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सांसद ने प्रदेश को सूखाग्रस्त घोषित करने का उठाया मुद्दा
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सांसद ने प्रदेश को सूखाग्रस्त घोषित करने का उठाया मुद्दा
सिद्धार्थनगर। भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने सोमवार को लोकसभा में नियम 377 के तहत उत्तर प्रदेश में बारिश नहीं होने से सूखे की स्थिति उत्पन्न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से सूखे का आंकलन के लिए केंद्रीय अध्ययन दल भेजने की मांग की है।
सोमवार को संसद में सत्र के दौरान सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस वर्ष अभी तक बहुत कम बारिश होने के कारण सूखा पड़ने की आशंका है। किसानों के समक्ष खरीफ की फसल की रोपाई का गंभीर संकट पैदा हो गया है। बारिश नहीं होने के कारण किसानों के खेत-खलियान और जमीन सूख गए हैं।
किसान धान की नर्सरी तैयार करने के लिए पंपिंग-सेट एवं ट्यूबेल से खेत को भरने का काम कर रहे हैं, लेकिन बारिश न होने के कारण नर्सरी के पौधे पीले पड़ गए हैं। सांसद ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ट्यूबेल एवं नहरों को पूरी क्षमता से चलाने का निर्देश दिया है, लेकिन वह नाकाफी है। अभी तक उत्तर प्रदेश में एक जून से 15 जुलाई के बीच कुल 77.3 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अब तक सामान्य बारिश 220 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। इस अवधि के सापेक्ष 65 प्रतिशत कम है। संवाद
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सिद्धार्थनगर। भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने सोमवार को लोकसभा में नियम 377 के तहत उत्तर प्रदेश में बारिश नहीं होने से सूखे की स्थिति उत्पन्न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से सूखे का आंकलन के लिए केंद्रीय अध्ययन दल भेजने की मांग की है।
सोमवार को संसद में सत्र के दौरान सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस वर्ष अभी तक बहुत कम बारिश होने के कारण सूखा पड़ने की आशंका है। किसानों के समक्ष खरीफ की फसल की रोपाई का गंभीर संकट पैदा हो गया है। बारिश नहीं होने के कारण किसानों के खेत-खलियान और जमीन सूख गए हैं।
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किसान धान की नर्सरी तैयार करने के लिए पंपिंग-सेट एवं ट्यूबेल से खेत को भरने का काम कर रहे हैं, लेकिन बारिश न होने के कारण नर्सरी के पौधे पीले पड़ गए हैं। सांसद ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ट्यूबेल एवं नहरों को पूरी क्षमता से चलाने का निर्देश दिया है, लेकिन वह नाकाफी है। अभी तक उत्तर प्रदेश में एक जून से 15 जुलाई के बीच कुल 77.3 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अब तक सामान्य बारिश 220 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। इस अवधि के सापेक्ष 65 प्रतिशत कम है। संवाद
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