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अब कपिलवस्तु का इतिहास भी पाठ्यक्रम का हिस्सा होगा

Fri, 27 May 2022 11:30 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 27 May 2022 11:30 PM IST
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Now the history of Kapilvastu will also be a part of the curriculum.
अब कपिलवस्तु का इतिहास भी पाठ्यक्रम का हिस्सा होगा
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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के प्राचीन इतिहास, संस्कृति व पुरातत्व विभाग में अब कपिलवस्तु पाठ्यक्रम का हिस्सा होगा। परास्नातक में यह एक विषय के रूप में शामिल होगा और छात्र-छात्राओं को कपिलवस्तु सहित गौतम बुद्ध के बारे में तथ्यपरक अध्ययन का अवसर प्राप्त होगा। इसके अलावा प्राचीन भारत में विभिन्न आयामों में महिलाओं की स्थितियों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।
उत्तर प्रदेश राज्य सरकार की नई शिक्षा नीति के दिशा निर्देशन में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में परास्नातक का नया पाठ्यक्रम बनाया गया है। विश्वविद्यालय में हुई बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठकों के बाद पाठ्यक्रम का स्वरूप तय किया गया है। नवीन पाठ्यक्रम में दो नए पेपर जोड़े गए हैं।
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु और ऐतिहासिक महत्व के स्थल कपिलवस्तु जनपद में स्थित है। कपिलवस्तु भारत में ही नहीं, बल्कि नेपाल में भी अपने पांव पसारे हुए हैं। इससे दोनों देशों का समग्र इतिहास इस पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा और यह विद्यार्थियों के लिए यह रुचिकर रहेगा। इन पाठ्यक्रमों को पढ़ने के बाद छात्र अपने अतीत के गौरव को महसूस करेंगे और बुद्ध के उन पावन स्थलों की जानकारी प्राप्त करेंगे, जो इतिहास में कहीं दब गई है। कपिलवस्तु के प्राचीन इतिहास के साथ ही तथागत बुद्ध से जुड़े हुए अन्य बौद्घ स्थल भी पाठ्यक्रम में शामिल होंगे। वहीं, प्राचीन भारत में महिलाओं की भूमिका, कुछ विशिष्ट महिलाओं के संदर्भ में विषय के अंतर्गत प्राचीन इतिहास का अध्ययन होगा।
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प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग में दो नए पेपर जोड़े गए हैं। इनमें कपिलवस्तु और बौद्धकालीन धरोहर एवं प्राचीन भारत में महिलाओं की भूमिका को शामिल किया गया है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के निर्देश के अंतर्गत पाठ्यक्रम को तैयार किया गया है।
- डॉ. नीता यादव, विभागाध्यक्ष, प्राचीन इतिहास, संस्कृति व पुरातत्व विभाग
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