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Siddharthnagar News: नई सरकार के बाद नई योजनाएं अमल में... कहीं सुविधा तो कहीं दुश्वारी

Sun, 10 May 2026 02:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sun, 10 May 2026 02:39 AM IST
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New schemes are being implemented after the new government... some provide convenience and some create difficulties.
पर्यटन और सालभर में कुछ ही बार रिश्तेदारी या अन्य काम से नेपाल जाने वालों को डिजिटल भंसार से सुविधा
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दोनों देश में दुकान और छोटा कारोबार करने वालों के लिए नियम बना संकट, बोले- कारोबार पर पड़ेगा असर
नेपाल अर्थ मंत्रालय ने एक साल में 30 बार भंसार की प्रदान की है अनुमति, उसके बाद जाने पर जुर्माना
सिद्धार्थनगर/ढेबरुआ। नेपाल में नई सरकार बनने के बाद नेपाल जाने वाले भारतीय वाहनों पर एक वर्ष में 30 बार भंसार के नियम लागू होने से सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों में हलचल मच गई है। सबसे ज्यादा दिक्कत नेपाल में व्यवसाय करने और रिश्तेदारी में अधिक जाने वाले भारतीय लोगों को होने की आशंका है। 31वीं बार जाने पर जुर्माने की जानकारी मिलते ही उनकी बेचैनी बढ़ गई है। सीमावर्ती दोनों देश के लोगों का कहना है कि इससे रिश्ते और कारोबार दोनों पर असर पड़ेगा।
नेपाल और भारत दोनों जगह व्यापार और कारोबार करने वालों का आना-जाना होता है। शुरुआत में 100 रुपये से अधिक के भारतीय मूल्य के सामान पर लगे भंसार की बात हो या फिर भारतीय वाहनों को भंसार सुविधा आसान बनाने के लिए डिजिटल पर जोर। इसमें कहीं राहत तो कहीं दुश्वारी भी सामने आई है। लोगों का कहना है कि नेपाल सरकार ऐसे नियम और कादया बनाया जाए जो रिश्ते और कारोबार दोनों के लिए अनुकूल रहे। प्रतिदिन 30 बार का नियम संकट पैदा करेगा।
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जेन जी आंदोलन से अस्थिरता की ओर बढ़े पड़ोसी मुल्क नेपाल में एक नई सत्ता का उदय हुआ। भ्रष्टाचार और महंगाई से लंबे अरसे से जूझ रही जनता ने नई सरकार बनाया। इसमें बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार से लोगों को बहुत उम्मीदें थीं। दोनों देशों के सीमावर्ती इलाकों में सुख सुविधा और व्यापार कारोबार के बेहतर होने की उम्मीदें थी लेकिन, सरकार के बनने के बाद पुराने नियम को प्रभावी करने के साथ सुरक्षा के मद्देनजर ऐसे आदेश जारी किए गए हैं, जिससे बाॅर्डर से रास्ते होने वाली गतिविधि को रोका जा सके। लेकिन, इसका प्रतिकूल असर भारतीय इलाके साथ ही नेपाल के उन लोगों पर पड़ने लगा है जो भारत के बाजार और यहां के कारोबार और एक-दूसरे के रिश्ते से जुड़े हैं।
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ऑनलाइन भंसार की सुविधा प्रदान करने के बाद एक साल में 30 बार ही गाड़ी की आवाजाही नियम बनाया गया है। इसके बाद भंसार के साथ ही तय किया गया जुर्माना भरना होगा। इन मामले में नियमित आवागमन करने वाले सीमावर्ती दोनों देश के उन लोगों की राय जानने की कोशिश की गई जो नियमित आवागमन करते हैं। इसमें सबसे अधिक दिक्कत नेपाल में व्यवसाय के लिए आवागमन करने वाले भारतीय व्यवसायी और वे भारतीय, जिनकी नेपाल में रिश्तेदारी है उन्होंने इससे काफी निराशा जताई। इसके अलावा नेपाल के भैरहवा, परासी, तौलिहवा में आंख व भरतपुर में कैंसर का रेगुलर इलाज करवाने वाले भारतीयों पर भी इसका असर पड़ेगा। नेपाल सीमा से सटे बाजारों व गांवों के लोगों ने इस नियम में बदलाव करने की मांग की है। इस पर दोनों देशों के लोगों अलग-अलग प्रतिक्रिया जाहिर की है। उनका कहना है कि अवैध गतिविधि रोकने के लिए नियम जरूरी है, लेकिन उसमें स्थानीय लोगों पर विचार करना चाहिए।
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इन बाॅर्डर से होती है इंट्री
जिले में बढ़नी, खुनुवां और ककरहवा बॉर्डर से भंसार होता है। 68 किलोमीटर की सीमा नेपाल से सटा है। बाजार से लेकर इलाज और रिश्तेदारी होने के कारण नियमित आते-जाते हैं। बढ़नी और खुनुवां में ट्रेड के वाहन खाद्यान सहित अन्य सामग्री लेकर जाते हैं। इसी प्रकार से पयर्टन, रिश्तेदारी और अन्य कार्यों के लिए लोग चार पहिया, दो पहिया वाहन से आते-जाते हैं। इसमें तीनों बार्डर पर भंसार होता है। नेपाल में पिछले दिनों सत्ता में आई सरकार ने बाॅर्डर पर जांच निगरानी बढ़ाने के साथ ही नियम को सख्त किया जा रहा है।
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बोले लोग
गर्मी में लोग नेपाल के पहाड़ों पर घूमने के लिए जाते हैं। इसके लिए वह भारतीय वाहनों को किराये पर लेकर जाते हैं। साल में 30 बार के भंसार के नियम से वाहन स्वामियों की रोजी-रोटी पर भी संकट आ गया है।

- पिंटू पाठक, निवासी बढ़नी

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जिनकी रिश्तेदारियां नेपाल में हैं और वहां की सारी जिम्मेदारी उन्हीं की है। वह वहां की संपत्ति व रिश्तेदारों की देखभाल की जिम्मेदारी जिन भारतीयों की है, उनके लिए भी नेपाली सरकार का यह नियम कष्ट देने वाला है।
विनय शुक्ल, निवासी औदही कला
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नेपाल में नजदीक आवागमन करने वाले लोगों को सुविधा योजना उपलब्ध है। इसकी सहायता से कृष्णानगर भंसार से कृष्णानगर बाजार व खुनुवां के नजदीक नेपाल में सुठौली भंसार से तौलिहवा तक जा सकते हैं।

मो. आसिफ, निवासी कृष्णानगर नेपाल
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नेपाल में सीमेंट व अन्य वस्तुओं के व्यापारियों के लिए 30 बार के भंसार का नियम परेशान करने वाला है। वह एक वर्ष में 50 बार से अधिक अपने निजी वाहन से नेपाल आवागमन करते हैं। उनके लिए भी काफी दिक्कत होगी।
मनोज ओझा, कृष्णानगर नेपाल

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बोले जिम्मेदार
नेपाल अर्थ मंत्रालय के निर्देश का पालन किया जाएगा। लोकल के लिए सुविधा की योजना है। एक वाहन का एक वित्तीय वर्ष में 30 बार भंसार हो सकता है।

- मयंक कुमार कर्ण, भंसार अधीक्षक, कृष्णानगर नेपाल
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