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पेपर लीक मामला : आरोपी से मिले अहम नंबर, एक संदिग्ध रडार पर
Fri, 15 Mar 2024 10:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 15 Mar 2024 10:50 PM IST
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सिद्धार्थनगर। पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने से जुड़े मामले में एसटीएफ और इटवा पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। बृहस्पतिवार को पुलिस के हत्थे चढ़े बिहार के आरोपी ने एक ऐसे व्यक्ति का नाम बताया है जो शायद गिरोह को आखिरी सदस्य हो। वह पुलिस के रडार पर है और यूपी के ही एक जनपद का निवासी है। उसके पकड़े जाने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि पेपर कैसे और किस तिथि में लीक हुआ था। इसमें किन- किन लोगों को सहयोग था। पुलिस की तीन टीम कई नंबरों पर काम कर रही हैं। सर्विलांस सेल भी लगी हुई है। ऐसा सूत्रों से जानकारी मिली।
जिले में 17 और 18 फरवरी को पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा हुई थी। इसमें 10 साॅल्वर और अभ्यर्थी पकड़े गए थे। इनके खिलाफ धोखाधड़ी परीक्षा अधिनियम सहित अन्य धारा में केस दर्ज करके पुलिस मामले की छानबीन कर रही थी। पकड़े गए साॅल्वर के एक सहयोगी से कुछ अहम जानकारी मिली थी। पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़कर आगे बढ़ी तो पता चला कि यह पेपर लीक करने में भी शामिल पाए। तीन बार में पेपर लीक करने वाले 10 पुलिस के हाथ लगे। पुलिस की छानबीन चल रही थी कि बृहस्पतिवार को एसटीएफ गोरखपुर यूनिट और इटवा पुलिस की संयुक्त टीम ने इटवा कस्बे के पास से रंजन कुमार निवासी सनात बिगा थाना डालमियानगर जनपद रोहतास बिहार को दबोच लिया।
पुलिस की पूछताछ में उसके पास से कई अहम जानकारी मिली है। इसमें मोबाइल नंबर के साथ ही एक व्यक्ति का नाम बताया है, जिसे पुलिस रडार पर ले चुकी है। मिली जानकारी और नंबर के आधार पर उसकी तस्दीक की जा रही है। तस्दीक होते ही एसटीएफ के अलावा तीन टीम हैं जो दबोच लेंगी। सूत्रों की माने तो जल्द ही गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस का मानना है कि मास्टर माइंड वही हो सकता है। लेकिन लीक करने के मामले से जुड़ा हर आरोपी केवल सामने वाले को ही जानता है। उसके आगे और कौन है यह किसी को पता नहीं है। कारण हर बार आखिरी मानकर पुलिस पकड़ती है और फिर नए नाम और नंबर मिल जाते हैं। फिलहाल इस बार पुलिस रडार पर आए संदिग्ध को अंतिम मान रही है। ऐसा सूत्र बता रहे हैं, लेकिन आगे क्या होगा यह पकड़े जाने के बाद ही पता चलेगा।
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खातों के मिलान में मिल रही है सच्चाई
सूत्रों की माने तो पुलिस लेनदेन से जुड़े मामले की जांच कर रही है। कई खातों से हुए लेनदेन के बारे में पुलिस को पुख्ता जानकारी मिल गई है। सभी खातों को खंगालने के बाद पूरा कितने का सौदा हुआ है, यह सच सामने आएगा।
मामले की छानबीन की चल रही है। पकड़े गए आरोपी से कुछ जानकारी मिली है। उसके सहारे जांच आगे बढ़ी है। उम्मीद है कि जल्द ही सफलता हाथ लगेगी।
-प्राची सिंह, पुलिस अधीक्षक
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जिले में 17 और 18 फरवरी को पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा हुई थी। इसमें 10 साॅल्वर और अभ्यर्थी पकड़े गए थे। इनके खिलाफ धोखाधड़ी परीक्षा अधिनियम सहित अन्य धारा में केस दर्ज करके पुलिस मामले की छानबीन कर रही थी। पकड़े गए साॅल्वर के एक सहयोगी से कुछ अहम जानकारी मिली थी। पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़कर आगे बढ़ी तो पता चला कि यह पेपर लीक करने में भी शामिल पाए। तीन बार में पेपर लीक करने वाले 10 पुलिस के हाथ लगे। पुलिस की छानबीन चल रही थी कि बृहस्पतिवार को एसटीएफ गोरखपुर यूनिट और इटवा पुलिस की संयुक्त टीम ने इटवा कस्बे के पास से रंजन कुमार निवासी सनात बिगा थाना डालमियानगर जनपद रोहतास बिहार को दबोच लिया।
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पुलिस की पूछताछ में उसके पास से कई अहम जानकारी मिली है। इसमें मोबाइल नंबर के साथ ही एक व्यक्ति का नाम बताया है, जिसे पुलिस रडार पर ले चुकी है। मिली जानकारी और नंबर के आधार पर उसकी तस्दीक की जा रही है। तस्दीक होते ही एसटीएफ के अलावा तीन टीम हैं जो दबोच लेंगी। सूत्रों की माने तो जल्द ही गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस का मानना है कि मास्टर माइंड वही हो सकता है। लेकिन लीक करने के मामले से जुड़ा हर आरोपी केवल सामने वाले को ही जानता है। उसके आगे और कौन है यह किसी को पता नहीं है। कारण हर बार आखिरी मानकर पुलिस पकड़ती है और फिर नए नाम और नंबर मिल जाते हैं। फिलहाल इस बार पुलिस रडार पर आए संदिग्ध को अंतिम मान रही है। ऐसा सूत्र बता रहे हैं, लेकिन आगे क्या होगा यह पकड़े जाने के बाद ही पता चलेगा।
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खातों के मिलान में मिल रही है सच्चाई
सूत्रों की माने तो पुलिस लेनदेन से जुड़े मामले की जांच कर रही है। कई खातों से हुए लेनदेन के बारे में पुलिस को पुख्ता जानकारी मिल गई है। सभी खातों को खंगालने के बाद पूरा कितने का सौदा हुआ है, यह सच सामने आएगा।
मामले की छानबीन की चल रही है। पकड़े गए आरोपी से कुछ जानकारी मिली है। उसके सहारे जांच आगे बढ़ी है। उम्मीद है कि जल्द ही सफलता हाथ लगेगी।
-प्राची सिंह, पुलिस अधीक्षक