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लापरवाही : हर वर्ष बानगंगा बैराज के गहरे पानी में डूब रहे युवा
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शोहरतगढ़ क्षेत्र में स्थित बानगंगा बैराज। संवाद
अतुल शुक्ला
शोहरतगढ़। बानगंगा नदी पर बने बैराज पर प्रतिवर्ष मार्च से जून तक कई लोगों की डूबने से मौत हो जाती है। हालांकि प्रशासन ने मार्च 2023 को बानगंगा बैराज में स्नान करने गए तीन दोस्तों की डूबने से मौत होने के बाद बैराज के पास सतर्कता बोर्ड लगाया दिया है।
जबकि जगह-जगह सावधानी संबंधी बोर्ड लगने व पुलिस के पहरे के बाद भी नहाने जाने वाले युवाओं की मौत हो रही है। यह हादसे डूब रहे लोगों के परिजनों पर भारी पड़ रहे हैं। प्रशासन की ओर से किसी को बैराज पर नहाने की अनुमति नहीं है, और नदी के जिस छोर पर घटनाएं अधिक होती हैं, वहां जाने भी नहीं दिया जाता था।
लेकिन जिस तरह घटना की तारीख बदल गई, उसी तरह पहरे में लापरवाही बरती गई। इसी वजह से शनिवार को सदर थाना क्षेत्र बेडसड़ निवासी दो दोस्त जिस स्थान पर होली के दिन नौ मार्च 2023 को तीन दोस्त डूबे थे, वहीं 24 मई को दो किशोर नहाते समय डूब गए। डूबने का स्थान एक है, लेकिन तारीख और साल केवल बदल गया।
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बता दें कि बानगंगा बैराज पिकनिक स्पॉट के रूप में उभर रहा है। यहां आने वालों की संख्या बढ़ रही है। गर्मी में झरने की तरह पानी गिरते लोग देखकर नहाने उतर जाते हैं। नदी में पानी के स्तर व गहराई आदि की जानकारी न होने से आए दिन डूबने से लोगों की मौत हो जा रही है। इसके बाद भी प्रशासन इसे दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र नहीं मान रहा है।
पूर्व में हुई घटनाओं को लेकर क्षेत्रवासियों के लोगों की मांग थी कि बानगंगा नदी पर पुलिस चौकी स्थापित की जाए। गर्मी व बरसात के मौसम एसडीआरएफ टीम की तैनाती की जाए। घटना के समय प्रशासन लोगों से वादा तो कर देता है, लेकिन जैसे ही मामला शांत होता है, सब भुला दिए जाते हैं। इसका परिणाम हादसाें में नजर आता है। बैराज पर लगे सीसीटीवी कैमरे खराब : बैराज के पुल के दो तरफ रेलिंग पर जाली नहीं लगाई गई है। बैराज पर आने वाले पुल झुककर देखते और सेल्फी लेते हैं। जाली न होने से अत्यधिक दुर्घटना का खतरा रहता है। जबकि सीसीटीवी कैमरा भी खराब है। इससे घटना की कोई जानकारी नहीं हो पा रही है। संवादी
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शोहरतगढ़। बानगंगा नदी पर बने बैराज पर प्रतिवर्ष मार्च से जून तक कई लोगों की डूबने से मौत हो जाती है। हालांकि प्रशासन ने मार्च 2023 को बानगंगा बैराज में स्नान करने गए तीन दोस्तों की डूबने से मौत होने के बाद बैराज के पास सतर्कता बोर्ड लगाया दिया है।
जबकि जगह-जगह सावधानी संबंधी बोर्ड लगने व पुलिस के पहरे के बाद भी नहाने जाने वाले युवाओं की मौत हो रही है। यह हादसे डूब रहे लोगों के परिजनों पर भारी पड़ रहे हैं। प्रशासन की ओर से किसी को बैराज पर नहाने की अनुमति नहीं है, और नदी के जिस छोर पर घटनाएं अधिक होती हैं, वहां जाने भी नहीं दिया जाता था।
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लेकिन जिस तरह घटना की तारीख बदल गई, उसी तरह पहरे में लापरवाही बरती गई। इसी वजह से शनिवार को सदर थाना क्षेत्र बेडसड़ निवासी दो दोस्त जिस स्थान पर होली के दिन नौ मार्च 2023 को तीन दोस्त डूबे थे, वहीं 24 मई को दो किशोर नहाते समय डूब गए। डूबने का स्थान एक है, लेकिन तारीख और साल केवल बदल गया।
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बता दें कि बानगंगा बैराज पिकनिक स्पॉट के रूप में उभर रहा है। यहां आने वालों की संख्या बढ़ रही है। गर्मी में झरने की तरह पानी गिरते लोग देखकर नहाने उतर जाते हैं। नदी में पानी के स्तर व गहराई आदि की जानकारी न होने से आए दिन डूबने से लोगों की मौत हो जा रही है। इसके बाद भी प्रशासन इसे दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र नहीं मान रहा है।
पूर्व में हुई घटनाओं को लेकर क्षेत्रवासियों के लोगों की मांग थी कि बानगंगा नदी पर पुलिस चौकी स्थापित की जाए। गर्मी व बरसात के मौसम एसडीआरएफ टीम की तैनाती की जाए। घटना के समय प्रशासन लोगों से वादा तो कर देता है, लेकिन जैसे ही मामला शांत होता है, सब भुला दिए जाते हैं। इसका परिणाम हादसाें में नजर आता है। बैराज पर लगे सीसीटीवी कैमरे खराब : बैराज के पुल के दो तरफ रेलिंग पर जाली नहीं लगाई गई है। बैराज पर आने वाले पुल झुककर देखते और सेल्फी लेते हैं। जाली न होने से अत्यधिक दुर्घटना का खतरा रहता है। जबकि सीसीटीवी कैमरा भी खराब है। इससे घटना की कोई जानकारी नहीं हो पा रही है। संवादी