संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले के नौगढ़, बर्डपुर, उस्का बाजार, डुमरियागंज, मिठवल, खेसरहा, बढ़नी समेत 14 विकास खंडों के 1136 ग्राम पंचायत में मनरेगा के दो लाख मजदूरों के खाते में आठ माह से करीब 50 करोड़ रुपया मजदूरी बकाया है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 बीतने के बाद भी जॉब कार्डधारक मजदूरों के खाते में पैसा नहीं आया। इस कारण मनरेगा मजदूरों के सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो गया है। इसका नतीजा है अब मजदूर दूर शहरों में रोजी रोटी की तलाश में पलायन करना कर रहे हैं। ग्राम पंचायतों में बकाया के चलते मनरेगा से कच्ची सड़क अथवा मिट्टी आदि कार्य ठप हो गया है। इसके कारण मजदूर शहरों में आकर दिहाड़ी मजदूरी करके अपना जीवन यापन कर रहे हैं। प्रतिदिन जिला मुख्यालय के नगर पालिका कार्यालय के सामने सुबह मजदूरों की भीड़ लगी रहती है। जब वहां भी काम नहीं मिलता है तो निराश होकर घर लौटने के लिए विवश हो जाते है। नौगढ़ विकास खंड के अहिरौली निवासी मनरेगा मजदूर राकेश वरुण ने बताया कि ग्राम पंचायत में पोखरे के सौंदर्यीकरण में काम किया था।