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निषादों को एससी का दर्जा देने की मांग

Tue, 07 Jun 2016 11:49 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला/ सिद्धार्थनगर
ब्यूरो अमर उजाला/ सिद्धार्थनगर Updated Tue, 07 Jun 2016 11:49 PM IST
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nishad demand SC quota reservation
बांसी तहसील परिसर में राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद ने धरना दिया। - फोटो : अमर उजाला
बांसी। संतकबीरनगर के कसरवल कांड में मौत के शिकार हुए इटावा निवासी अखिलेश निषाद की बरसी पर राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद ने मंगलवार को तहसील कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया।
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बाद में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम बांसी विनय कुमार पाठक को दिया।  युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र मणि निषाद ने कहा कि निषाद समुदाय को सभी राजनैतिक दलों ने ठगने का काम किया है।
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बनारस के जोगियाबीर के गिरिजापति बिंद के घर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भोजन कर हमें दलित माना, लेकिन हमें दलित होने का संवैधानिक अधिकार देने में पसीना छूट रहा है। सरकार चाहे तो हमें अनुसूचित जाति का अधिकार मिल सकता है।
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उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने का वादा किया था जो झूठा निकला। रविंद्रमणि ने कहा कि राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद, निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के नाम से राजनैतिक दल बनाकर सभी वंचित व शोषित समाज को न्याय दिलाने का काम कर रहा है।


 धरना को मुसरिफ निषाद, कन्हैयालाल निषाद, हीरालाल निषाद, अमृता लाल निषाद ने भी संबोधित किया। इसके बाद मझवार, तुरैहा, गोंड, केवट, मल्लाह, व मांझी आदि जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल किए जाने को लेकर प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। धरने में मुरलीधर, श्रीराम, मनोज निषाद, बनवारी, मोतीलाल,  सदानंद निषाद, व्यासमुनि निषाद आदि मौजूद रहे।
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