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पीपल बरगद को भी कटाने के लिए अनुमति अनिवार्य
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पीपल, बरगद को भी कटाने के लिए अनुमति अनिवार्य
पर्यावरण संरक्षण को लेकर सरकार ने सख्त किए नियम, 29 प्रकार पेड़ों को कटाने के लिए लेना होगा अनुमति पत्र
अब अनुमति लेना हुआ आसान, लिखित मिलेगा आदेश
एक पेड़ काटने के एवज में लगाना होगा 10 पौधा
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। अब पेड़ काटने के लिए कानून और सख्त हो गया है। नए नियम के तहत पीपल, बरगद सहित 29 प्रकार के पेड़ों को कटवाने के लिए अनुमति लेनी होगी। इसके साथ ही एक पेड़ काटने पर 10 पेड़ लगाने के लिए अनुबंध पत्र देना होगा, तभी व्यक्ति पेड़ को कटवा सकेगा। वहीं, एक सुविधा भी मिल गई है कि अनुमति लेने के लिए पूर्व की जटिल व्यवस्था से राहत मिली है, लिखित आवेदन के बाद अनुमति मिल जाएगी।
सूबे की सरकार पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर है। बड़े पैमाने पर पौधरोपण करके प्रदेश को हराभरा बनाने के क्षेत्र में काम कर रही है। और पौधरोपण को बढ़ावा दे रही है। पर्यावरण संरक्षण हो सके, लिहाजा पेड़ काटे जाने के लिए नियम को और सख्त बना दिया है। नए नियम के तहत एक पेड़ कटवाने के पहले 10 पेड़ लगाने के लिए अनुबंधित कर दिया है। नए नियम के तहत शासन ने 29 प्रकार के पेड़ को काटने पर अनुमति लेने के लिए अनिवार्य कर दिया है। इसमें पीपल बरगद, सहित कई प्रकार के पेड़ शामिल किए गए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई कि बिना अनुमति के पेड़ काटने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में शासन स्तर से पत्र आ चुका है। इस संबंध में डीएफओ आकाश दीप बधावन ने बताया कि 29 प्रकार की प्रजाति के पेड़ काटने के लिए अनुमति अनिवार्य कर दी गई है। नए नियम के तहत अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति के पेड़ काटे जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रजाति के पेड़ों के काटने के लिए लेनी होगी अनुमति
आम में देसी, तुकमी व कलमी प्रजाति, नीम, साल, महुआ, बीजा साल, पीपल, बरगद, गूलर, पाकड़, अर्जुन, पलाश, बेल, चिरौंजी, खिरनी, कैथा, इमली, जामुन, असना, कुसुम, रीठा, भिलावा, तनू, सलई, हल्दू, बाकली, करधई, धौर, खैर, शीशम, सागौन को कटवाने से पहले अनुमति लेनी होगी।
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पर्यावरण संरक्षण को लेकर सरकार ने सख्त किए नियम, 29 प्रकार पेड़ों को कटाने के लिए लेना होगा अनुमति पत्र
अब अनुमति लेना हुआ आसान, लिखित मिलेगा आदेश
एक पेड़ काटने के एवज में लगाना होगा 10 पौधा
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। अब पेड़ काटने के लिए कानून और सख्त हो गया है। नए नियम के तहत पीपल, बरगद सहित 29 प्रकार के पेड़ों को कटवाने के लिए अनुमति लेनी होगी। इसके साथ ही एक पेड़ काटने पर 10 पेड़ लगाने के लिए अनुबंध पत्र देना होगा, तभी व्यक्ति पेड़ को कटवा सकेगा। वहीं, एक सुविधा भी मिल गई है कि अनुमति लेने के लिए पूर्व की जटिल व्यवस्था से राहत मिली है, लिखित आवेदन के बाद अनुमति मिल जाएगी।
सूबे की सरकार पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर है। बड़े पैमाने पर पौधरोपण करके प्रदेश को हराभरा बनाने के क्षेत्र में काम कर रही है। और पौधरोपण को बढ़ावा दे रही है। पर्यावरण संरक्षण हो सके, लिहाजा पेड़ काटे जाने के लिए नियम को और सख्त बना दिया है। नए नियम के तहत एक पेड़ कटवाने के पहले 10 पेड़ लगाने के लिए अनुबंधित कर दिया है। नए नियम के तहत शासन ने 29 प्रकार के पेड़ को काटने पर अनुमति लेने के लिए अनिवार्य कर दिया है। इसमें पीपल बरगद, सहित कई प्रकार के पेड़ शामिल किए गए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई कि बिना अनुमति के पेड़ काटने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में शासन स्तर से पत्र आ चुका है। इस संबंध में डीएफओ आकाश दीप बधावन ने बताया कि 29 प्रकार की प्रजाति के पेड़ काटने के लिए अनुमति अनिवार्य कर दी गई है। नए नियम के तहत अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति के पेड़ काटे जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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इस प्रजाति के पेड़ों के काटने के लिए लेनी होगी अनुमति
आम में देसी, तुकमी व कलमी प्रजाति, नीम, साल, महुआ, बीजा साल, पीपल, बरगद, गूलर, पाकड़, अर्जुन, पलाश, बेल, चिरौंजी, खिरनी, कैथा, इमली, जामुन, असना, कुसुम, रीठा, भिलावा, तनू, सलई, हल्दू, बाकली, करधई, धौर, खैर, शीशम, सागौन को कटवाने से पहले अनुमति लेनी होगी।
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