क्लिनिक में हुई थी घटना

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। इटवा के कस्बे में बुशरा क्लिनिक में हुई कंपाउंडर वसीउल्लाह हत्याकांड में 15 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस अभी हत्या जुड़ी कड़ी से कड़ी को कहीं से जोड़ नहीं पाई है। हत्या की वजह और कातिलों को पकड़ऩे की बात दूर है। कस्बे के लोग हत्या की वजह प्रेम प्रसंग बता रहे हैं। लेकिन प्रेम किससे था और कत्ल क्यों हुआ। यह उलझा हुआ सवाल है। वहीं, पुलिस की जांच के लिए अहम बिंदू साबित होने वाला मोबाइल फोन के न खुल पाने के कारण पुलिस को कोई क्लू नहीं मिल पा रहा है।

कस्बे के डॉ. बुशरा रब्बानी, डॉ. गुलाम रब्बानी की बेटी है। डॉ. गुलाम रब्बानी इटवा कस्बे में एक लंबे अरसे से प्राइवेट अस्पताल चला रहे हैं। लगभग तीन वर्ष पहले उन्होंने उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के ग्राम कच्ची खम्हरिया निवासी अपनी बेटी को भी अपने पास बुला लिया और इटवा कस्बे के डुमरियागंज मार्ग पर पेट्रोल पंप के सामने स्थित अपने मकान को क्लिनिक चलाने के लिए दे दिया। इस दौरान डॉ. गुलाम रब्बानी के दामाद नावेद अहमद अपने ससुर व पत्नी के कार्यों में सहयोग किया करते थे। उनका यह सहयोग दवाओं आदि की आपूर्ति तक ही सीमित थी। बांसी रोड पर अपने पिता के साथ रह रही बिटिया दिन में अपनी क्लिनिक चलाने लगी और सहयोग के लिए दूर के एक रिश्तेदार वसीउल्लाह खान को नौकरी पर रख लिया, जो दिन में मरीजों के उपचार में सहयोग करता था और रात में वहीं क्लिनिक पर सो जाता था। वह तीन वर्ष से यहां रह रहा था। लेकिन कभी किसी से तू तू मैं मैं नहीं हुई। लोग बताते हैं कि उसे केवल अपने काम से मतलब था। लेकिन आठ जुलाई की रात उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने क्लिनिक के मालिक की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। मामले का जल्द पर्दाफाश करने को दावा किया था। मगर दो दिन दौड़ लगाने के बाद पुलिस थककर बैठ चुकी है। वहीं परिवार के लोग निराश हो चुके हैं। इस संबंध में एसओ इटवा विजय बहादुर सिंह ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है। कई टीमें लगी हुई हैं।
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मोबाइल खुले तो सामने आएगा हत्या का सच

कस्बे के लोगों के मुताबिक वसीउल्लाह का कभी किसी से कोई विवाद नहीं था। वह लोगों से बात भी कम करता था। लोगों के बीच आना-जाना भी कम था। फिर उसकी हत्या क्यों और किसने कर दी। इस बात को लेकर लोग चकित हैं। उनका कहना है कि लेनदेन और जमीन जायदाद का कोई मामला है तो बस प्रेम प्रसंग ही कत्ल की वजह बन सकता है। लेकिन उसका संबंध किसके था,यह 15 दिन बाद भी पता नहीं चला। पुलिस की जांच दो दिन के बाद सुस्त पड़ गई है। मृतक का मोबाइल फोन भी पुलिस ने जब्त किया था। लेकिन वह भी नहीं खुल सका। अगर मोबाइल खुलता तो हो सकता है कि उसमें कुछ राज निकलकर बाहर आता। जिससे पुलिस की जांच में मदद मिलती।
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परिवार के लोग भी नहीं जान सके हत्या की वजह

मृतक के परिवार के लोग मुंबई से तीसरे दिन आ गए थे। उनसे भी पुलिस ने कई चक्र मेें बात की, लेकिन वह भी इस बात से परेशान हैं कि किसने और क्यों वसीउल्लाह को मौत के घाट उतार दिया। उनका कहना है कि वसीउल्लाह विवादित नहीं था। अपने काम से मतलब रखता था। उसने से भी पुलिस को कोई जानकारी नहीं मिली। जिससे पुलिस की जांच आगे बढ़ सके।
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