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Siddharthnagar News: कल रेलवे स्टेशन का लोकार्पण करेंगे पीएम
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सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर लोकार्पण कार्यक्रम के लिए बन रहा पंडाल। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। रेलवे स्टेशन का लोकार्पण बृहस्पतिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे। स्टेशन पर अमृत भारत योजन के तहत लगभग 10.92 करोड़ से कार्य करवाया जा रहा था। इसका संपूर्ण कार्य लगभग पूरा हो गया है।
बृहस्पतिवार को लोकार्पण करने के बाद स्टेशन की सभी सुविधाएं यात्रियों को मिलना प्रारंभ हो जाएगी। हिमालय की तराई क्षेत्र में स्थित सिद्धार्थनगर उप्र के आकांक्षी जिलों में से एक है। वर्ष 1988 में बस्ती के उत्तरी क्षेत्र को विभाजित कर सिद्धार्थनगर जनपद का गठन किया गया। जनपद का नाम बौद्ध धर्म के प्रवर्तक महात्मा बुद्ध के बचपन के नाम सिद्धार्थ पर रखा गया है, जिनका जन्म कपिलवस्तु क्षेत्र के लुंबिनी में हुआ था। रेलवे स्टेशन लुंबिनी जाने वाले बौद्ध अनुयायियों के लिए प्रवेश द्वार है तथा सबसे निकटवर्ती स्टेशन है। गोरखपुर-गोंडा लूप रेल खंड पर स्थित एनएसजी थ्री श्रेणी का एक प्रमुख स्टेशन है।
सिद्धार्थनगर स्टेशन सीधी ट्रेन सेवा से दिल्ली, मुंबई, कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर, कटिहार, बहराइच, भोपाल आदि नगरों से जुड़ा है। स्टेशन आने वाले लगभग 50 वर्ष की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत 10.92 करोड़ की लागत से आधुनिक तथा उन्नत यात्री सुख-सुविधाओं से परिपूर्ण स्टेशन भवन को विकसित किया गया है। स्टेशन भवन में सुधार करते हुए पोर्च का निर्माण किया गया है, जो स्टेशन भवन को भव्यता प्रदान कर रहा है। महात्मा बुद्ध के जन्म स्थली के निकट होने के कारण स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया एवं स्टेशन में उनकी आकर्षक प्रतिमा लगाई गई है, जो स्टेशन भवन एवं परिसर को भव्यता प्रदान कर रहा है।
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यहां एप्रोच रोड में सुधार के साथ ही 4,714 वर्ग मीटर में सर्कुलेटिंग एरिया का विस्तार एवं विकास किया गया है, जिससे यहां आने वाले यात्रियों को आवागमन आसान एवं सुगम हुआ है। यात्रियों को धूप एवं वर्षा से बचाव के लिए प्लेटफॉर्मों पर 10-वे के यात्री छाजन का प्रावधान किया गया है। स्टेशन के तीनों प्लेटफाॅर्मों के सतह में व्यापक सुधार करते हुए 1,700 वर्ग मीटर में ग्रेनाइट लगाया गया है, जिससे यात्रियों को काफी सुविधा हो रही है। यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण किया गया है। स्टेशन पर यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त संख्या में स्टील तथा कंक्रीट बेंचों का प्रावधान किया गया है।
इसके अतिरिक्त महिला प्रतीक्षालय तथा रिटायरिंग रूम का भी प्रावधान स्टेशन पर किया गया है। स्टेशन परिसर में वाहनों की पार्किंग के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है। स्टेशन परिसर में टिकट उपलब्ध कराने के लिए आरक्षित टिकट खिड़की, अनारक्षित टिकट खिड़की तथा एटीवीएम का प्रावधान किया गया है। पीने के पानी के लिए स्टेशन पर पर्याप्त संख्या में नल की व्यवस्था की गई है। साथ ही खान-पान स्टाल का प्रावधान किया गया है। एक फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) भी है। दो नए प्रसाधन बनाए गये हैं। पूरे स्टेशन परिसर में उन्नत प्रकाश का प्रावधान करने के साथ ही आधुनिक फसाड लाइटिंग लगाई गई है, जो स्टेशन की सुंदरता को भव्यता प्रदान कर रही है।
