{"_id":"579b8e344f1c1b1c1521e3dd","slug":"patients-began-sheet","type":"story","status":"publish","title_hn":"मरीजों को मिलने लगी चादर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मरीजों को मिलने लगी चादर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 29 Jul 2016 10:41 PM IST
विज्ञापन
सदर थाने में एसओ को तहरीर देते हियुवा के जिला प्रभारी श्यामधनी राही।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। जिला अस्पताल प्रशासन की नींद खुल गई है। अमर उजाला में 27 जुलाई के अंक में प्रकाशित बेड पर नहीं है चादर, पॉलिथीन पर सो रहे मरीज शीर्षक से खबर छपने के बाद मरीजों को चादर वितरित किया जाने लगा है।
अभी तक जिला अस्पताल में इमरजेंसी से जनरल वार्ड में भर्ती होने वाले एक भी मरीजों को बेड पर बिछाने के लिए चादर नहीं मिलती थी। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज या तो अपने घर से बिस्तर व चादर साथ लेकर आते थे या फिर उसी फटे हुए पॉलिथीन युक्त बिस्तर पर गुजारा करते थे।
स्वास्थ्य महकमा खुद पॉलिथीन के इस्तेमाल को स्वास्थ्य के लिए घातक बताते हुए इस्तेमाल से मना करता था, बावजूद मरीजों को चादर नहीं दी जा रही थी। मामला संज्ञान में आने के बाद अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की नींद में सो रहे जिम्मेदार हरकत में आ गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभी तक जिला अस्पताल में इमरजेंसी से जनरल वार्ड में भर्ती होने वाले एक भी मरीजों को बेड पर बिछाने के लिए चादर नहीं मिलती थी। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज या तो अपने घर से बिस्तर व चादर साथ लेकर आते थे या फिर उसी फटे हुए पॉलिथीन युक्त बिस्तर पर गुजारा करते थे।
विज्ञापन
स्वास्थ्य महकमा खुद पॉलिथीन के इस्तेमाल को स्वास्थ्य के लिए घातक बताते हुए इस्तेमाल से मना करता था, बावजूद मरीजों को चादर नहीं दी जा रही थी। मामला संज्ञान में आने के बाद अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की नींद में सो रहे जिम्मेदार हरकत में आ गए हैं।
विज्ञापन