{"_id":"61bf668b42afb85cd6383d48","slug":"people-chilled-by-cold-wind-did-not-show-the-effect-of-sunlight-siddharthnagar-news-gkp4204883111","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्द हवा से ठिठुरे लोग, नहीं दिखा धूप का असर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्द हवा से ठिठुरे लोग, नहीं दिखा धूप का असर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सर्द हवा से ठिठुरे लोग, नहीं दिखा धूप का असर
7.8 डिग्री सेल्सियस तक नीचे उतरा पारा
शाम होते ही छा गया कोहरा, घरों में सिमटे रहे लोग
सिद्धार्थनगर। पहाड़ियों पर बर्फबारी के बाद अचानक गलन बढ़ गई है। सर्दी के कारण लोग ठिठुरने
लगे हैं। सर्दी का असर ऐसा रहा है कि रविवार को अवकाश के दिन ज्यादातर लोग घरों में सिमटे रहे। चौक - चौराहों पर शाम को पहले की तरह चहल-पहल नहीं दिखी। रात आठ बजे ही सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा। शहर में नगर पालिका परिषद की ओर से अलाव का इंतजाम नजर नहीं आ रहा है।
रविवार को न्यूनतम 7.8 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया है। जबकि अधिकतम तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार तीन दिन में दो डिग्री तापमान नीचे गिरने का पूर्वानुमान है। रविवार सुबह धूप निकली, लेकिन गलन इतनी अधिक रही कि उसका असर नहीं दिखा। शाम होते ही कोहरा छाने के कारण सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होने लगी। लोगों ने सर्दी से बचाव के लिए अलाव का इंतजाम किया है। जबकि घरों में रूम हीटर का प्रयोग कर रहे हैं।
रैन बसेरा नहीं, अलाव की दरकार
संयुक्त जिला चिकित्सालय में रैन बसेरा नहीं है। भर्ती मरीजों के साथ अस्पताल जाने वाले परिजन सर्दी से ठिठुर रहे हैं। नगर पालिका परिषद की ओर से जिला अस्पताल में अलाव की व्यवस्था नहीं की गई। सर्द हवाओं से बचने के लिए लोग अस्पताल के अंदर रहकर समय काट रहे हैं। भर्ती मरीजों की संख्या कम होने के कारण वार्ड में ही परिजन सर्दी से बचने की कोशिश कर रहे हैं। इसी प्रकार रेलवे और बस स्टेशन पर भी लोगों को सर्दी से राहत के लिए अलाव की मदद नहीं मिल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
7.8 डिग्री सेल्सियस तक नीचे उतरा पारा
शाम होते ही छा गया कोहरा, घरों में सिमटे रहे लोग
सिद्धार्थनगर। पहाड़ियों पर बर्फबारी के बाद अचानक गलन बढ़ गई है। सर्दी के कारण लोग ठिठुरने
लगे हैं। सर्दी का असर ऐसा रहा है कि रविवार को अवकाश के दिन ज्यादातर लोग घरों में सिमटे रहे। चौक - चौराहों पर शाम को पहले की तरह चहल-पहल नहीं दिखी। रात आठ बजे ही सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा। शहर में नगर पालिका परिषद की ओर से अलाव का इंतजाम नजर नहीं आ रहा है।
रविवार को न्यूनतम 7.8 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया है। जबकि अधिकतम तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार तीन दिन में दो डिग्री तापमान नीचे गिरने का पूर्वानुमान है। रविवार सुबह धूप निकली, लेकिन गलन इतनी अधिक रही कि उसका असर नहीं दिखा। शाम होते ही कोहरा छाने के कारण सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होने लगी। लोगों ने सर्दी से बचाव के लिए अलाव का इंतजाम किया है। जबकि घरों में रूम हीटर का प्रयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन
रैन बसेरा नहीं, अलाव की दरकार
संयुक्त जिला चिकित्सालय में रैन बसेरा नहीं है। भर्ती मरीजों के साथ अस्पताल जाने वाले परिजन सर्दी से ठिठुर रहे हैं। नगर पालिका परिषद की ओर से जिला अस्पताल में अलाव की व्यवस्था नहीं की गई। सर्द हवाओं से बचने के लिए लोग अस्पताल के अंदर रहकर समय काट रहे हैं। भर्ती मरीजों की संख्या कम होने के कारण वार्ड में ही परिजन सर्दी से बचने की कोशिश कर रहे हैं। इसी प्रकार रेलवे और बस स्टेशन पर भी लोगों को सर्दी से राहत के लिए अलाव की मदद नहीं मिल रही है।
विज्ञापन