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Siddharthnagar News: नहीं डूबेंगे मोहल्ले, एक दूसरे से जुड़ेंगी नालियां
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लोटन चौराहे पर बारिश से हुआ जलभराव। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शहर के कई मोहल्लों में होने वाले जलभराव से मुक्ति के लिए मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है। जल निकासी के लिए 17 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार करके नगर विकास विभाग को भेजी गई है। इसकी स्वीकृति मिलने पर कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
इसके तहत मोहल्ले की नालियों एवं मुख्य सड़कों किनारे की नालियों को जल निकासी के लिए अंतिम छोर तक पहुंचाया जाएगा, जिससे शहरियों को राहत मिलेगी। वर्तमान में शहर की मुख्य सड़क एवं सरोजनी नगर समेत विभिन्न मोहल्लों में बनी नालियों को अंतिम छोर तक नहीं पहुंचने के कारण बारिश के मौसम में जलभराव रहता है। जहां शहर की मुख्य सड़क किनारे बनी नाली को हाइडिल तिराहे तक बनाकर छोड़ दिया गया है, वहीं सराेजनीनगर मोहल्ले की सड़क भी अधूरी पड़ी है।
इसके साथ ही भीमापार मोहल्ले में भी बनी नालियों के अंतिम छोर तक नहीं पहुंचने से बारिश के मौसम में प्रत्येक वर्ष जलभराव होता है। यहां तक कि बारिश के बाद इन मोहल्लों में जलनिकासी नहीं होने के कारण कई दिनों तक जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे लोगों को घर से निकलना मुश्किल रहता है।
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इस समस्या से निदान के लिए डीएम डॉ. राजागणपति आर. की पहल पर वाॅटर लाॅगिंग से निजात पाने के लिए मास्टर प्लान शासन को भेजा गया है। नगर विकास विभाग से इसकी स्वीकृति मिलने के बाद इस पर कार्य शुरू हो जाएगा।
जलभराव से जूझते हैं सरकारी कार्यालय : शहर में स्थित पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग ड्रेनेज खंड व वन विभाग कार्यालय परिसर बारिश के मौसम में कई दिनों तक जलभराव से जूझते हैं। निचली भूमि पर स्थित इन सरकारी कार्यालयों के कक्षों में पानी भरने से अभिलेखों के खराब होने के साथ ही कर्मचारियों को भी सांसत होती है।
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सिद्धार्थनगर। शहर के कई मोहल्लों में होने वाले जलभराव से मुक्ति के लिए मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है। जल निकासी के लिए 17 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार करके नगर विकास विभाग को भेजी गई है। इसकी स्वीकृति मिलने पर कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
इसके तहत मोहल्ले की नालियों एवं मुख्य सड़कों किनारे की नालियों को जल निकासी के लिए अंतिम छोर तक पहुंचाया जाएगा, जिससे शहरियों को राहत मिलेगी। वर्तमान में शहर की मुख्य सड़क एवं सरोजनी नगर समेत विभिन्न मोहल्लों में बनी नालियों को अंतिम छोर तक नहीं पहुंचने के कारण बारिश के मौसम में जलभराव रहता है। जहां शहर की मुख्य सड़क किनारे बनी नाली को हाइडिल तिराहे तक बनाकर छोड़ दिया गया है, वहीं सराेजनीनगर मोहल्ले की सड़क भी अधूरी पड़ी है।
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इसके साथ ही भीमापार मोहल्ले में भी बनी नालियों के अंतिम छोर तक नहीं पहुंचने से बारिश के मौसम में प्रत्येक वर्ष जलभराव होता है। यहां तक कि बारिश के बाद इन मोहल्लों में जलनिकासी नहीं होने के कारण कई दिनों तक जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे लोगों को घर से निकलना मुश्किल रहता है।
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इस समस्या से निदान के लिए डीएम डॉ. राजागणपति आर. की पहल पर वाॅटर लाॅगिंग से निजात पाने के लिए मास्टर प्लान शासन को भेजा गया है। नगर विकास विभाग से इसकी स्वीकृति मिलने के बाद इस पर कार्य शुरू हो जाएगा।
जलभराव से जूझते हैं सरकारी कार्यालय : शहर में स्थित पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग ड्रेनेज खंड व वन विभाग कार्यालय परिसर बारिश के मौसम में कई दिनों तक जलभराव से जूझते हैं। निचली भूमि पर स्थित इन सरकारी कार्यालयों के कक्षों में पानी भरने से अभिलेखों के खराब होने के साथ ही कर्मचारियों को भी सांसत होती है।