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कर्मचारी-शिक्षक संघ ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 08 Jul 2016 10:30 PM IST
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कलेक्ट्रेट के सामने सातवे वेतन आयोग की प्रतियां जलाई गईं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थनगर। सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों पर शिक्षक-कर्मचारी संगठन लामबंद हो गया है। वेतनमान में न्यूनतम बढ़ोतरी को अपर्याप्त बताते हुए प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट के समक्ष केंद्र सरकार विरोधी नारे लगाए। वेतन आयोग की संस्तुतियों की प्रतियां जलाकर विरोध जताया। सात सूत्रीय मांगों को लेकर 14 जुलाई को प्रदर्शन का ऐलान किया।
कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के बैनर तले लामबंद शिक्षक-कर्मचारी शुक्रवार को दोपहर बाद कलेक्ट्रेट के समक्ष एकत्रित हुए। वेतन आयोग के खिलाफ नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। आयोग की संस्तुतियों से संबंधित प्रतियां जलाईं। समन्वय समिति के अध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के साथ छलावा किया है। सातवे वेतन आयोग की संस्तुति में जो न्यूनतम वेतनमान तय किया गया है, वह मामूली है।
तमाम भत्तों में भी कटौती की गई है। यह संस्तुतियां संगठन को मंजूर नहीं हैं। यह सरकार कर्मचारी हितों की विरोधी है। वेतन आयोग के इस संस्तुति का संगठन पुरजोर विरोध करेगा। केंद्र सरकार अगर नहीं चेती तो प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में कर्मचारी-शिक्षक इसका जवाब देंगे।
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समिति के संयोजक अनिल सिंह ने कहा कि केन्द्र में जब भी बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बनी है, उसने कर्मचारियों का अहित किया है। पुरानी पेंशन व्यवस्था इसी सरकार ने खत्म किया था, अब सातवें वेतन आयोग में मामूली बढ़ोतरी कर अपनी पीठ थपथपा रही है।
कर्मचारी इनके भ्रम में नहीं पड़ेंगे और अपने हक के लिए लड़ाई लड़ेंगे। प्रदर्शन में रामविलास यादव, केडी सिंह, भूपेश शुक्ला, जावेद आलम, रूपेश सिंह, शैलेंद्र गुप्ता, सुधेंदुधर, चंद्रमणि पांडेय, शिवाकांत, अरुण सिंह, लालजी यादव, इंद्रसेन सिंह, अश्वनी तिवारी, केके पांडेय, अब्दुल रऊफ, सुशील जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के बैनर तले लामबंद शिक्षक-कर्मचारी शुक्रवार को दोपहर बाद कलेक्ट्रेट के समक्ष एकत्रित हुए। वेतन आयोग के खिलाफ नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। आयोग की संस्तुतियों से संबंधित प्रतियां जलाईं। समन्वय समिति के अध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के साथ छलावा किया है। सातवे वेतन आयोग की संस्तुति में जो न्यूनतम वेतनमान तय किया गया है, वह मामूली है।
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तमाम भत्तों में भी कटौती की गई है। यह संस्तुतियां संगठन को मंजूर नहीं हैं। यह सरकार कर्मचारी हितों की विरोधी है। वेतन आयोग के इस संस्तुति का संगठन पुरजोर विरोध करेगा। केंद्र सरकार अगर नहीं चेती तो प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में कर्मचारी-शिक्षक इसका जवाब देंगे।
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समिति के संयोजक अनिल सिंह ने कहा कि केन्द्र में जब भी बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बनी है, उसने कर्मचारियों का अहित किया है। पुरानी पेंशन व्यवस्था इसी सरकार ने खत्म किया था, अब सातवें वेतन आयोग में मामूली बढ़ोतरी कर अपनी पीठ थपथपा रही है।
कर्मचारी इनके भ्रम में नहीं पड़ेंगे और अपने हक के लिए लड़ाई लड़ेंगे। प्रदर्शन में रामविलास यादव, केडी सिंह, भूपेश शुक्ला, जावेद आलम, रूपेश सिंह, शैलेंद्र गुप्ता, सुधेंदुधर, चंद्रमणि पांडेय, शिवाकांत, अरुण सिंह, लालजी यादव, इंद्रसेन सिंह, अश्वनी तिवारी, केके पांडेय, अब्दुल रऊफ, सुशील जायसवाल आदि मौजूद रहे।