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नीट : 21 जून को होगी परीक्षा, फिर तैयारी में जुटे छात्र
Mon, 18 May 2026 02:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 18 May 2026 02:21 AM IST
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परीक्षा निरस्त होने के बाद बढ़ गई थी बच्चों की बेचैनी
2766 बच्चों ने दी थी नीट की परीक्षा
सिद्धार्थनगर। नीट परीक्षा निरस्त होने के बाद असमंजस और मानसिक दबाव झेल रहे छात्रों को आखिरकार राहत मिल गई है। परीक्षा की नई तिथि 21 जून को घोषित किया गया है। परीक्षा तिथि घोषित होते ही एक बार फिर जिले के छात्र अपनी तैयारी में पूरी तरह जुट गए हैं। पिछले कई दिनों से परीक्षा रद्द होने के कारण बच्चों के साथ अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई थी।
कई छात्र लगातार पढ़ाई की लय टूटने और भविष्य को लेकर परेशान थे, लेकिन अब दोबारा तारीख तय होने के बाद बच्चे परीक्षा की तैयारी में लग गए है। जनपद से इस वर्ष 2670 छात्रों ने नीट परीक्षा में हिस्सा लिया था, जिनमें बड़ी संख्या ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों की भी रही।
नीट परीक्षा में जिले 2670 बच्चे पंजीकृत थे, जिले के आठ केंद्रों पर पिछले दिनों परीक्षा हुई थी। परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे बच्चों के समक्ष तब संकट आ गया, जब पेपर लीक होने की जानकारी देते हुए परिणाम को निरस्त कर दिया। इसके बाद न सिर्फ बच्चों के सामने चुनौती खड़ी हो गई। बल्कि, अच्छे परिणाम को लेकर उत्सुक अभिभावक भी चिंतित हो गए।
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इसी बीच फिर से परीक्षा की तिथि घोषित कर दी गई है। 21 जून को परीक्षा होनी है। नई तिथि घोषित होने के बाद छात्रों ने अपनी रणनीति भी बदलनी शुरू कर दी है। कई छात्र अब पुराने प्रश्नपत्र हल करने और मॉक टेस्ट पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, जबकि कुछ छात्र कमजोर विषयों को मजबूत करने में जुटे हैं। परीक्षा स्थगित होने के दौरान बच्चों में निराशा और अस्थिरता साफ दिखाई दे रही थी। अभिभावक भी बच्चों का मनोबल बनाए रखने की कोशिश कर रहे थे। अब परीक्षा दोबारा होने की घोषणा के बाद छात्रों के चेहरे पर आत्मविश्वास लौटता नजर आ रहा है।
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बोले छात्र
पेपर लीक होना सरकारी सामर्थ्य और व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न है, क्योंकि छात्र वर्षभर सब कुछ छोड़कर सारा समय पढ़ाई में देते हैं। इससे मानसिक दबाव भी पड़ता है। माता-पिता अपनी आवश्यकताओं को रोककर व्यवस्था करते हैं। अब परीक्षा की तिथि घोषित हो गई है। एक बार फिर तैयारी शुरू कर दी है। - सचिन श्रीवास्तव, निवासी, बांसी
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परीक्षा निरस्त होने के बाद बहुत दिक्कत हुई थी क्योंकि, बड़ी मेहनत से तैयारी की थी। सफलता की बड़ी उम्मीद थी, लेकिन एक झटके में सब पर पानी फिर गया था। अब परीक्षा की तिथि घोषित होने के बाद राहत की सांस मिली। अब फिर तैयारी में जुट गए हैं। प्रयास है कि इस बार और बेहतर हो। - हिमालय, निवासी प्रतापनगर वार्ड, बांसी
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2766 बच्चों ने दी थी नीट की परीक्षा
सिद्धार्थनगर। नीट परीक्षा निरस्त होने के बाद असमंजस और मानसिक दबाव झेल रहे छात्रों को आखिरकार राहत मिल गई है। परीक्षा की नई तिथि 21 जून को घोषित किया गया है। परीक्षा तिथि घोषित होते ही एक बार फिर जिले के छात्र अपनी तैयारी में पूरी तरह जुट गए हैं। पिछले कई दिनों से परीक्षा रद्द होने के कारण बच्चों के साथ अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई थी।
कई छात्र लगातार पढ़ाई की लय टूटने और भविष्य को लेकर परेशान थे, लेकिन अब दोबारा तारीख तय होने के बाद बच्चे परीक्षा की तैयारी में लग गए है। जनपद से इस वर्ष 2670 छात्रों ने नीट परीक्षा में हिस्सा लिया था, जिनमें बड़ी संख्या ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों की भी रही।
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नीट परीक्षा में जिले 2670 बच्चे पंजीकृत थे, जिले के आठ केंद्रों पर पिछले दिनों परीक्षा हुई थी। परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे बच्चों के समक्ष तब संकट आ गया, जब पेपर लीक होने की जानकारी देते हुए परिणाम को निरस्त कर दिया। इसके बाद न सिर्फ बच्चों के सामने चुनौती खड़ी हो गई। बल्कि, अच्छे परिणाम को लेकर उत्सुक अभिभावक भी चिंतित हो गए।
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इसी बीच फिर से परीक्षा की तिथि घोषित कर दी गई है। 21 जून को परीक्षा होनी है। नई तिथि घोषित होने के बाद छात्रों ने अपनी रणनीति भी बदलनी शुरू कर दी है। कई छात्र अब पुराने प्रश्नपत्र हल करने और मॉक टेस्ट पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, जबकि कुछ छात्र कमजोर विषयों को मजबूत करने में जुटे हैं। परीक्षा स्थगित होने के दौरान बच्चों में निराशा और अस्थिरता साफ दिखाई दे रही थी। अभिभावक भी बच्चों का मनोबल बनाए रखने की कोशिश कर रहे थे। अब परीक्षा दोबारा होने की घोषणा के बाद छात्रों के चेहरे पर आत्मविश्वास लौटता नजर आ रहा है।
बोले छात्र
पेपर लीक होना सरकारी सामर्थ्य और व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न है, क्योंकि छात्र वर्षभर सब कुछ छोड़कर सारा समय पढ़ाई में देते हैं। इससे मानसिक दबाव भी पड़ता है। माता-पिता अपनी आवश्यकताओं को रोककर व्यवस्था करते हैं। अब परीक्षा की तिथि घोषित हो गई है। एक बार फिर तैयारी शुरू कर दी है। - सचिन श्रीवास्तव, निवासी, बांसी
परीक्षा निरस्त होने के बाद बहुत दिक्कत हुई थी क्योंकि, बड़ी मेहनत से तैयारी की थी। सफलता की बड़ी उम्मीद थी, लेकिन एक झटके में सब पर पानी फिर गया था। अब परीक्षा की तिथि घोषित होने के बाद राहत की सांस मिली। अब फिर तैयारी में जुट गए हैं। प्रयास है कि इस बार और बेहतर हो। - हिमालय, निवासी प्रतापनगर वार्ड, बांसी