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सिद्धार्थनगर। रेलवे स्टेशन का लोकार्पण बृहस्पतिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे। स्टेशन पर अमृत भारत योजन के तहत लगभग 10.92 करोड़ से कार्य करवाया जा रहा था। इसका संपूर्ण कार्य लगभग पूरा हो गया है।
बृहस्पतिवार को लोकार्पण करने के बाद स्टेशन की सभी सुविधाएं यात्रियों को मिलना प्रारंभ हो जाएगी। हिमालय की तराई क्षेत्र में स्थित सिद्धार्थनगर उप्र के आकांक्षी जिलों में से एक है। वर्ष 1988 में बस्ती के उत्तरी क्षेत्र को विभाजित कर सिद्धार्थनगर जनपद का गठन किया गया। जनपद का नाम बौद्ध धर्म के प्रवर्तक महात्मा बुद्ध के बचपन के नाम सिद्धार्थ पर रखा गया है, जिनका जन्म कपिलवस्तु क्षेत्र के लुंबिनी में हुआ था। रेलवे स्टेशन लुंबिनी जाने वाले बौद्ध अनुयायियों के लिए प्रवेश द्वार है तथा सबसे निकटवर्ती स्टेशन है। गोरखपुर-गोंडा लूप रेल खंड पर स्थित एनएसजी थ्री श्रेणी का एक प्रमुख स्टेशन है।
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सिद्धार्थनगर स्टेशन सीधी ट्रेन सेवा से दिल्ली, मुंबई, कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर, कटिहार, बहराइच, भोपाल आदि नगरों से जुड़ा है। स्टेशन आने वाले लगभग 50 वर्ष की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत 10.92 करोड़ की लागत से आधुनिक तथा उन्नत यात्री सुख-सुविधाओं से परिपूर्ण स्टेशन भवन को विकसित किया गया है। स्टेशन भवन में सुधार करते हुए पोर्च का निर्माण किया गया है, जो स्टेशन भवन को भव्यता प्रदान कर रहा है। महात्मा बुद्ध के जन्म स्थली के निकट होने के कारण स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया एवं स्टेशन में उनकी आकर्षक प्रतिमा लगाई गई है, जो स्टेशन भवन एवं परिसर को भव्यता प्रदान कर रहा है।
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यहां एप्रोच रोड में सुधार के साथ ही 4,714 वर्ग मीटर में सर्कुलेटिंग एरिया का विस्तार एवं विकास किया गया है, जिससे यहां आने वाले यात्रियों को आवागमन आसान एवं सुगम हुआ है। यात्रियों को धूप एवं वर्षा से बचाव के लिए प्लेटफॉर्मों पर 10-वे के यात्री छाजन का प्रावधान किया गया है। स्टेशन के तीनों प्लेटफाॅर्मों के सतह में व्यापक सुधार करते हुए 1,700 वर्ग मीटर में ग्रेनाइट लगाया गया है, जिससे यात्रियों को काफी सुविधा हो रही है। यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण किया गया है। स्टेशन पर यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त संख्या में स्टील तथा कंक्रीट बेंचों का प्रावधान किया गया है।
इसके अतिरिक्त महिला प्रतीक्षालय तथा रिटायरिंग रूम का भी प्रावधान स्टेशन पर किया गया है। स्टेशन परिसर में वाहनों की पार्किंग के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है। स्टेशन परिसर में टिकट उपलब्ध कराने के लिए आरक्षित टिकट खिड़की, अनारक्षित टिकट खिड़की तथा एटीवीएम का प्रावधान किया गया है। पीने के पानी के लिए स्टेशन पर पर्याप्त संख्या में नल की व्यवस्था की गई है। साथ ही खान-पान स्टाल का प्रावधान किया गया है। एक फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) भी है। दो नए प्रसाधन बनाए गये हैं। पूरे स्टेशन परिसर में उन्नत प्रकाश का प्रावधान करने के साथ ही आधुनिक फसाड लाइटिंग लगाई गई है, जो स्टेशन की सुंदरता को भव्यता प्रदान कर रही है।