{"_id":"63ffa2f38c14714b380a5ab4","slug":"panchsheel-procession-with-bandbaja-siddharthnagar-news-c-7-1-71301-2023-03-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: बैंडबाजा के साथ निकली पंचशील शोभायात्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: बैंडबाजा के साथ निकली पंचशील शोभायात्रा
Thu, 02 Mar 2023 12:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 02 Mar 2023 12:39 AM IST
विज्ञापन
पंचशील शोभायात्रा में शामिल बौध अनुयायी।
डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के जमालजोत गांव में मुन्नीलाल गौतम के घर पर एक सप्ताह से चल रहे बौद्ध धम्म देशना एवं बुद्धकथा का समापन बुधवार को हो गया। बैंड बाजा के साथ पंचशील शोभायात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
पंचशील शोभायात्रा क्षेत्र के जमालजोत गांव से निकलकर अंदुआं गांव स्थित आंबेडकर बुद्ध बिहार परिसर में पहुंची। भंते बुद्ध रत्न ने बौद्ध अनुयायियों को त्रिशरण, पंचशील ग्रहण कराया। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध ने पूरी दुनिया में शांति का संदेश दिया तो बाबा साहब डॉ.भीमराव आंबेडकर ने संविधान लिखकर तथा मताधिकार देकर सर्वसमाज को ऋणी कर दिया।
बाबा साहब ने समाज में व्याप्त छुआछूत व कुरीतियों को दूर करने में अहम भूमिका अदा की है। बाबा साहब के प्रति समाज के सभी वर्गों की आस्था है। बाबा साहब ने समाज के दबे कुचले लोगों को सम्मान व हक दिलाने का काम किया है। उनका उपदेश और संदेश हमेशा विश्व के लिए प्रासंगिक रहेगा। इस दौरान मुन्नीलाल गौतम, डॉ. शीश कुमार बौद्ध, ग्राम प्रधान सीताराम, रामशब्द, रामनेवास, अरविंद पासवान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पंचशील शोभायात्रा क्षेत्र के जमालजोत गांव से निकलकर अंदुआं गांव स्थित आंबेडकर बुद्ध बिहार परिसर में पहुंची। भंते बुद्ध रत्न ने बौद्ध अनुयायियों को त्रिशरण, पंचशील ग्रहण कराया। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध ने पूरी दुनिया में शांति का संदेश दिया तो बाबा साहब डॉ.भीमराव आंबेडकर ने संविधान लिखकर तथा मताधिकार देकर सर्वसमाज को ऋणी कर दिया।
विज्ञापन
बाबा साहब ने समाज में व्याप्त छुआछूत व कुरीतियों को दूर करने में अहम भूमिका अदा की है। बाबा साहब के प्रति समाज के सभी वर्गों की आस्था है। बाबा साहब ने समाज के दबे कुचले लोगों को सम्मान व हक दिलाने का काम किया है। उनका उपदेश और संदेश हमेशा विश्व के लिए प्रासंगिक रहेगा। इस दौरान मुन्नीलाल गौतम, डॉ. शीश कुमार बौद्ध, ग्राम प्रधान सीताराम, रामशब्द, रामनेवास, अरविंद पासवान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन