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गोशाला के सर्वश्रेष्ठ संचालन पर सम्मानित होंगे प्रधान व सचिव

Tue, 24 May 2022 11:46 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 24 May 2022 11:46 PM IST
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meeting for goshala
आंबेडकर सभागार में संचालित समस्त गौशालाओं के ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत की बैठक को संबोधित करते ? - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
गोशाला के सर्वश्रेष्ठ संचालन पर सम्मानित होंगे प्रधान व सचिव
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विकास भवन के आंबेडकर सभागार में गोशाला संचालन के लिए हुई कार्यशाला
गोशाला को आत्मनिर्भर बनाने की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। गोशाला को सर्वश्रेष्ठ तरीके से संचालित करने वाले जिले की तीन ग्राम पंचायतों के प्रधान एवं सचिव को स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। ये बातें सीडीओ पुलकित गर्ग ने विकास भवन के आंबेडकर सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कहीं। डॉ. आंबेडकर सभागार में जनपद में संचालित सभी गोशालाओं के ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत सचिव व तकनीकी सहायकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण हुआ।
मुख्य विकास अधिकारी पुलकित गर्ग ने सभी ग्राम पंचायत सचिवों, ग्राम प्रधानों को 15 दिन के अंदर वर्मी कंपोस्ट तैयार करने के निर्देश दिए। 100 पशुओं वाली गोशालाओं में इसकी शुरुआत करने के निर्देश दिए। जिला विकास अधिकारी शेषमणि सिंह ने कंपोस्ट पिट बनाने का व्यावहारिक ज्ञान दिया तथा उसमें आने वाली कठिनाइयों का निराकरण बताया। कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के वैज्ञानिक डॉ. एसएन सिंह ने वर्मी कंपोस्ट का गड्ढा तैयार करने के लिए बताया कि एक गड्ढा 10 फीट लंबा, तीन फीट चौड़ा, एक फीट गहरा तैयार करना पड़ेगा। इसमें पहले चारे का अवशेष भूसा, पुआल डालकर, उस पर पांच से छह पर्त गोबर डालें। गोबर एक से दो दिन पुराना होना चाहिए। इस प्रकार 50 से 60 दिन में केंचुआ खाद तैयार हो जाएगी। इसकी पैकेजिंग कर बाजार में 15 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक्री कर गोशाला की आय में वृद्धि की जा सकती है। इसके अतिरिक्त गोशाला में मत्स्य, मुर्गी व बकरी पालन कर गोबर में गोकास्ट गमला आदि बनाकर गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
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गोशाला में वर्ष भर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नेपियर घास लगाएं। इसकी जड़ें कृषि विज्ञान केंद्र सोहना पर उपलब्ध हैं। इस दौरान डॉ. महेंद्र तिवारी, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. नागेंद्र पांडेय, डॉक्टर बीके राव प्रभारी ने आत्मनिर्भर गोशाला के संचालन की जानकारी दी।
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