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Siddharthnagar News: हर मरीज पर रहेगी एनएमसी की नजर...नहीं कर पाएंगे गड़बड़ी
Sun, 16 Jun 2024 01:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 16 Jun 2024 01:28 AM IST
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फोटो-
जांच से लेकर दवा तक करनी है ऑनलाइन अपडेट
मरीज का पूरा ब्योरा, कौन-कौन सी दवा लिखी गई इसको भी करना है ऑनलाइन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में ओपीडी व इमरजेंसी में आने वाले मरीजों पर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की नजर रहेगी। एनएमसी ने सभी कार्यों को ऑनलाइन मोड में करने का सख्त निर्देश दिया है। इससे मरीजों को सभी सुविधाएं आसानी से मिल पाएंगी। साथ ही जांच बाहर से नहीं करवानी पड़ेगी।
मेडिकल कॉलेज में सभी सुविधाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है। जबकि पर्ची पर सही मोबाइल नंबर लिखवाने से मोबाइल पर ही मरीज की जांच रिपोर्ट मिल जा रही है। इससे मरीजों को लंबी लाइन में लगने से छुटकारा मिल रहा है। वही अब डॉक्टर भी मरीज को देने वाली दवा को ऑनलाइन कर रहे हैं, इससे जो दवा मेडिकल कॉलेज में नहीं रहेगी, वह पहले ही पता चल जाएगी। इससे अब दवा वितरण करने वाले मरीजों से बहाना नहीं बना पाएंगे। इसके साथ ही ऑनलाइन होने पर मरीजों को पेपर लेकर इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। पूर्व में ऑनलाइन व्यवस्थाएं नहीं होने से एनएमसी तक दो से तीन सौ मरीजों का डाटा जाता था, जिससे धांधली अधिक होती थी। लेकिन अब सभी मरीजों का ब्योरा सीधे एनएमसी के पास ही जाएगी। इसके साथ ही गंभीर व नए मरीजों का रिसर्च करने में भी आसानी होगी।
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प्रदेश किसी भी मेडिकल कॉलेज में मिलेगा ब्योरा
सिद्धार्थनगर। मेडिकल कॉलेज में दवा करवाने वाले मरीज ऑनलाइन सुविधा होने से किसी भी मेडिकल कॉलेज में अपनी दवा करवा पाएंगे। इसके लिए उन्हें पर्ची का सीरियल नंबर रखना होगा। इससे वह जिस भी मेडिकल कॉलेज में जाएंगे, वहां पर सीरियल नंबर बताने डॉक्टर उनका पूरा विवरण तत्काल पा जाएंगे। इससे मरीज को कौन सी बीमारी है, क्या-क्या और कब-कब जांच हुई है, कौन सी दवा चल रही है पूरा विवरण पता चल जाएगा। संवाद
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एनएमसी के निर्देश पर सभी विभागों में ऑनलाइन कार्य करने के निर्देश दे दिए हैं। इससे मरीजों को सुविधा मिलेगी। जबकि कुछ नए मरीज आने पर उनका रिसर्च भी हो सकेगा।
-राजेश मोहन, प्राचार्य
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जांच से लेकर दवा तक करनी है ऑनलाइन अपडेट
मरीज का पूरा ब्योरा, कौन-कौन सी दवा लिखी गई इसको भी करना है ऑनलाइन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में ओपीडी व इमरजेंसी में आने वाले मरीजों पर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की नजर रहेगी। एनएमसी ने सभी कार्यों को ऑनलाइन मोड में करने का सख्त निर्देश दिया है। इससे मरीजों को सभी सुविधाएं आसानी से मिल पाएंगी। साथ ही जांच बाहर से नहीं करवानी पड़ेगी।
मेडिकल कॉलेज में सभी सुविधाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है। जबकि पर्ची पर सही मोबाइल नंबर लिखवाने से मोबाइल पर ही मरीज की जांच रिपोर्ट मिल जा रही है। इससे मरीजों को लंबी लाइन में लगने से छुटकारा मिल रहा है। वही अब डॉक्टर भी मरीज को देने वाली दवा को ऑनलाइन कर रहे हैं, इससे जो दवा मेडिकल कॉलेज में नहीं रहेगी, वह पहले ही पता चल जाएगी। इससे अब दवा वितरण करने वाले मरीजों से बहाना नहीं बना पाएंगे। इसके साथ ही ऑनलाइन होने पर मरीजों को पेपर लेकर इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। पूर्व में ऑनलाइन व्यवस्थाएं नहीं होने से एनएमसी तक दो से तीन सौ मरीजों का डाटा जाता था, जिससे धांधली अधिक होती थी। लेकिन अब सभी मरीजों का ब्योरा सीधे एनएमसी के पास ही जाएगी। इसके साथ ही गंभीर व नए मरीजों का रिसर्च करने में भी आसानी होगी।
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प्रदेश किसी भी मेडिकल कॉलेज में मिलेगा ब्योरा
सिद्धार्थनगर। मेडिकल कॉलेज में दवा करवाने वाले मरीज ऑनलाइन सुविधा होने से किसी भी मेडिकल कॉलेज में अपनी दवा करवा पाएंगे। इसके लिए उन्हें पर्ची का सीरियल नंबर रखना होगा। इससे वह जिस भी मेडिकल कॉलेज में जाएंगे, वहां पर सीरियल नंबर बताने डॉक्टर उनका पूरा विवरण तत्काल पा जाएंगे। इससे मरीज को कौन सी बीमारी है, क्या-क्या और कब-कब जांच हुई है, कौन सी दवा चल रही है पूरा विवरण पता चल जाएगा। संवाद
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एनएमसी के निर्देश पर सभी विभागों में ऑनलाइन कार्य करने के निर्देश दे दिए हैं। इससे मरीजों को सुविधा मिलेगी। जबकि कुछ नए मरीज आने पर उनका रिसर्च भी हो सकेगा।
-राजेश मोहन, प्राचार्य