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नाम निजामुद्दीन, सूची में निजामुन्निशा
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 29 Nov 2017 10:55 PM IST
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डुमरियागंज के बूथ संख्या 25 पर पसरा सन्नाटा।
- फोटो : अमर उजाला
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उसका बाजार। निर्वाचन आयोग की कड़ी हिदायतों के बावजूद मतदाता सूची की खामियां दूर नहीं हो सकी थीं जिससे मतदाताओं को परेशान होना पड़ा। पाई। सबसे रोचक नजारा उसका बाजार नगर पंचायत में देखने को मिला। यहां पुरुष का नाम सूची में महिला के रूप में शामिल था तो कइयों के नाम दो-दो स्थानों पर अंकित थे। मृतकों के नाम भी सूची से नहीं हटाए गए थे। लिहाजा कई बार विवाद की स्थिति बनी। हालांकि अफसरों ने तत्काल स्थिति को संभाल लिया।
राजेंद्रनगर वार्ड निवासी निजामुद्दीन पुत्र शहद अली वोट देने बूथ पर पहुंचे तो लिस्ट में उनका नाम ही नहीं था।
उनकी जगह निजामुन्निशा पुत्री शहद अली का नाम अंकित था। निजामुद्दीन के मुताबिक परिवार में इस नाम की कोई महिला ही नहीं है। काफी देर तक सूची खंगालने और बूथ पर माथापच्ची के बाद उसे निराश लौटना पड़ा। इसी तरह मथुरानगर वार्ड में सोनम, शिवदत्त, शिवसरन, शकुंतला, प्रतिभा, अमीना सहित दो दर्जन से अधिक नाम सूची में दो-दो स्थानों पर दर्ज थे। लोकेश, सीमा, सुशीला का काफी पहले ही निधन हो चुका है। बावजूद उनके नाम लिस्ट से नहीं हटाए गए थे। यही नहीं, गांधीनगर वार्ड के बूथ से भी दर्जनों लोगों को लौटा दिया गया। ऑनलाइन वोटर बने इन मतदाताओं का लिस्ट में नाम ही नहीं था। बीएलओ की लापरवाही से मतदाता हलकान हुए। यहां तमाम घरों में मतदाता पर्ची भी नहीं पहुंची थी।
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राजेंद्रनगर वार्ड निवासी निजामुद्दीन पुत्र शहद अली वोट देने बूथ पर पहुंचे तो लिस्ट में उनका नाम ही नहीं था।
उनकी जगह निजामुन्निशा पुत्री शहद अली का नाम अंकित था। निजामुद्दीन के मुताबिक परिवार में इस नाम की कोई महिला ही नहीं है। काफी देर तक सूची खंगालने और बूथ पर माथापच्ची के बाद उसे निराश लौटना पड़ा। इसी तरह मथुरानगर वार्ड में सोनम, शिवदत्त, शिवसरन, शकुंतला, प्रतिभा, अमीना सहित दो दर्जन से अधिक नाम सूची में दो-दो स्थानों पर दर्ज थे। लोकेश, सीमा, सुशीला का काफी पहले ही निधन हो चुका है। बावजूद उनके नाम लिस्ट से नहीं हटाए गए थे। यही नहीं, गांधीनगर वार्ड के बूथ से भी दर्जनों लोगों को लौटा दिया गया। ऑनलाइन वोटर बने इन मतदाताओं का लिस्ट में नाम ही नहीं था। बीएलओ की लापरवाही से मतदाता हलकान हुए। यहां तमाम घरों में मतदाता पर्ची भी नहीं पहुंची थी।
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