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पर्यटन केंद्र बनेगा आमी नदी का उद्गम स्थल
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आमी नदी का उद्गम स्थल सिकहरा कोहड़ा।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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पर्यटन केंद्र बनेगा आमी नदी का उद्गम स्थल
407.77 लाख रुपये निर्ग, आज से शुरू होगा निर्माण कार्य
डुमरियागंज(सिद्धार्थनगर)। सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर के बड़े हिस्से को सिंचित करने वाली आमी नदी के उद्गम स्थल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की कवायद सोमवार से शुरू हो जाएगी। सिंचाई जल संसाधन विभाग की ओर से 407.77 लाख रुपये निर्गत किया गया है। इससे नदी के रास्ते के नाले के लिए खरीदी गई जमीन पर सोमवार से खुदाई शुरू हो जाएगी। भूमि पूजन और शिलान्यास विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह करेंगे।
इसके पहले वर्ष 2018 में एक करोड़ रुपये टोकन मनी के रूप में इस परियोजना पर स्वीकृति हुई थी। धन मंजूरी के बाद कृषि योग्य कुछ जमीन का अधिग्रहण कार्य शुरू हुआ था। वर्ष 2017 में डुमरियागंज विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह के प्रयास पर पर्यटन, राजकीय निर्माण निगम व आर्किटेक्चर की टीम ने आमी के उद्गम स्थल सिकहरा पहुंच कर विकास की संभावनाएं तलाशी थी, जिसके आधार पर टीम कार्ययोजना तैयार करने में जुट गई है थी। राज्य योजना के माध्यम से यहां पर्यटन का विकास कराया जाएगा।
आमी तराई क्षेत्र की प्रमुख नदियों में शुमार है। डुमरियागंज के सिकहरा ताल से निकलकर यह नदी बांसी, रुधौली, मगहर होते गोरखपुर तक जाती है। बस्ती मंडल के तीनों जिलों के बड़े हिस्से से आमी गुजरी है। देखरेख व संरक्षण के अभाव में विलीन होती आमी को बचाने के लिए पहल हुई थी। विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने जिला योजना के तहत यहां पर्यटन सुविधाएं विकसित करने की मांग की थी। बाद में प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी को पत्र सौंपा था। उनके निर्देश पर राजकीय निर्माण निगम और पर्यटन विभाग के अधिकारियों की टीम डुमरियागंज आई थी।
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राजकीय निर्माण विभाग के परियोजना प्रभारी डीपी सिंह, जेई नागेश सिंह, सहायक अभियंता रोहित त्रिपाठी के साथ पर्यटन सूचना अधिकारी डॉ. मोहम्मद मकबूल ने सिकहरा कोहड़ा गांव में आमी के उद्गम स्थल का मुआयना किया था। उनके साथ विधायक राघवेंद्र प्रताप भी मौजूद थे। राजकीय निर्माण निगम से संबद्ध आर्किटेक आशीष अवस्थी ने हर पहलू को देखा था। टीम में शामिल पर्यटन सूचना अधिकारी डॉ. मकबूल ने बताया था कि ऐतिहासिक विरासत को संजोए आमी नदी के संरक्षण के लिए इस स्थल पर राज्य योजना के तहत कार्य कराया जाएगा।
विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पर्यटन स्थल बनने के उपरांत क्षेत्र के लोगों के रोजी-रोजगार में वृद्धि होगी। पूर्व में शासन को पत्र के साथ 815. 54 लाख रुपये का इस्टीमेट स्वीकृति के लिए भेजा गया था, तब शासन ने एक करोड़ रुपये निर्गत किया था।
सिकहरा में हो सकेगा नौका विहार
आमी नदी के उद्भव स्थली सिकहरा कोहड़ा में मौजूद तालाब के किनारे सीढ़ियों के निर्माण के अलावा आमी नदी की ऐतिहासिकता को बताने वाला स्तूप, विशाल गेट, समारोह हॉल और तालाब के किनारे लोगों के बैठने के लिए टीन शेड की व्यवस्था की जाएगी। तालाब में दो नौकायान की भी व्यवस्था की जाएगी।
इन गांवों के सिवान में होगी खुदाई
