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अकीदत से निकला मोहर्रम का जुलूस
सिद्धार्थनगर/ब्यूरो
Updated Wed, 12 Oct 2016 11:12 PM IST
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शहीदे कर्बला को याद किया
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। मोहर्रम के मौके पर बुधवार को जिला मुख्यालय समेत आसपास के इलाकों में जुलूस निकाला गया। अकीदतमंदों ने कर्बला के शहीदों को याद किया और ताजियों को लेकर कर्बला पहुंचे।
शहर में जगह-जगह युवाओं ने कलाबाजी का भी प्रदर्शन किया। दोपहर बाद से ही जुलूस निकलने का सिलसिला शुरू हो गया। पोखरभिटवा, दतरंगवा, बिनैका, हुसैनगंज से होते हए काफिला शहर में घूमते हुए कर्बला पहुंचा और वहां ताजियों को दफन किया गया।
वहीं बढ़नी ब्लाक के ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार को गमगीन माहौल में विभिन्न जगहों के कर्बला पर शांतिपूर्ण तरीके से ताजियों को दफन किया गया। इस दौरान कई जगहों पर मेले का भी आयोजन हुआ।
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बढ़नी ब्लाक के चंपापुर, औदही कला, महादेव बुजुर्ग, गोनहा, भुतहवा, मदरहिया आदि जगहों के कर्बला पर दर्जनों गांवों के सैकड़ों ताजिया को गमगीन माहौल में आपसी सौहार्द के बीच दफन किया गया।
मुस्लिमों के साथ हिंदुओं ने भी ताजिया को बनवाकर उसकी इबादत किया और अपने निकटवर्ती कर्बले पर ले जाकर दफन किया। इटवा क्षेत्र के विस्कोहर में मोहर्रम का जुलूस निकाला गया और ताजियों को कर्बला में दफन किया गया। विकास खंड लोटन क्षेत्र के नेतवर में हिंदू समाज के लोगों ने मोहर्रम के मौके पर ताजिया रखा।
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शहर में जगह-जगह युवाओं ने कलाबाजी का भी प्रदर्शन किया। दोपहर बाद से ही जुलूस निकलने का सिलसिला शुरू हो गया। पोखरभिटवा, दतरंगवा, बिनैका, हुसैनगंज से होते हए काफिला शहर में घूमते हुए कर्बला पहुंचा और वहां ताजियों को दफन किया गया।
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वहीं बढ़नी ब्लाक के ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार को गमगीन माहौल में विभिन्न जगहों के कर्बला पर शांतिपूर्ण तरीके से ताजियों को दफन किया गया। इस दौरान कई जगहों पर मेले का भी आयोजन हुआ।
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बढ़नी ब्लाक के चंपापुर, औदही कला, महादेव बुजुर्ग, गोनहा, भुतहवा, मदरहिया आदि जगहों के कर्बला पर दर्जनों गांवों के सैकड़ों ताजिया को गमगीन माहौल में आपसी सौहार्द के बीच दफन किया गया।
मुस्लिमों के साथ हिंदुओं ने भी ताजिया को बनवाकर उसकी इबादत किया और अपने निकटवर्ती कर्बले पर ले जाकर दफन किया। इटवा क्षेत्र के विस्कोहर में मोहर्रम का जुलूस निकाला गया और ताजियों को कर्बला में दफन किया गया। विकास खंड लोटन क्षेत्र के नेतवर में हिंदू समाज के लोगों ने मोहर्रम के मौके पर ताजिया रखा।