फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Meeting of district panchayat meeting

हंगामे की भेंट चढ़ी जिला पंचायत की बैठक

Sat, 25 Mar 2017 10:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Updated Sat, 25 Mar 2017 10:28 PM IST
विज्ञापन
Meeting of district panchayat meeting
meeting - फोटो : amar ujala
सिद्धार्थनगर। नए वित्तीय वर्ष के बजट अनुमोदन के लिए शनिवार को आयोजित जिला पंचायत समिति की बैठक बेनतीजा रही। मनरेगा में पूर्व के प्रस्तावों को मंजूरी न दिए जाने से क्षुब्ध सदस्यों ने बैठक में जमकर हंगामा किया। सभी एक स्वर में प्रस्तावों को स्वीकृत कर धनराशि जारी करने और इस कार्य में हुई देरी के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की। करीब डेढ़ घंटे तक हंगामे के बावजूद जवाब के लिए सक्षम अधिकारियों के उपस्थित न होने पर नाराज सदस्यों ने बैठक स्थगित करा दिया। इस दौरान अफसरों के रवैए की भी कड़ी आलोचना की गई।
विज्ञापन

पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे शुरू हुई बैठक में जैसे ही पिछली कार्यवाही को पढ़कर सुनाया गया, सदस्यों का विरोध शुरू हो गया। 20 अगस्त की पिछली बैठक का हवाला देते हुए सदस्यों ने मनरेगा के किसी भी प्रस्ताव को पूरे वित्तीय सत्र में स्वीकृत न करने पर नाराजगी जताई। सदस्य तौलेश्वर निषाद, सलाम चौधरी, सत्यनारायण यादव, मो.उमर, शांति पासी, महेश कन्नौजिया सहित अन्य सदस्यों का कहना था कि पूरा साल बीत गया, मगर अफसर सिर्फ बहानेबाजी करते रहे। जिला पंचायत में मनरेगा का एक भी प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हुआ, जबकि अन्य विभागों में खूब धनराशि मनरेगा में बांटी गई। यहां नियम-कानून की दुहाई दी जा रही है, वहीं अन्य किसी विभाग में 60-40 के अनुपात का पालन नहीं हुआ। शांति पासी का कहना था कि क्षेत्र की जनता सवाल पूछती है तो हमें सिर झुकाना पड़ता है।
विज्ञापन

आखिर क्या जवाब दें। प्रभारी एएमए राजवंत और मनरेगा के जिला को-ऑर्डिनेटर उमेश चंद्र तिवारी ने प्रस्तावों की स्वीकृति में देरी के लिए तकनीकी दिक्कतों का हवाला देकर शांत करने की कोशिश की, लेकिन सदस्य इस पर सहमत नहीं थे। उनका कहना था कि पिछली सरकार के अफसरों ने जानबूझकर जिला पंचायत को उपेक्षित किया। बढ़नी के जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह ने आरोप लगाया कि अफसर 4 प्रतिशत कमीशन मांग रहे थे और इसलिए प्रस्तावों को अस्वीकारते रहे। करीब एक घंटे तक पूरा सदन इसी मुद्दे पर गर्माया रहा। विधायक डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने अध्यक्ष से सभी की राय लेकर चर्चा को आगे बढ़ाने का सुझाव दिया। कहा कि सदस्य अब तक चुप क्यों थे। इतने गंभीर मसले को पिछली बैठकों में क्यों नहीं उठाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

बैठक में पहुंचे सांसद जगदंबिका पाल ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए जवाब देने के लिए सीडीओ के उपस्थित न होने पर नाराजगी जताई। बाद में जिला पंचायत सदस्य अब्दुल अलीम के आकस्मिक निधन पर शोक जताते हुए सर्वसम्मति से बैठक स्थगित कर दी गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत गरीबदास ने की। इस मौके पर मो.सईद भ्रमर, अफसर रिजवी, गंगा मिश्र, शफीक अहमद, दीनेंद्र दत्त यादव सहित विभिन्न विभागों के अफसर मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed