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Siddharthnagar News: निजीकरण के खिलाफ भरी हुंकार
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अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना देते विद्युत कर्मी। स्रोत विज्ञप्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के जिला इकाई के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को निजीकरण के विरोध अधीक्षण अभियंता कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। जिला सचिव इं. पंकज विश्वकर्मा ने कहा कि निजी करण न तो उपभोक्ता के हित में है न ही विभाग के हित में है।
उन्होंने कहा कि निजीकरण होने से कई लोगों की नौकरी जाएगी, जबकि उपभोक्ताओं को अधिक दर पर विद्युत बिल का भुगतान करना पड़ेगा। सरकार बिजली को पूरी तरह से निजीकरण करके परेशान करेगी। निजीकरण से पढ़ने वाले युवाओं को भी सुविधा से वंचित होना पड़ेगा। निजीकरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे विद्युत दरों में वृद्धि होने से किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा। कहा कि सरकार की मानसिकता को विफल करने के लिए विद्युत कर्मी जनता से मिलकर निजीकरण से होने वाले नुकसान के बारे में बताएं।
उन्होंने कहा कि विद्युत क्षेत्र का निर्माण व संचालन राज्य सरकार की ओर से निगम के माध्यम से उद्योग धंधों के विकास, कृषि के उपयोग व घरेलू उपभोक्ताओं के दैनिक उपभोग के लिए किया जाता है। राज्य सरकार की ओर से इस विद्युत क्षेत्र का संचालन बिना लाभ-हानि के सिद्धांत पर अपनी राज्य की जनता के प्रति लोक कल्याणकारी सरकार की सामाजिक जिम्मेदारी के निर्वहन के लिए किया जाता है, लेकिन वर्तमान सरकार अपनी लोक कल्याणकारी भूमिका को छोड़कर विद्युत क्षेत्र को लाभ-हानि के आधार पर संचालन की मंशा से आगे बढ़ रही है।
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विरोध प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष इं. यादवेश राय, अनिल यादव, अनिल यादव, सुरेंद्र कुमार, संदीप कुमार, कुंदन कुमार शामिल रहे।
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सिद्धार्थनगर। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के जिला इकाई के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को निजीकरण के विरोध अधीक्षण अभियंता कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। जिला सचिव इं. पंकज विश्वकर्मा ने कहा कि निजी करण न तो उपभोक्ता के हित में है न ही विभाग के हित में है।
उन्होंने कहा कि निजीकरण होने से कई लोगों की नौकरी जाएगी, जबकि उपभोक्ताओं को अधिक दर पर विद्युत बिल का भुगतान करना पड़ेगा। सरकार बिजली को पूरी तरह से निजीकरण करके परेशान करेगी। निजीकरण से पढ़ने वाले युवाओं को भी सुविधा से वंचित होना पड़ेगा। निजीकरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे विद्युत दरों में वृद्धि होने से किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा। कहा कि सरकार की मानसिकता को विफल करने के लिए विद्युत कर्मी जनता से मिलकर निजीकरण से होने वाले नुकसान के बारे में बताएं।
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उन्होंने कहा कि विद्युत क्षेत्र का निर्माण व संचालन राज्य सरकार की ओर से निगम के माध्यम से उद्योग धंधों के विकास, कृषि के उपयोग व घरेलू उपभोक्ताओं के दैनिक उपभोग के लिए किया जाता है। राज्य सरकार की ओर से इस विद्युत क्षेत्र का संचालन बिना लाभ-हानि के सिद्धांत पर अपनी राज्य की जनता के प्रति लोक कल्याणकारी सरकार की सामाजिक जिम्मेदारी के निर्वहन के लिए किया जाता है, लेकिन वर्तमान सरकार अपनी लोक कल्याणकारी भूमिका को छोड़कर विद्युत क्षेत्र को लाभ-हानि के आधार पर संचालन की मंशा से आगे बढ़ रही है।
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विरोध प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष इं. यादवेश राय, अनिल यादव, अनिल यादव, सुरेंद्र कुमार, संदीप कुमार, कुंदन कुमार शामिल रहे।