करीब नौ किलोमीटर तक आमी नदी के रास्ते के लिए खुदाई किया जाएगा।आमी नदी से खुदाई शुरू होकर सिकहरा कोहड़ा, तिलगडिय़ा खुर्द, परसा पंडित, पटखौली, पोखरा काजी, जमौती जमौता, मड़हली से निकलकर चौकनिया नाले तक बनाया जाएगा।
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407.77 लाख रुपये निर्ग, आज से शुरू होगा निर्माण कार्य
डुमरियागंज(सिद्धार्थनगर)। सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर के बड़े हिस्से को सिंचित करने वाली आमी नदी के उद्गम स्थल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की कवायद सोमवार से शुरू हो जाएगी। सिंचाई जल संसाधन विभाग की ओर से 407.77 लाख रुपये निर्गत किया गया है। इससे नदी के रास्ते के नाले के लिए खरीदी गई जमीन पर सोमवार से खुदाई शुरू हो जाएगी। भूमि पूजन और शिलान्यास विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह करेंगे।
इसके पहले वर्ष 2018 में एक करोड़ रुपये टोकन मनी के रूप में इस परियोजना पर स्वीकृति हुई थी। धन मंजूरी के बाद कृषि योग्य कुछ जमीन का अधिग्रहण कार्य शुरू हुआ था। वर्ष 2017 में डुमरियागंज विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह के प्रयास पर पर्यटन, राजकीय निर्माण निगम व आर्किटेक्चर की टीम ने आमी के उद्गम स्थल सिकहरा पहुंच कर विकास की संभावनाएं तलाशी थी, जिसके आधार पर टीम कार्ययोजना तैयार करने में जुट गई है थी। राज्य योजना के माध्यम से यहां पर्यटन का विकास कराया जाएगा।
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आमी तराई क्षेत्र की प्रमुख नदियों में शुमार है। डुमरियागंज के सिकहरा ताल से निकलकर यह नदी बांसी, रुधौली, मगहर होते गोरखपुर तक जाती है। बस्ती मंडल के तीनों जिलों के बड़े हिस्से से आमी गुजरी है। देखरेख व संरक्षण के अभाव में विलीन होती आमी को बचाने के लिए पहल हुई थी। विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने जिला योजना के तहत यहां पर्यटन सुविधाएं विकसित करने की मांग की थी। बाद में प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी को पत्र सौंपा था। उनके निर्देश पर राजकीय निर्माण निगम और पर्यटन विभाग के अधिकारियों की टीम डुमरियागंज आई थी।
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राजकीय निर्माण विभाग के परियोजना प्रभारी डीपी सिंह, जेई नागेश सिंह, सहायक अभियंता रोहित त्रिपाठी के साथ पर्यटन सूचना अधिकारी डॉ. मोहम्मद मकबूल ने सिकहरा कोहड़ा गांव में आमी के उद्गम स्थल का मुआयना किया था। उनके साथ विधायक राघवेंद्र प्रताप भी मौजूद थे। राजकीय निर्माण निगम से संबद्ध आर्किटेक आशीष अवस्थी ने हर पहलू को देखा था। टीम में शामिल पर्यटन सूचना अधिकारी डॉ. मकबूल ने बताया था कि ऐतिहासिक विरासत को संजोए आमी नदी के संरक्षण के लिए इस स्थल पर राज्य योजना के तहत कार्य कराया जाएगा।
विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पर्यटन स्थल बनने के उपरांत क्षेत्र के लोगों के रोजी-रोजगार में वृद्धि होगी। पूर्व में शासन को पत्र के साथ 815. 54 लाख रुपये का इस्टीमेट स्वीकृति के लिए भेजा गया था, तब शासन ने एक करोड़ रुपये निर्गत किया था।
सिकहरा में हो सकेगा नौका विहार
आमी नदी के उद्भव स्थली सिकहरा कोहड़ा में मौजूद तालाब के किनारे सीढ़ियों के निर्माण के अलावा आमी नदी की ऐतिहासिकता को बताने वाला स्तूप, विशाल गेट, समारोह हॉल और तालाब के किनारे लोगों के बैठने के लिए टीन शेड की व्यवस्था की जाएगी। तालाब में दो नौकायान की भी व्यवस्था की जाएगी।
इन गांवों के सिवान में होगी खुदाई
करीब नौ किलोमीटर तक आमी नदी के रास्ते के लिए खुदाई किया जाएगा।आमी नदी से खुदाई शुरू होकर सिकहरा कोहड़ा, तिलगडिय़ा खुर्द, परसा पंडित, पटखौली, पोखरा काजी, जमौती जमौता, मड़हली से निकलकर चौकनिया नाले तक बनाया जाएगा।