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बेटे और पत्नी को मुखाग्नि देते कांप गए नितेश के हाथ
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बेटे और पत्नी को मुखाग्नि देते कांप गए नितेश के हाथ
शोहरतगढ़। बानगंगा घाट पर एक साथ मां और बेटे की चिता में जली तो साथ गए लोग रो पड़े। मासूम बेटे और पत्नी की चिंता को आग देते समय नितेश के हाथ कांप रहे थे। तीन वर्षीय अंकुश मां को खोजकर पिता नितेश से लिपट कर रो रहा था। पिता और पुत्र को बिलखता देखकर लोगों की आंखें भर आईं। लोग नितेश को ढांढस बंधाते रहे।
घटना शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के डोहरिया चौराहे पर घटी थी। दुकान पर पकौड़ी बनाते से सिलिंडर का पाइप लीक होने से आग लग गई थी। आग से मां और बेटे की झुलसकर मौत हो गई थी। क्षेत्र डोहरिया खुर्द निवासी नितेश (28) चौराहे पर चाय पानी की दुकान चलकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। दुकान पर पत्नी प्रियंका पति के साथ रह काम में हाथ बंटा रही थीं। बुधवार को सरजू कैनाल नहर पर काम कर रहे मजदूरों को पकौड़ी बनाकर देने का ऑडर मिला था। प्रियंका दुकान में पकौड़ी बनाने के लिए गैस सिलिंडर के रेग्युलेटर ऑन कर चूल्हे को जलाई थी। गैस पाइप रिसाव से आग लग गई थी। आग लगने के समय प्रियंका के साथ बड़ा बेटा विराट था।
छोटा पुत्र अंकुश पिता के पास ही था। कमरे आग की लपट देख पति और ससुर राममिलन प्रियंका को बचाने के लिए दौड़े। तब तक आग की लपट भयंकर रूप धारण कर चुकी थी। उधर झुलसी प्रियंका बेटे को लेकर कमरे से निकल कर बचने का प्रयास की थी। पीछे की तरफ गैलरी का शटर बंद होने के कारण वह भाग न सकी। आग की लपटों में घिरकर मां-बेटे गंभीर रूप से झुलस गए। इधर पति और ससुर अंकुश को बाहर निकालकर कर आग बुझाने की कोशिश करते रहे।
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मंजर देखकर आसपास के लोग और राहगीरों ने अग्निशमन तथा पुलिस को सूचना दी। फिर हैंडपंप के पानी से आग बुझाने लगे। घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। तब तक मां और बेटे की जलकर मौत हो चुकी थी। घटना के बाद क्षेत्र में मातम छाया रहा। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद शवों को बानगंगा नदी पर ले जाया गया। दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
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शोहरतगढ़। बानगंगा घाट पर एक साथ मां और बेटे की चिता में जली तो साथ गए लोग रो पड़े। मासूम बेटे और पत्नी की चिंता को आग देते समय नितेश के हाथ कांप रहे थे। तीन वर्षीय अंकुश मां को खोजकर पिता नितेश से लिपट कर रो रहा था। पिता और पुत्र को बिलखता देखकर लोगों की आंखें भर आईं। लोग नितेश को ढांढस बंधाते रहे।
घटना शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के डोहरिया चौराहे पर घटी थी। दुकान पर पकौड़ी बनाते से सिलिंडर का पाइप लीक होने से आग लग गई थी। आग से मां और बेटे की झुलसकर मौत हो गई थी। क्षेत्र डोहरिया खुर्द निवासी नितेश (28) चौराहे पर चाय पानी की दुकान चलकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। दुकान पर पत्नी प्रियंका पति के साथ रह काम में हाथ बंटा रही थीं। बुधवार को सरजू कैनाल नहर पर काम कर रहे मजदूरों को पकौड़ी बनाकर देने का ऑडर मिला था। प्रियंका दुकान में पकौड़ी बनाने के लिए गैस सिलिंडर के रेग्युलेटर ऑन कर चूल्हे को जलाई थी। गैस पाइप रिसाव से आग लग गई थी। आग लगने के समय प्रियंका के साथ बड़ा बेटा विराट था।
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छोटा पुत्र अंकुश पिता के पास ही था। कमरे आग की लपट देख पति और ससुर राममिलन प्रियंका को बचाने के लिए दौड़े। तब तक आग की लपट भयंकर रूप धारण कर चुकी थी। उधर झुलसी प्रियंका बेटे को लेकर कमरे से निकल कर बचने का प्रयास की थी। पीछे की तरफ गैलरी का शटर बंद होने के कारण वह भाग न सकी। आग की लपटों में घिरकर मां-बेटे गंभीर रूप से झुलस गए। इधर पति और ससुर अंकुश को बाहर निकालकर कर आग बुझाने की कोशिश करते रहे।
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मंजर देखकर आसपास के लोग और राहगीरों ने अग्निशमन तथा पुलिस को सूचना दी। फिर हैंडपंप के पानी से आग बुझाने लगे। घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। तब तक मां और बेटे की जलकर मौत हो चुकी थी। घटना के बाद क्षेत्र में मातम छाया रहा। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद शवों को बानगंगा नदी पर ले जाया गया। दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।