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मुलायम सिंह यादव का सिद्धार्थनगर से था गहरा जुड़ाव

Tue, 11 Oct 2022 12:44 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 11 Oct 2022 12:44 AM IST
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mulayam singh was deeply associated with siddarth nagar
पूर्व सीएम मूलायम सिंह यादव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि देते विधायक माता प्रसा - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
मुलायम सिंह यादव का सिद्धार्थनगर से था गहरा जुड़ाव
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सिद्धार्थनगर। सपा संरक्षक स्व. मुलायम सिंह यादव का जिले से गहरा नाता था। जब वह सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे तो जिले के समाजवादी चिंतक रहे स्व. बृजभूषण तिवारी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे। जिले की स्थापना की घोषणा के बाद 19 सितंबर 1990 को उन्होंने ही कलेक्ट्रेट भवन का शिलान्यास किया था। वह अंतिम बार 20 जून 2010 को जिले में लोहिया कला भवन का उद्घाटन करने आए थे।
प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री और देश के रक्षामंत्री रहे स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव ने जब सपा की स्थापना की थी तो जिले के कई नेताओं ने उनका साथ दिया था। स्व. बृजभूषण तिवारी, माता प्रसाद पांडेय, स्व. मलिक कमाल यूसुफ व स्व. मुहम्मद सईद भ्रमर जैसे नेता सपा के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे। उसके कारण स्व. मुलायम सिंह यादव की निगाह में इस जिले का खास महत्व रहा। उन्होंने साथ देने वाले नेताओं को पार्टी के प्रति निष्ठा और वफादारी के अनुसार सम्मान भी देने में कभी गुरेज नहीं किया।
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नतीजा, मुलायम सिंह यादव ने तीन बार लोकसभा सदस्य रहे स्व. बृजभूषण तिवारी को दो बार राज्यसभा में भेजने कार्य किया। सपा के तत्कालीन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे जनेश्वर मिश्र के निधन के बाद बृजभूषण तिवारी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर सम्मान दिया। यही नहीं, इटवा विधायक माता प्रसाद पांडेय को उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष पद पर बिठाकर उनके साथ ही जिले का भी मान बढ़ाया। स्व. मुलायम सिंह यादव ने स्व. मलिक कमाल यूसुफ को मंत्री बनाया ही कांग्रेस से सपा में आए स्व. दिनेश सिंह को भी मंत्री पद देकर उनका सम्मान बढ़ाया।
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अपनों का साथ देने में नेताजी का कोई जोड़ नहीं
स्व. बृजभूषण तिवारी के निधन के बाद उनके पुत्र आलोक तिवारी को राज्यसभा सदस्य बनाकर स्व. मुलायम सिंह यादव ने साथियों का महत्व बताने का कार्य किया था। पूर्व सांसद आलोक तिवारी कहते हैं कि अपनों का साथ देने में नेताजी का कोई जोड़ नहीं हो सकता। वह सदैव समाज के कमजोर, दबे, कुचले वर्ग के लिए संघर्ष करने में आगे रहते थे। उनके निधन से हम लोगों ने सच्चा अभिभावक खो दिया।
नेताजी जैसा कोई दूसरा नहीं : माता प्रसाद
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं इटवा के विधायक माता प्रसाद पांडेय कहते हैं कि स्व. मुलायम सिंह यादव किसानों, नौजवानों, समाज के वंचित वर्ग के सच्चे हितैषी थे। उनके निधन से देश ने एक सच्चा जमीन से जुड़ा हुआ और अन्याय के विरुद्ध आजीवन संघर्ष करने वाला जननेता खो दिया है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।

अपनत्व दिखाने में नहीं था गुरेज
वैसे तो लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जनसभा करने स्व. मुलायम सिंह यादव जिले में कई बार आए, लेकिन कुछ खास मौके पर लोगों से अपनत्व दिखाने में उन्होंने गुरेज नहीं किया। नौ जून 1993 को जब वह जिले में क्रांतिरथ लेकर आए थे तो शहर के समाजवादी मुरली मिश्र और बेखुद के घर भी गए थे। जहां उन्हें सिक्के से तौला गया था। युवा सपा नेता मणेंद्र मिश्र मशाल का कहना है कि उनकी पुस्तक के विमोचन में नेताजी का अपनत्व भरा सानिध्य मिला।
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